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बीडीएम अस्पताल को मिली अत्याधुनिक सुविधाओं से सज्जित सिलिकोसिस वैन

कोटपूतली| पत्थर की खदानों और मिनरल फैक्ट्रियों में काम करने के दौरान सिलिकोसिस जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 13, 2018, 05:35 AM IST

बीडीएम अस्पताल को मिली अत्याधुनिक सुविधाओं से सज्जित सिलिकोसिस वैन
कोटपूतली| पत्थर की खदानों और मिनरल फैक्ट्रियों में काम करने के दौरान सिलिकोसिस जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे क्षेत्र के श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर है। इसको लेकर सरकार ने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस सिलिकोसिस वैन बीडीएम अस्पताल को आवंटित की है। पीएमओ डॉ. रतिराम यादव ने बताया कि वैन में सभी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मौजूद है। प्रत्येक सोमवार को कोटपूतली व प्रत्येक शुक्रवार को अलवर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर शिविर लगाते हुए सिलिकोसिस मरीजों का उपचार करेगी।

15 दिनाें में मिलेगा डिजीटल प्रमाण पत्र : सिलिकोसिस से पीडित श्रमिकों को मुआवजा राशि लेने में आ रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने मुआवजे की प्रक्रिया को सरलीकरण के मकसद से डिजीटल सर्टिफिकेट देने की योजना शुरू की है। सामान्य प्रमाण पत्र में जहां जांच होने के बाद भी मरीज को बीमारी का प्रमाण पत्र मिलने में माह से एक साल तक का समय लगता था तो वहीं अब डिजीटल सर्टिफिकेट जांच के बाद महज 15 दिनों में जारी हो जाएगा। डिजीटल सर्टिफिकेट जारी होने के बाद श्रमिकों को मुआवजा सीधा उनके खाते में संबंधित विभाग द्वारा जारी कर दिया जाता है। मरीजों का श्रम विभाग, खनन विभाग और समाज कल्याण विभाग से भी सहायता राशि मिलती है। सरकार की ऑनलाइन व्यवस्था से मरीजों को काफी राहत मिलेगी। वेरिफिकेशन प्रमाण पत्र पेश नहीं करना पड़ेगा।

यह है प्रक्रिया : जांच के दौरान श्रमिक का आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड और बैंक खाते की डीटेल भी ली जाती है। इससे अगर जांच के बाद जिला क्षय रोग अधिकारी द्वारा पॉजीटिव मरीजों के डिजीटल प्रमाण पत्र जारी की जिला कलेक्टर के पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। यहां से अगर श्रमिक माइनिंग से जुड़ा हो तो एमई और अगर अन्य मजदूरी से जुड़ा हो तो लेबर डिपार्टमेंट के पास जाता है। अगर माइनिंग से जुड़ा श्रमिक को तो माइनिंग विभाग द्वारा श्रमिक के खाते में 1 लाख और अगर लेबर डिपार्टमेंट से जुड़ा हो तो उसके खाते में लेबर डिपार्टमेंट से 2 लाख रुपए महज 15 से 20 दिनो में ट्रांसफर कर दिए जाते है।

कोटपूतली. सिलिकोसिस नियंत्रण के लिए बीडीएम अस्पताल में आई वैन।

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