धर्म जोड़ने का काम करता है, तोड़ने का नहीं: आचार्य ज्ञानसागर
संकट के समय में सम्बल प्रदान कर मानव मात्र की रक्षा करते हैं मंत्र: मुनि पीयूष
तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य मुनि धर्मचंद पीयूष ठाना 3 के सानिध्य में रविवार काे गुलाबबाड़ी स्थित प्रज्ञादीप भवन में कोरोना वायरस से बचाव के लिए अनुष्ठान किया गया। इस दाैरान मुनि धर्मचंद पीयूष ने कहा कि मंत्रो की शक्ति असीमित होती है। मंत्र किसी भी आदि, व्याधि, उपाधि तथा संकट के समय में सम्बल प्रदान कर मानव मात्र की रक्षा करते है। मुनि रश्मि कुमार ने कहा कि विपत्ति में सम्भाव से मंत्रों के स्मरण से भय से मुक्ति व शीतलता का अहसास कराते हैं। मंत्रो के स्मरण से मानव मात्र की रक्षा होती है। मुनि प्रियांशु कुमार ने भी विचार रखे। इस दाैरान सभा अध्यक्ष रतनलाल जैन, महिला मंडल, युवक परिषद् ने भी मुनिश्री के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।
कोटा. घृणा द्वेष को मिटाकर सामंजस्य का झरना बहाने का कार्य होली करती है। धर्म जोड़ने का काम करता है, तोड़ने का नहीं। धर्म द्वार है दीवार नहीं। धर्म सुई का काम करता है कैंची का नहीं। महिला ही महिला के लिए खड़ी होने लगे तो महिला उत्पीड़ऩ ही न हो। यह बात महावीर दिगंबर जैन मंदिर तलवंडी में आयोजित अष्टान्हिका पर्व पर आचार्य ज्ञानसागर महाराज ने प्रवचन में कही। तरुण भैया द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ सामूहिक शांतिधारा, मंगलाष्टक, दिग्बंध, अभिषेक व नित्य पूजा कराई। सिद्धचक्र महामंडल विधान व विश्व कल्याण कामना महायज्ञ के छठे दिन 512 अध्र्य दिए। शाम को पुण्यार्जक परिवार तथा तलवंडी जैन समाज द्वारा महाआरती की। विधायक संदीप शर्मा ने महाराज को श्रीफल चढ़ाकर आशीर्वाद लिया। आचार्य ज्ञानसागर का पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट किया। भक्तगण णमोकार महामंत्र का जाप, भक्तामर स्तोत्र का पाठ और भजन संध्या पर झूमते रहे। तरूण भैया ने भजन, मंत्रों पर श्रद्धालु दोनों हाथ उठाकर मुनिसंघ के जयकारे लगाने लगे। शाम को महिला सीए को संबोधित करते हुए कहा कि घर का हिसाब यदि महिला के हाथ में होता है तो समृद्धि आती है। महिला सीए भी धन का हिसाब रखते हुए धर्म की प्रभावना बढ़ाने के लिए कार्य करें।