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25 भट्टियों पर रोज 25 हजार भक्तों का खाना बना रहे हैं 200 हलवाई

भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा चारभुजानाथ मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय स्वर्ण कलश स्थापना महोत्सव में आने वाले...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 09, 2018, 05:20 AM IST

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    भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

    चारभुजानाथ मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय स्वर्ण कलश स्थापना महोत्सव में आने वाले भक्तों के लिए प्रतिदिन खाना तैयार हो रहा है। भोजनशाला में 25 भट्टियां लगाई गई हैं। करीब 25 हजार भक्तों के लिए सुबह-शाम का भोजन व नाश्ता तैयार करने के लिए करीब 200 हलवाई लगाए गए हैं। प्रतिदिन अलग-अलग वैरायटी का खाना तैयार हो रहा है। मंगलवार को भक्तों के लिए दाल-बाटी बनाई गई। बाटी तलने के लिए 10 बड़े कढ़ाव लगाए गए। श्रद्धालुओं को खाना परोसने के लिए गुर्जर समाज के लोग जुटे हैं।

    बनकाखेड़ा पंचायत के कंवलियास निवासी गोपाल शर्मा, विष्णु शर्मा तथा घीसू शर्मा के साथ 200 हलवाइयों की टीम वातानुकूलित पांडाल में भोजन तैयार कर रही है। हलवाई विष्णु शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन 25 हजार लोगों के लिए सुबह का नाश्ता और सुबह-शाम के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है। गुर्जर समाज समिति के संयोजक व विधायक धीरज गुर्जर, अध्यक्ष कल्याण गुर्जर सहित कमेटी के सदस्य एक दिन पहले अगले दिन बनने वाले खाने का मीनू तय करते हैं। सुबह 5 बजे से नाश्ता व भोजन बनाने की तैयारी शुरू हो जाती है। जमीन में बनाई गई 20 भट्टियां लकड़ी व पांच भट्टी गैस से चल रही हैं। पांच कढ़ाव में दाल व 10 कढ़ाव में बाटी बनाई जाती है। कभी पूड़ी तो कभी बाटी बनाई जा रही है। मिठाई में बेसन चक्की, नुगती, बर्फी, चूरमा आदि बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 5 भट्टी पर रखी कढ़ाव में दाल-सब्जी तथा 10 कढ़ाव में तलमा बाटी व पूडी बनाई जा रही है। भोजनशाला प्रमुख सवाईराम गुर्जर, हरलाल गुर्जर तथा भागुता गुर्जर ने बताया कि भोजन देशी घी व तेल में तैयार किया जा रहा है। भोजन प्रसादी परोसने के लिए केटर्स की व्यवस्था की गई है। गुर्जर समाज के युवा सेवा दे रहे हैं। भोजन पंगत में खिलाया जाता है।

    कोटड़ी चारभुजा में नौ दिवसीय महोत्सव, सेवा में जुटे गुर्जर समाज के युवा, दाल-बाटी व सब्जी-पूड़ी बनाने के लिए लगाए 15 बड़े कढ़ाव

    भोजनशाला...रोज अलग-अलग व्यंजन बना रहे हैं, सुबह नाश्ता और दोनों समय का खाना बना रहे हैं हलवाई

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    भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

    चारभुजानाथ मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय स्वर्ण कलश स्थापना महोत्सव में आने वाले भक्तों के लिए प्रतिदिन खाना तैयार हो रहा है। भोजनशाला में 25 भट्टियां लगाई गई हैं। करीब 25 हजार भक्तों के लिए सुबह-शाम का भोजन व नाश्ता तैयार करने के लिए करीब 200 हलवाई लगाए गए हैं। प्रतिदिन अलग-अलग वैरायटी का खाना तैयार हो रहा है। मंगलवार को भक्तों के लिए दाल-बाटी बनाई गई। बाटी तलने के लिए 10 बड़े कढ़ाव लगाए गए। श्रद्धालुओं को खाना परोसने के लिए गुर्जर समाज के लोग जुटे हैं।

    बनकाखेड़ा पंचायत के कंवलियास निवासी गोपाल शर्मा, विष्णु शर्मा तथा घीसू शर्मा के साथ 200 हलवाइयों की टीम वातानुकूलित पांडाल में भोजन तैयार कर रही है। हलवाई विष्णु शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन 25 हजार लोगों के लिए सुबह का नाश्ता और सुबह-शाम के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है। गुर्जर समाज समिति के संयोजक व विधायक धीरज गुर्जर, अध्यक्ष कल्याण गुर्जर सहित कमेटी के सदस्य एक दिन पहले अगले दिन बनने वाले खाने का मीनू तय करते हैं। सुबह 5 बजे से नाश्ता व भोजन बनाने की तैयारी शुरू हो जाती है। जमीन में बनाई गई 20 भट्टियां लकड़ी व पांच भट्टी गैस से चल रही हैं। पांच कढ़ाव में दाल व 10 कढ़ाव में बाटी बनाई जाती है। कभी पूड़ी तो कभी बाटी बनाई जा रही है। मिठाई में बेसन चक्की, नुगती, बर्फी, चूरमा आदि बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 5 भट्टी पर रखी कढ़ाव में दाल-सब्जी तथा 10 कढ़ाव में तलमा बाटी व पूडी बनाई जा रही है। भोजनशाला प्रमुख सवाईराम गुर्जर, हरलाल गुर्जर तथा भागुता गुर्जर ने बताया कि भोजन देशी घी व तेल में तैयार किया जा रहा है। भोजन प्रसादी परोसने के लिए केटर्स की व्यवस्था की गई है। गुर्जर समाज के युवा सेवा दे रहे हैं। भोजन पंगत में खिलाया जाता है।

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    1. दाल-सब्जी के लिए भटि्टयों पर चढ़ाए गए कढ़ाव।

    2. भोजनशाला में बाटी और पूड़ी बनाने के लिए थाल में आटा तैयार करते हलवाई।

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