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कॉलेजों में स्टूडेंटस नहीं मार सकेंगे बंक, अब ऑनलाइन होगी अटेंडेंस

कोटपूतली | राजकीय कॉलेजों में अब स्टूडेंटस बंक नहीं मार सकेंगे। इसको लेकर कॉलेज निदेशालय ने इसी सत्र से दो बड़े...

Dainik Bhaskar

Aug 11, 2018, 06:00 AM IST
कोटपूतली | राजकीय कॉलेजों में अब स्टूडेंटस बंक नहीं मार सकेंगे। इसको लेकर कॉलेज निदेशालय ने इसी सत्र से दो बड़े कदम उठाए है। कॉलेजों में इसी शिक्षा सत्र से विद्यार्थियों की ऑनलाइन हाजिरी शुरू कर दी गई है। ऑनलाइन हाजिरी का पूरा विवरण प्रतिदिन कॉलेज के पोर्टल पर डालना होगा। इससे स्टूडेंटस की ताजा स्थिति का पता चल सकेगा। दूसरे कदम में जिन कॉलेजों में व्याख्याताओं की कमी है। उन कॉलेज में सेवानिवृत्ति व्याख्याताओं को संविदा पर लगाया जाएगा। इससे व्याख्याताओं की कमी पूरी होगी। कॉलेज शिक्षा में विद्यार्थियों की हाजिरी सबसे बडी परेशानी बनी हुई है। प्रोफेसर आरोप लगाते है कि विद्यार्थी कक्षा कक्ष में आते नहीं इसलिए वे नहीं पढाते है। वहीं विद्यार्थियों का अारोप होता है कि व्याख्याता पढाते नहीं है। इसलिए हम कॉलेज आकर क्या करें। इन समस्याओं से निपटने के लिए कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने विद्यार्थियों की हाजिरी ऑनलाईन करने की दिशा में कदम उठा रहा है।

छात्रसंघ चुनाव तक कॉलेज में स्टूडेंटस देखने को मिलते है लेकिन बाद में सन्नाटा पसर जाता है। यहां तक कि फर्जी हाजिरी भरने के भी कई मामले सामने आए है। व्याख्याताओं को भी मौका मिल जाता है। दो से तीन घंटे कॉलेज में आकर ही लाखों की सैलरी उठा लेते है। इस समस्या का समाधान करने के लिए ऑनलाईन हाजिरी का विकल्प अपनाया गया है। व्याख्याताओ को हाजिरी लेनी होगी। फिर उसे आयुक्तालय को ऑनलाईन भेजनी होगी। यह प्रक्रिया 3 अगस्त से शुरू हो चुकी है। ऐसे में व्याख्याताओ को भी हकीकत में कक्षाएं लेकर हाजिरी लेनी होगी।

लगाए जा सकेंगे सेवानिवृत्त प्रोफेसर

सरकार ने अपनी टीआरपी बढाने के लिए हर तहसील मुख्यालयो पर कॉलेज खोला है। लेकिन इनमे स्टॉफ की व्यवस्था नही की गई। प्रवेश प्रक्रिया, छात्रसंघ चुनाव तक व्याख्याताओ को प्रतिनियुक्ति पर लगाकार काम चला रहे है। कक्षाओ में पढाने के लिए कोई नही होता है। ऐसे में अनुबंध के आधार पर व्याख्याता लगाने की व्यवस्था पहले से है। लेकिन 10 हजार से भी कम वेतन पर कोई सेवानिवृत्त व्याख्याता तैयार नही होता। ऐसे में व्याख्याताओ की भारी कमी रहती है।

इस प्रकार करें आवेदन

ऐसे व्याख्याता जो सेवानिवृत्त हो चुके है और जिनकी उम्र 65 वर्ष से कम है। इसके लिए आवेदन कर सकते है। उनका वेतन का आधार पे माईनस के पेंशन रहेगा। यानि सेवानिवृत्ति के वक्त जितना वेतन मिलता था। और पेंशन में जितने रूपए मिलते है। इन दोनो के अंतर राशि को वेतन के रूप में दिया जाएगा।

इन स्थानों पर लगा जा सकेंगे व्याख्याता

राजकीय कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर हेमराज मीणा व पानादेवी कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. अजीत कुमार इसी सत्र से स्टूडेंटस की हाजिरी ऑनलाईन पोर्टल पर डालना शुरू कर दिया है। साथ ही पानादेवी कॉलेज मेंस्व वित्त पोषित योजना के तहत स्नातक स्तर पर भूगोल, इतिहास एवं पीजी में राजनीति शास्त्र के अध्यापन के लिए सेवानिवृत्त योग्यताधारी व्याख्याताओं से आवेदन 14 तक मांगे है।

प्रोफेसर्स के लिए था नियम, अब छात्रों पर भी

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