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पोल पर लगेंगे जीपीएस सिस्टम, आंकडे़ डालते ही पकड़ में आएंगे बिजली चोर

कार्यालय संवाददाता | कोटपूतली बिजली की चोरी पर अब पूरी तरह से लगाम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके चलते अब...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 10, 2018, 05:40 AM IST

पोल पर लगेंगे जीपीएस सिस्टम, आंकडे़ डालते ही पकड़ में आएंगे बिजली चोर
कार्यालय संवाददाता | कोटपूतली

बिजली की चोरी पर अब पूरी तरह से लगाम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके चलते अब कोटपूतली एक्सईएन कार्यालय के तहत कार्यरत 119 फीडरो की जियो टैगिंग की जा रही है। इन पर जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। इससे संबंधित फीडर के जितने भी पोल लगे हुए है। उनकी पूरी लेाकेशन फीडर इंचार्ज के पास रहेगी। जैसे ही कोई पोल पर आंकडे डालकर बिजली की चोरी करेगा, उसका पता संबंधित फीडर इंचार्ज को लग जाएगा। इसके बाद बिजली चोरी करने वाले की धरपकड़ भी तुरंत ही हो सकेगी। अभी जीपीएस सिस्टम लगाने का काम शुरू हो चुका है। इसका एक फायदा यही भी होगा कि किसी भी क्षेत्र में टेढे मेढे पोलों को तुरंत ही ठीक करवाया जा सकेगा। दरअसल क्षेत्र में अभी 40 फीसदी से अधिक बिजली चोरी होती है। जयपुर बिजली निगम के लाख प्रयास के बावजूद बिजली की चोरी नहीं रूक पा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब बिजली पोल की पूरी लोकेशन फीडर इंचार्ज के मोबाइल पर रहेगी। उनको तुरंत ही बिजली चोरी का पता चल सकेगा। जैसे ही किसी बिजली उपभोक्ता के यहां लाइन संबंधित कोई परेशानी होगी तो संबंधित उपभोक्ता तक बिजली कर्मचारी जीपीएस सिस्टम से लोकेशन ट्रेस कर तुरंत ही पहुंच सकेंगे। सभी बिजली पोल और ट्रांसफॉर्मर जियो टैगिंग सिस्टम से जुड़ने के बाद संबंधित कर्मचारी मोबाइल पर आसानी से लोकेशन ट्रेस कर सकेगा।

अभी 40 फीसदी होती है चोरी, फीडर इंचार्ज के मोबाइल पर पूरी लोकेशन

कोटपूतली. बिजली चोरी रोकने के लिए इन दिनों बिजली निगम जियो ट्रैकिंग के साथ बिजली मीटर इस तरह बिजली पोल पर लगा रहा है।

इस तरह से काम करेगी जियो टैगिंग

बिजली निगम के नारेहड़ा एईएन राहुल यादव ने बताया कि जयपुर डिस्कॉम की और से एंड्रॉयड आधारित साफ्टवेयर एप तैयार किया गया है। इसके जरिए जयपुर डिस्कॉम के फीडर इंचार्ज का ऑनलाइन सर्वे कार्य किया जाएगा। इसको बिजली निगम के अधिकारी और कर्मचारी अपने मोबाइल पर अपलोड करेंगे। इसके बाद उनके मोबाइल पर एक मैप आएगा। संबंधित उपभोक्ता का फाेन आने के बाद इंजीनियर उनका खाता नंबर डालकर उसकी लोकेशन का पता लगा सकेंगे। निगम से मिले आदेश के बाद यहां बिजली निगम के कर्मचारियों ने शहर के पोल और ट्रांसफॉर्मर को चिह्नित करने का काम शुरू किया है।

मीटर से होने वाली चोरी रोकना रहेगी चुनौती

जयपुर डिस्कॉम की और से सभी फीडरों की जियो टैगिंग करने के बाद जीपीएस सिस्टम से जोड़ने की कवायद होने के बाद बिजली निगम पोल से आंकडे डालकर होने वाली चोरी तो रूक सकती है, लेकिन घरों के मीटरों में विभिन्न प्रकार से हाेने वाली चोरी रोकना जयपुर डिस्कॉम के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। अभी मीटरों को रिमोट, मैग्नेट से बंद करने सहित कई नए तरीके लोग अपना रहे है।

इसलिए हो रही यह कवायद

जयपुर डिस्कॉम की और से हर घर में बिजली देने के लिए विभिन्न योजनाएं चल रही है। इन योजनाओं के माध्यम से लोगों को शिविर लगाकर काफी सस्ती दरों और निशुल्क बिजली कनेक्शन दिए जा रहे है। इसके अलावा आर्म्ड केबले डाली गई है, इसके बावजूद बिजली चोरी का ग्राफ कम नहीं हो पा रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए अब जीपीएस सिस्टम लगाने की कवायद शुरू की गई है।

बिजली चोरी रोकना मुख्य ध्येय

एक्सईएन केसी वर्मा व एईएन उद्यमसिंह यादव ने बताया कि फीडरों पर जीपीएस सिस्टम लगाए जा रहे है। इससे हर बिजली पोल की पूरी लोकेशन फीडर इंचार्ज के पास रहेगी। बिजली चोरी का पता तुरंत लग सकेगा।

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