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दो महिलाएं सात माह से पेंशन के लिए काट रही चक्कर

पावटा पंचायत समिति के ग्राम पंचायत बड़नगर की दो विधवाओं को पिछले 7 महीने से पेंशन नहीं मिल रही है जबकि रिकार्ड के...

Danik Bhaskar | Mar 12, 2018, 05:30 AM IST
पावटा पंचायत समिति के ग्राम पंचायत बड़नगर की दो विधवाओं को पिछले 7 महीने से पेंशन नहीं मिल रही है जबकि रिकार्ड के अनुसार उनकी प्रतिमाह पेंशन ऑनलाइन बैंक में भेजी जा रही है।

दोनों विधवाएं सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट-काट कर थक चुकी है, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। हालांकि इस दौरान पता चला कि ऑनलाइन रिकार्ड में गड़बड़ी कर किसी ने इन दोनों विधवाओं की पेंशन किसी अन्य के बैंक खातों में ऑनलाइन डलवाई जा रही है।

पीड़ित विधवाओं ने कहा कि प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार मिटाने की बात कर रहे है मगर हम तो परेशान है।

बड़नगर का मामला

ऑनलाइन होने के बाद रिकार्ड में पेंशन मिलना जारी, विधवाओं ने मांगा न्याय, कहीं सुनवाई नहीं

केस -1

पीडित बड़नगर निवासी विधवा गेंदी देवी (97) प|ी कन्हैयालाल जांगिड व गेंदी देवी (92) प|ी नाथू सिंह ने बताया कि पूर्व में हम दोनों को डाकघर से हर महीने पेंशन मिल जाती थी। पिछले 7 महीने से पेंशन नहीं मिल रही। पता करवाया तो जानकारी मिली कि प्रतिमाह हम दोनों की पेंशन किसी आमेर के एसबीआई खाता नम्बर 37169288866 में जमा हो रही है। मैंने आमेर संबंधित बैक में जाकर खाते की डिटेल जानी तो उसमें बैक कर्मचारी ने बताया कि यह यहां का खाता नहीं है यह तो दौसा निवासी रवि कुमार मीणा के नाम से है जिसमें पेंशन प्रति माह जा रही है। जब गेंदी देवी ने बैंक कर्मचारी से पूछा कि इसमें तो आॅनलाइन साइट पर आपके आमेर बैंक का नाम आ रहा है ताे बैंक वाले ने बताया कि यह मेरे को पता नहीं है। कैसे क्या हुआ। मैं इतना ही बता सकता हूं कि यह आमेर का खाता नहीं है। यह दौसा का खाता है।

केस -2

दूसरा बैंक खाता संख्या की राज एसएसपी पर जांच करवाने पर पाया गया कि कोटपूतली बैंक आफ़ बडौदा खाता संख्या 58578100000631 है, में किसी तरह से बैंक पहुंची तो बैक कर्मचारियों से पूछताछ की तो बताया कि यह खाता हमारे कोटपूतली बैंक का नहीं है। मैंने पूछा कि पेंशन विभाग में तो आपकी ब्रांच का नाम आ रहा है तो बैंक कर्मचारी ने बताया कि यह खाता नम्बर दौसा जिले के दिलखुश शर्मा के नाम से है। उसी में प्रति माह पेंशन जा रही है। यह मैं नहीं बता सकता कि हमारी ब्रांच का आनलाइन नाम कैसे आया। इसके पश्चात मैंने दौसा जाने की सोची जिस पर किसी ने बताया कि जांच में जब दौसा का आपके पास बैंक सम्बन्धी कुछ दस्तावेज ही नहीं है तो वहां जाकर क्या करोगी। वहां से वे भी तीसरी जगह भेज देंगे फिर इसके पश्चात उन्हाेंने एसडीएम के पास जाने की बता कही गई। 97 वर्षीय महिला अपने पोते महेंद्र जांगिड को कोटपूतली एसडीएम के पास गई तो वहां पेंशन संबंधी समस्त दस्तावेज दिखाए तो उन्होंने बताया कि जिनके अंगूठे निशान नहीं आते है तो उनका सत्यापन विकास अधिकारी की आईडी से किया जाता है। इस मामले की बीडीओ से जांच करवाकर दोषी के खिलाफ़ कार्रवाई करवाई जाएगी।

क्या है मामला

भास्कर की पड़ताल में पता चला कि बड़नगर निवासी गेंदी देवी प|ी नाथु सिंह विधवा पेंशन क्रंमांक आरजेएस 03610090 है। दूसरी पीडित गेंदी देवी प|ी कन्हैयालाल जांगिड विधवा पेंशन क्रंमाक आरजेएस 04378029 है। इसमें किसी ने आनलाइन सभी दस्तावेज बदल दिए। ऐसे में वह पिछले 7 माह से 750 रुपए प्रतिमाह पेंशन का गबन कर रहा है जबकि विधवा पेंशन 1500 रुपए हो गई है। ऐसे में दोनों विधवाएं सभी कार्यालयों के चक्कर काट के परेशान हो गई है।