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मनुष्य को अपने जीवन में ईमानदारी और धर्म के साथ जीने की प्रेरणा देता है भगवान श्रीराम का अवतार : पं. शास्त्री

भास्कर संवाददाता| कुचामन सिटी भांवता गांव में बालाजी की ढाणी में बालाजी महाराज के मंदिर में श्रीराम दरबार...

Danik Bhaskar | Jun 07, 2018, 05:00 AM IST
भास्कर संवाददाता| कुचामन सिटी

भांवता गांव में बालाजी की ढाणी में बालाजी महाराज के मंदिर में श्रीराम दरबार प्रतिमा महोत्सव के तहत आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया गया। कथावाचक संत रमतीराम महाराज ने भगवान राम के जन्म की बधाइयां दी व मिठाई बांटी। उन्होंने कहा कि संसार में बटर फ्लाई इफेक्ट होता है। इसी कारण मनुष्य जीवन में महाभारत हो जाती है।

उन्होंने तितली का उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार एक तितली अपने पंखों को धीरे समेटती है और उनसे निर्मित थोड़ी सी भी हवा अंतिम में भयानक रूप ले लेती है और इससे आंधी तूफान का निर्माण हो जाता है। उसी प्रकार मनुष्य जीवन में वाणी का बहुत बड़ा महत्व है। हमारे मुंह से निकले एक छोटा सा भी शब्द जीवन में महाभारत खड़ी कर देता है। इसलिए मनुष्य को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। इस दौरान महाराज ने राम-सीता विवाह की कथा भी सुनाई। इस मौके पर श्रद्धालु मौजूद थे।

बोरावड़| गढ़ में चल रही भागवत कथा के अंतिम दिन कथा वाचक पंडित अनिल दाधीच ने कहा कि भागवत श्रवण मात्र से ही मनुष्य के पाप नष्ट हो जाते है। भागवत मनुष्य को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है जिस पर चलकर मनुष्य अपना कल्याण कर सकता है। उन्होंने कहा कि वैराग्य के मार्ग पर चलकर मनुष्य जीवन की सार्थकता सिद्ध की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जहां भक्ति होती है वहां वैराग्य अवश्य उत्पन्न होता है। इस दौरान उन्होंने आगे के प्रसंग में दत्तात्रेय भगवान की कथा का संगीतमय वर्णन किया। इस अवसर पर कथा संयोजक पंडित देवकीनंदन शास्त्री ने श्रोताओं से कहा कि भागवत कथा श्रवण के पश्चात अपने जीवन में भगवान की भक्ति को अपना कर जीवन को सफल बनाए। शास्त्री ने बताया कि गुरुवार को सुबह 8 बजे हवन किया जाएगा।

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मीठड़ी में नानी बाई का मायरा कथा संपन्न, हवन में 11 जोड़ों ने आहुतियां देकर की सुख-समृद्धि की कामना

डीडवाना| गाढ़ा धाम में चल रही रामायण कथा के छठे दिन कथा वाचन करते हुए पं. अशोक कुमार शास्त्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म असुर शक्तियों के विनाश के लिए और मानव जाति के कल्याण के लिए हुआ। श्रीराम का अवतार मनुष्य को ईमानदारी एवं धर्म के साथ जीवन जीने की प्रेरणा के लिए हुआ। इस अवतार में मनुष्य को हर पल में सुख-दुख एवं विभिन्न परिस्थितियों में जीने की प्रेरणा देता है। राम वनवास के चित्रण का वर्णन सुनाते हुए कहा कि वनवास के दौरान सृष्टि के पालन कर्ता और जगत-जननी जानकी माता को किन-किन विपदाओं का सामना करना पड़ा और उन्होंने हर मुसीबत का सामना सहजता से किया।

कुचामन सिटी| मीठड़ी में हाइवे स्थित सियाराम मंदिर में महंत श्यामबिहारीदास महाराज के सान्निध्य में आयोजित नानी बाई का मायरा की कथा का हवन के साथ समापन हुआ। हवन में 11 जोड़ों ने पं. बलराम जोशी के आचार्यत्व में मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां देकर सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूसाराम चेजारा, जुगल भार्गव, सुवालाल कुमावत, निर्मल कुसुमीवाल, राधेश्याम जोशी, प्रभुसिह, रामावतार अग्रवाल, बृजकिशोर, गोरधन सैन, महावीर गर्वा, नंदू पारीक, सांवताराम जाट, आस्तिक शर्मा, पप्पू शर्मा, अरुण शर्मा, हरदीन गुर्जर, भगवानसिंह खारडिय़ा, मुन्नीलाल राजपुरोहित आदि मौजूद थे।

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मकराना| चारभुजा मंदिर में बुधवार को श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस दौरान सुबह 8 बजे से पूजन एवं कलश यात्रा का आयोजन हुआ। जयशिव चौक स्थित अमलेश्वर महादेव मंदिर से 51 महिलाएं सिर पर कलश धारण कर गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा में शामिल हुई। कलश यात्रा जयशिव चौक से पाबूजी का चौक, चारभुजा रोड होते हुए चारभुजा मंदिर पहुंची। प्रथम दिन की कथा में कथा वाचक पंडित संजय दाधीच ने श्रीमद भागवत की महिमा बताते हुए कहा कि कलयुग में भागवत कथा तन-मन के विकार दूर करने का सबसे सुगम साधन है। उन्होंने बताया कि श्रीमद भागवत कल्पवृक्ष की ही तरह है। यह हमें सत्य से परिचय कराता है। कलयुग में श्रीमद् भागवत कथा की अत्यंत आवश्यकता है क्योंकि मृत्यु जैसे सत्य से हमें यही अवगत कराता है। भागवत जीवन दर्शन का ग्रंथ है। भागवत के अलावा अन्य कोई ग्रंथ नहीं जो मनुष्य मात्र को सात दिन में मुक्ति का मार्ग दिखा दे। इस मौके पर संजय पुजारी, भगवती प्रसाद, भरत दाधीच, राघव पुजारी, वासुदेव पुजारी, वासुदेव व्यास, मुन्नालाल दाधीच, कमल व्यास आदि उपस्थित रहे।