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निजी अस्पताल में भामाशाह योजना का लाभ नहीं देने का आरोप

भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी शहर के एक निजी अस्पताल में भामाशाह योजना का लाभ नहीं देने का आरोप लगाते हुए मरीज...

Danik Bhaskar

Mar 01, 2018, 04:40 AM IST
भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी

शहर के एक निजी अस्पताल में भामाशाह योजना का लाभ नहीं देने का आरोप लगाते हुए मरीज के परिजनों ने एसडीएम को शिकायत दी। इस पर एसडीएम ने अस्पताल का निरीक्षण किया और पात्र मरीजों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए। दरअसल, एसडीएम रामसुख गुर्जर को गांव अखेपुरा पो. लारोली, बोरावड़ तहसील मकराना निवासी लिखमाराम ने एक शिकायत देकर बताया कि उनकी प|ी सुगनादेवी को राजकीय चिकित्सालय के डॉ. किशोरकुमार खींची द्वारा रेफर करने पर शहर के पाराशर जनरल एवं जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती के समय ही सभी दस्तावेज देने के बाद भी यहां की डॉ. ज्योति ने कार्ड ऑनलाइन होना नहीं बताते हुए 22000 रुपए का खर्चा बताया। बाद में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिजेरियन ऑपरेशन किया गया और उसमें मरीज के परिजनों से 17000 रुपए वसूल किए गए। मरीज के परिजनों ने शिकायत में भामाशाह योजना का लाभ नहीं देने का आरोप लगाया। इधर, एसडीएम ने बुधवार को पाराशर जनरल एवं जनाना अस्पताल में निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि जांच में भामाशाह कार्ड की प्रति डिस्चार्ज के समय पर देने की जानकारी मिली। जबकि भामाशाह योजना का लाभ लेने के लिए यह प्रक्रिया 24 घंटे में करनी पड़ती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार शहर में इस अस्पताल में भामाशाह कार्ड से लाभ मिलना इसी साल 24 जनवरी से शुरू हुआ है। पहला मरीज 29 जनवरी को भर्ती हुआ था व अब तक 8 मरीज इस योजना का लाभ ले चुके हैं।

कार्रवाई

एसडीएम ने किया निरीक्षण, जांच में पता चला डिस्चार्ज के वक्त दिया भामाशाह कार्ड

जांच के लिए कालवा छोटा गांव पहुंचे तहसीलदार

बोरावड़ | ग्रामदानी ग्राम कालवा छोटा में जमीनों के फर्जी पट्टा बनाने की शिकायत को लेकर चल रही कार्रवाई के तहत बुधवार को एसडीएम के निर्देशानुसार मकराना तहसीलदार धनराज मीणा बीडीओ तथा पुलिस जाब्ते के साथ कालवा में रिकॉर्ड की जांच करने पहुंचे। इस पर ग्रामदानी कार्यालय बंद मिलने पर उन्होंने मौका रिपोर्ट बनाकर उपखंड कार्यालय में पेश की। तहसीलदार ने बताया कि उन्होंने कुछ दिनों पहले ही मकराना में कार्यग्रहण किया है। कालवा की जांच का मामला पहले से चला आ रहा है। वहीं ग्रामदानी अध्यक्ष शिवराज सिंह ने बताया कि उन्हें अधिकारियों के गांव में आने की पूर्व में कोई जानकारी नहीं थी, ऐसे में महीने का अंतिम दिन होने के कारण वो अपनी दुकानों के लिए परबतसर गए हुए थे। उनका कहना है कि स्थानीय विधायक श्रीराम भींचर के दबाव में अधिकारी बिना मतलब की कार्रवाई कर रहे है। ग्रामदानी का पूरा रिकॉर्ड एक वर्ष पहले ही तत्कालीन तहसीलदार ने जब्त कर लिया था तथा पूरा रिकॉर्ड तहसील कार्यालय में पड़ा है। मेरे पास अब किसी प्रकार का कोई रिकॉर्ड शेष नहीं है तो यहां जांच किस रिकॉर्ड की करेंगे। वहीं इस बारे में ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमाबंदी जमा नहीं हो रही है तथा रिकॉर्ड सीज होने के कारण ग्रामीणों को खासी परेशानी हो रही है। ग्रामीण संपत सिंह ने बताया कि अगर सरकार को रिकॉर्ड रखना है तो उनकी जमाबंदी भी लेनी चाहिए।

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