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टंकी में कीटनाशक डाला, 70 लोग बीमार, 13 भर्ती, लापरवाही पर एएनएम एपीओ...शक गांव के ही व्यक्ति ने रची साजिश

बलाइयों का झोपड़ा गांव की टंकी में किसी ने कीटनाशक डाल दिया। मंगलवार सुबह पानी पीने से करीब 70 लोग बीमार हो गए। गांव...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 16, 2018, 05:05 AM IST

टंकी में कीटनाशक डाला, 70 लोग बीमार, 13 भर्ती, लापरवाही पर एएनएम एपीओ...शक गांव के ही व्यक्ति ने रची साजिश
बलाइयों का झोपड़ा गांव की टंकी में किसी ने कीटनाशक डाल दिया। मंगलवार सुबह पानी पीने से करीब 70 लोग बीमार हो गए। गांव में ही लोगों का प्राथमिक उपचार किया गया। 13 को कोटड़ी सीएचसी में भर्ती किया है। गांव में 10 हजार लीटर क्षमता वाली टंकी में कीटनाशक की थैली मिली। टंकी में पानी ज्यादा होने व दवा अवधिपार होने से दवा का असर कम होने से लोगों की जान बच गई।

ग्रामीणों ने कहा कि किसी ने साजिश रची है। सूचना पर पुलिस के साथ चिकित्सा व जलदाय विभाग की टीमें गांव पहुंची। घर-घर सर्वे कर स्वास्थ्य जांच की गई। पानी के सैंपल लिए। ग्रामीणों की सूचना के बावजूद इलाज के लिए गांव नहीं पहुंचने पर गहुली उप स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम गीता मीणा को एपीओ कर कोटड़ी सीएचसी में लगाया। टंकी में कीटनाशक डालने वाले का पता नहीं चला है। पुलिस भी किसी की साजिश मानकर मामले की जांच कर रही है।

मंगलवार सुबह महिलाएं व पुरुष टंकी पर पानी भरने गए। पानी पीने के बाद घर के लोगों की तबीयत खराब होने लगी। लोगों को उल्टी-दस्त व चक्कर आने लगे। सफाई कराकर टंकी में ब्लीचिंग पाउडर डाला गया। पानी के सैंपल भी लिए हैं।

शक क्यों | एकमात्र टंकी 10 फीट ऊंची, ऊपर चढ़कर डाला खरपतवार नष्ट करने वाला रसायन, जो जानलेवा है

बदहाल इंतजाम...देखते ही देखते बीमार लोगों की संख्या बढ़ने लगी। यह देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने 3 किमी दूर स्थित गहुली उप स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एएनएम को सूचना दी। ग्रामीणों का आरोप है कि एएनएम ने कहा कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही वह गांव आएगी। इस पर बाबूलाल ने सीआई भंवर सिंह गौड़ को घटना की जानकारी दी। पुलिस जाब्ता गांव पहुंचा। करीब 2 घंटे बाद चिकित्सा विभाग की टीम पहुंची। प्रत्येक परिवार के स्वास्थ्य की जांच की। गांव में जनता जल योजना के तहत बनाई गई टंकी की क्षमता 10 हजार लीटर की है। बाद में पता चलने पर लोगों ने टंकी का पानी उपयोग में नहीं लिया।

एक्सपर्ट व्यू

सहायक कृषि अधिकारी गोपाल जोशी ने बताया कि गांव की टंकी में मिली दवा का उपयोग मक्का की फसल में खरपतवार नष्ट करने के लिए किया जाता है। यह कीटनाशक से ज्यादा खतरनाक होती है। पुडिय़ा 50 एमएल की थी। टंकी में पानी ज्यादा होने और दवा अवधिपार होने से इसका असर कम हो गया था। पानी कम होता तो लोगों की जान भी जा सकती थी। खरपतवार नाशक दवा का असर करीब तीन दिन रहता है। इससे उल्टी, जी घबराने आदि शिकायत होती है। पीड़ित को गर्म पानी पिलाकर उल्टी कराने से इसका असर कम हो जाता है।

अवधिपार होने से असर कम हुआ

सिर्फ एक पेयजल टंकी... गांव में जनता जल योजना की यह एकमात्र टंकी है। रोज सुबह टंकी पर पीने का पानी लेने महिलाएं पहुंचती हैं। मंगलवार सुबह भी महिलाएं टंकी पर पानी लेने पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि टंकी पर लगे नल से पानी भरने के दौरान बाल्टी में झाग होने लगे। पानी मटमैला दिख रहा था। लोगों को लगा कि किसी ने टंकी में सर्फ डाल दिया होगा। पानी से बदबू आ रही थी। गांव के बाबू लाल बलाई ने बताया कि टंकी का ढक्कन खोलकर देखा तो अंदर 500 एमएल दवा का पैकेट पड़ा था। पैकेट निकाला तो दवा पानी में घुल चुकी थी। पीएचईडी के जेईएन देशराज बैरवा ने बताया कि टंकी का पानी खाली कराया गया।

लापरवाही ही हद | उप स्वास्थ्य केंद्र में सूचना दी एएनएम नहीं आई, दो घंटे बाद शुरू हुआ इलाज, खुले में लेटाए मरीज

गांव में खुले में पलंग पर चढ़ाई ड्रिप, तीन दिन गांव में ही रहेगी टीमें... बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने पर गांव में घरों के बाहर ही पलंग डालकर इलाज किया। हर घर के बाहर पलंग पर बीमार लोग थे।

फिलहाल चिकित्सा टीमें 3 दिन गांव में ही रहेंगी। इस गांव में 60 परिवार रहते हैं।

शक...सोमवार रात किसी ने टंकी में कीटनाशक की थैली डाल दी। मंगलवार सुबह महिलाएं टंकी से पानी लेकर घर पहुंची। पानी पीते ही लोग बीमार होने लगे।

लापरवाही...ग्रामीणों ने बताया कि गहुली उप स्वास्थ्य केंद्र में सूचना दी, लेकिन एएनएम गीता मीणा गांव नहीं आई। करीब दो घंटे बाद चिकित्सा विभाग की टीम गांव पहुंची। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए।

अवधिपार था कीटनाशक... डिप्टी सीएमएचओ डॉ. घनश्याम चावला ने बताया कि कोटड़ी सीएचसी में 13 लोगों को भर्ती किया गया। देर शाम सभी को छुट्टी दे दी गई। टंकी में मिली थैली खरपतवार नाशक दवा की थी। टंकी में पानी ज्यादा होने और दवा अवधिपार होने से इसका असर ज्यादा नहीं हुआ। हमने पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। देवी प|ी गोपीलाल, मगनी देवी प|ी नंदलाल, लालाराम पुत्र छीतरमल, खाना पुत्र मोड़ा लाल, सोहन पुत्र बालू लाल, शंकर पुत्र नारायण, मांगी देवी प|ी छीतर लाल, रतनलाल पुत्र नंदलाल, हीरु देवी प|ी खाना लाल आदि करीब 13 लोगों को भर्ती किया।

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