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कलश यात्रा के साथ राम दरबार की प्रतिमा स्थापना महोत्सव शुरू

Dainik Bhaskar

Jun 05, 2018, 05:05 AM IST

Kuchaman News - कुचामन सिटी. रामदरबार प्रतिमा स्थापना महोत्सव में निकली कलश यात्रा। भास्कर संवाददाता| कुचामन सिटी गांव...

कलश यात्रा के साथ राम दरबार की प्रतिमा स्थापना महोत्सव शुरू
कुचामन सिटी. रामदरबार प्रतिमा स्थापना महोत्सव में निकली कलश यात्रा।

भास्कर संवाददाता| कुचामन सिटी

गांव भांवता के बालाजी की ढाणी स्थित श्रीबालाजी महाराज के मंदिर में सोमवार को कलश यात्रा के साथ राम दरबार प्रतिमा स्थापना महोत्सव का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम को लेकर सोमवार को कलश यात्रा निकाली गई। जो गांव के पश्चिमी द्वार पर स्थित लक्ष्मणदास महाराज के मंदिर से शुरू हुई। मुख्य मार्गों से होते हुए बालाजी मंदिर के पास बने कथास्थल पर पहुंची। कलश यात्रा में गांव की 701 महिलाएं अपने सिर पर कलश धारण कर मंगलगीत गाते हुए चल रही थी। रास्ते में जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत भी किया। मंदिर पुजारी करणसिंह ने बताया कि श्री रामदरबार की प्रतिमाओं की झांकी सजाई गई। जोधपुर से आए पं. रामदुलारे ने विधिवत पूजा अर्चना की। कलश यात्रा को बल्डा धाम महंत सीतारामदास महाराज के सान्निध्य में रवाना किया गया। कलश यात्रा में रामदरबार मूर्ति, कलशों की झांकी, मंदिर के भूतपूर्व पुजारी स्वर्गीय देवाराम जांगिड़ की मूर्ति की भी झांकी सजाई गई। कलश यात्रा के बाद मंदिर में भंडारा हुआ। जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कथा वाचक रमतीराम महाराज ने राम दरबार व हनुमान जी की मूर्तियों की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना कर श्रीराम कथा का शुभारंभ किया।

कुचामन सिटी. कथा के बाद आरती करते श्रद्धालु।

दृढ़ विश्वास ही प्रभु भक्ति का पहला आधार

कुचामन सिटी| मीठड़ी के सियाराम मंदिर में महंत श्याम बिहारीदास महाराज के सान्निध्य में नानी बाई का मायरा की कथा के चौथे दिन सोमवार को कथावाचक पं. नरेश दाधीच ने कहा कि दृढ़ विश्वास ही प्रभु भक्ति का पहला आधार है। जिसके सहारे भक्तिरूपी फल की प्राप्ति की जाती है। कथावाचक ने कहा कि भक्त नरसी आराध्य के प्रति अपने दृढ़ विश्वास के दम पर 16 सूरदास के साथ नानी बाई का मायरा भरने पहुंचा। हालांकि उस समय कुछ समय के लिए अपमान भी झेलना पड़ा। लेकिन बाद में जब भगवान खुद पहुंचकर 56 करोड़ का मायरा भरा तो भक्त नरसी की भक्ति के दृढ़ विश्वास का फल सामने आ गया। कथा के दौरान ‘म्हारा नटवर नागरिया भक्ता र क्यों नहीं आयो रे’ सरीखे भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। कथा वाचक नरेश दाधीच ने बताया कि मनुष्य को भगवान पर विश्वास करना चाहिए। जो भक्त श्रद्धा से भगवान का स्मरण करते हैं भगवान उनकी पुकार जरूर सुनते हैं। इस मौके पर नानूराम प्रजापत, राधेश्याम जोशी, निर्मल चेजारा, जुगल भार्गव, सुवालाल कुमावत, पप्पू जोशी, भगवानसिंह खारडिय़ा, मांगीलाल पचेरीवाल, नंदू पारीक, बलराम जोशी, हेमराज कलावत और गोरधन सैन सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद थे।

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