कोटपूतली

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मन में दृढ़ संकल्प हो तो मंजिल दूर नहीं

कार्यालय संवाददाता | कोटपूतली राजनीतिक एवं प्रशासनिक सेवा एक दूसरे के पूरक है। बस, मन में गरीब, बेचारा, दीन दुःखी...

Dainik Bhaskar

May 14, 2018, 05:10 AM IST
कार्यालय संवाददाता | कोटपूतली

राजनीतिक एवं प्रशासनिक सेवा एक दूसरे के पूरक है। बस, मन में गरीब, बेचारा, दीन दुःखी एवं समाज और देश के लिए कुछ करने का जज्बा हो। यह बात मदर डे पर रविवार को हाईवे पर स्थित एक होटल में प्रेस वार्ता के दौरान एक सवाल के जबाब में हाल ही में आईएएस बनी भाजपा नेता अतरसिंह भड़ाना की बेटी किरण भड़ाना ने कही।

किरण ने कहा कि मेरे माता-पिता का वर्षों से सपना था कि, मैं आईएएस बनूं। और एक बेटी की खुशी तब और बढ़ जाती है जब वह मां-बाप के सपनों को पूरा करके दिखाती है। तीन बहनों में सबसे छोटी किरण ने बताया कि वह इस परीक्षा में तीसरी बार सफलता हासिल करके 140 वीं रैंक हासिल की है। अक्सर लड़कों की तुलना में लड़कियां आईएएस कम क्यों बन पाती है के सवाल पर भड़ाना ने कहा कि ज्यादातर लड़कियों के मन में यह डर बैठा रहता है कि उनकी शादी कम उम्र में कर दी जाएगी। इसी डर के चलते ज्यादातर लड़कियां जीवन में उन मंजिलों को हासिल नहीं कर पाती है जिनकी इच्छा वे मन में रखती है। फरीदाबाद के पाली में जन्मी किरण कहती हैं कि मन में दृढ़ संकल्प हो तो मंजिल दूर नहीं होती। 26 वर्षीय किरण साफ तौर पर मानती हैं कि जीवन में आगे बढ़ना घर के वातावरण पर भी निर्भर करता है। किरण ने 12वीं तक की पढ़ाई अपने गांव में करने के बाद कॉलेज स्तर की पढ़ाई दिल्ली स्थित जेएनयू कॉलेज से की। इस अवसर पर दिनेश मित्तल ,पीसी रावत,आनन्द मित्तल, जेपी सैनी,अमरसिंह कसाणा आदि ने किरण को गुलदस्ता भेंट कर मदर डे पर उन्हें बधाई दी।

बच्चों से शेयर किए अनुभव

किरण से वहां पर उपस्थित बच्चों ने उनसे आईएएस में आने वाली समस्याओं के बारे में कई सवाल पूछे। जिनका बेबाक किरण ने बहुत ही निराले अंदाज में जबाब दिए तथा अपने अनुभव शेयर किए। किरण ने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी व्यक्ति को हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर कहा कि लड़कियों की शादी कम उम्र में नहीं करनी चाहिए। इस कारण वे जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पाती है। इस मौके पर किरण के पिता एवं भाजपा नेता अतर सिंह भड़ाना ने कहा कि वर्षों से उनकी इच्छा थी कि उनकी बेटी आईएएस बनकर देश सेवा का काम करें। आज मुझे खुशी है “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” के नारे को मैंने हकीकत में साकार करके दिखाया है।

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