राजस्थान / कोटा: पुलिस कस्टडी में युवक की मौत पर सीआई सस्पेंड, पूरा थाना हुआ लाइन हाजिर



whole police station staff line spot in youth death in police custody
मृत युवक। फाइल फोटो मृत युवक। फाइल फोटो
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whole police station staff line spot in youth death in police custody
मृत युवक। फाइल फोटोमृत युवक। फाइल फोटो

  • 23 अगस्त को महावीर नगर थाने में हुई थी युवक की मौत, पत्नी ने पुलिस पर लगाए थे हत्या के आरोप
  • एसपी का कहना- जांच प्रभावित नहीं हाे, इसीलिए थाने में तैनात पूरे स्टाफ पर यह कार्रवाई की गई है

Dainik Bhaskar

Aug 28, 2019, 02:19 AM IST

कोटा. महावीर नगर थाने में 23 अगस्त को पुलिस कस्टडी में हुई युवक हनुमान की मौत के मामले में मंगलवार को सिटी एसपी दीपक भार्गव ने सीआई महेश सिंह को रविवार काे लाइन हाजिर करने के बाद मंगलवार काे सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, पूरे थाने को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पूरे थाने के स्टाफ के लाइन हाजिर हाेने का ये काेटा का संभवतया पहला मामला है।


एसपी ने बताया कि मामले की न्यायिक जांच होनी है। जांच प्रभावित नहीं हाे इसलिए थाने के सीआई को सस्पेंड व वहां पर तैनात पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया जाता है। गाैरतलब है कि महावीर नगर पुलिस ने 23 अगस्त काे हनुमान काे शांतिभंग के मामले में गिरफ्तार किया था। सुबह करीब 9.30 से 10 बजे के बीच हनुमान की अचानक तबीयत खराब हुई। थाने का स्टाफ उसे मेडिकल कॉलेज ले गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

 

4 माह पहले चौकी हुई थी लाइन हाजिर

एसपी ने 4 माह पहले बजरी माफिया से मिलीभगत के आराेप में बड़गांव पुलिस चाैकी के सभी पुलिसकर्मियाें काे लाइन हाजिर कर दिया था। वहीं, बोरखेड़ा पुलिस चौकी के प्रभारी को होटल मालिक को धमकाने पर हटा दिया गया था।

 

रिकाॅल : मृतक की पत्नी ने पुलिस पर लगाए थे हत्या के आराेप

हनुमान की माैत के दो दिन बाद रविवार उसकी पत्नी नाथी बाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने थाने में उसके पति को जमकर पीटा, जिससे उसकी माैत हुई। नाथी बाई ने पुलिसकर्मियाें पर हत्या का आराेप लगाया था। आराेप है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद परिजनों को सूचना नहीं दी। कागजों पर साइन करवाने के बाद सीधे मौत की जानकारी दी गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को देने के बजाए पुलिस ने खुद ही अंतिम संस्कार करवा दिया।

 

अंतिम संस्कार के रीती-रिवाज पूरे नहीं करने दिए और बच्चों को पिता का चेहरा तक नहीं दिखाया गया। हालांकि पुलिस ने मारपीट के आरोपाें काे झूठा बताते हुए कहा था कि शव उसके भाई के सुपुर्द किया और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार करवाया। इसके बाद काेली समाज ने पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए परिजनाें काे 20 लाख मुआवजा और सरकारी नाैकरी देने की मांग की थी। इस मामले में कलेक्टर काे ज्ञापन भी दिया गया था।

 

21 पुलिसकर्मी हुए लाइन हाजिर

डीजीपी के निर्देश पर एसपी दीपक भार्गव ने थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर सहित 21 पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इसमें एसआई रामस्वरूप मीणा, धर्मराज सिंह, रघुराज सिंह, बाबूलाल मीणा, उदय सिंह, हैड कांस्टेबल रामकिशोर, रामहेत, देवेंद्र, धर्मेंद्र यादव, शकुंतला, बलवंत सिंह, प्रभुलाल मीणा, अनिता, कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार, भूपाल सिंह, महेश, पंकज शर्मा, संजू शर्मा, रघुनाथ राम, लालचंद्र, सुरेंद्र कुमार को लाइन हाजिर किया गया। इससे पहले पुलिस अधीक्षक ने रविवार को सीआई महेश सिंह को निलंबित कर दिया था।

 

देवनानी की अगुवाई में आज जांच के लिए कोटा आएगी भाजपा कमेटी
भाजपा ने इस पूरे प्रकरण की तहकीकात के लिए वरिष्ठ नेताओं की एक टीम बनाई है, जो बुधवार को कोटा आएगी। जिलाध्यक्ष हेमंत विजयवर्गीय ने बताया कि पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी, रामकिशोर मीणा व विधायक मदन दिलावर की कमेटी बनाई गई है।

 

अगर पुलिस कस्टडी में मौत हो जाती है, तो पुलिस की लापरवाही या मारपीट से मौत का आरोप लगाया जाता है। ऐसे में पूरे मामले की न्यायिक जांच हाेती है। जांच प्रभावित नहीं हाे इसलिए नियमों के अनुसार थाने के सीआई को सस्पेंड व थाने में तैनात पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया जाता है।- दीपक भार्गव, एसपी

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