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युवा पीढ़ी बुजुर्गों की सेवा कर कुछ पल उनके साथ भी बिताएं, क्योंकि उनके पास अनुभव है, इससे जीवन बना सकते हैं सफल

भास्कर संवाददाता| कुचामन सिटी भांवता गांव में बालाजी की ढाणी स्थित मंदिर में श्रीरामदरबार प्रतिमा स्थापना...

Danik Bhaskar | Jun 08, 2018, 05:05 AM IST
भास्कर संवाददाता| कुचामन सिटी

भांवता गांव में बालाजी की ढाणी स्थित मंदिर में श्रीरामदरबार प्रतिमा स्थापना महोत्सव के चौथे दिन रामकथा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम-सीता के विवाह की कथा सुनाई गई। इस अवसर पर पं. रामदुलारे महाराज ने विवाह गीत गाकर राम व सीता का विवाह की जीवंत झांकी सजाई। कथा वाचक संत रमतीराम महाराज ने कहा कि कन्यादान इस सृष्टि का सबसे बड़ा दान है कन्यादान करने से कुटुंब में शांति बनी रहती है। उन्होंने बताया कि जिस घर में बहू व बेटी की इज्जत होती है उस घर में सदैव लक्ष्मी का निवास होता है। इस मौके पर श्रद्धालु मौजूद थे।

मकराना| गुणावती मोहल्ले में राठौड़ परिवार की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक डॉ. पंडित पवन शुक्ला ने कहा कि बुजुर्गों को सेवा व सम्मान देते हुए दिन में कुछ समय उनके साथ बिताएं। उन्होंने आपसे पहले दुनिया देखी है, अनुभव लिए है, अगर उनको जीवन में अपनाओगे तो जिंदगी और बेहतर बनेगी। वर्तमान समय में वृद्धाश्रम की बढ़ती परिपाटी को समाज के लिए खतरा बताते हुए कहा कि उस परिवार के सदस्य खुशनसीब होते हैं जिसमें बुजुर्गों का साया बना रहता है। उनसे अपनी प्राचीन संस्कृति का ज्ञान लें एवं सेवा सुश्रुषा कर आशीर्वाद प्राप्त करें। कथा के दौरान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन करते हुए कथावाचक शुक्ला ने संगीतमय भजनों की प्रस्तुतियां दी। जिन पर उपस्थित महिला श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। इस मौके पर भागीरथ सिंह राठौड़, समंदर सिंह, सुरेन्द्र सिंह, राहुल सिंह सहित अन्य नागरिकों ने आयोजन की व्यवस्थाएं संभाली। इसी प्रकार मकराना के श्री चारभुजा मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक पंडित संजय दाधीच ने कहा कि श्रीमद् भागवत को सुनने मात्र से समस्त प्रकार के सांसारिक कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। शाम को आरती के बाद दूसरे दिन की कथा को विराम दिया गया।

कथा वाचक बोले-गौ के शरीर में देवताआें का वास

कुचामन सिटी| आनन्दपुरा गांव में गौ कृपा कथा महोत्सव का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा रघुनाथजी के मन्दिर से रवाना हुई जो मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल केशरिया कुंवरजी महाराज मन्दिर पहुंची। इस अवसर पर साध्वी आस्था गोपाल दीदी ने कथा वाचन करते हुए कहा कि गौ माता साधारण पशु नहीं है गौ माता के शरीर में देवताओं का निवास है। इस मौके पर शिवभगवान शर्मा, भंवरलाल पटेल, प्रेमलाल जांगिड़, करणसिंह, सुरेश लोरा, हनुमान खिलेरी, राजेश सेवदा, मुकेश भाटी, गुमानाराम सौऊ, घासीराम सिहोटा, मेघाराम बिजारणिया, शिवप्रसाद शर्मा, नंदकिशोर शर्मा, नेमाराम सारण, मेवाराम जाखड़, बाबूलाल गावडिय़ा, मुकेश, मनमोहन दहिया, छोटूराम, बीरमाराम मौजूद थे।

बोरावड़| कस्बे के प्रजापिता ब्रह्माकुुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के केंद्र पर गुरुवार को विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर प्रवचन ब्रह्माकुमारी साक्षी ने शरीर तथा आत्मा के संबंध बताते हुए कहा कि जीवन शरीर तथा आत्मा के मिलन से बना है इन में से किसी भी एक के बिना जीवन संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से शरीर के निर्माण के लिए पांच तत्व वायु, जल, पृथ्वी, अग्नि और आकाश की आवश्यकता है उसी प्रकार आत्मा को भी ज्ञान, पवित्रता, प्रेम, शांति, सुख, आनन्द और शक्ति नामक सात गुणों की आवश्यकता है।

बोरावड़| गढ़ में चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का समापन गुरुवार को हवन में पूर्णाहुति देते हुए किया गया। इससे पूर्व कथा वाचक पंडित अनिल दाधीच ने भागवत कथा के श्रवण से होने वाले लाभों के बारे में बताते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य के सभी पापों को नष्ट करने वाली है। उन्होंने कहा कि श्रीमद भागवत कथा के श्रवण से प्राणी के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते है। और उसके अंदर लौकिक और आध्यात्मिक विकास होता है। श्रीमद भागवत की कथा कल्पवृक्ष के समान है जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए संसार के हर मनुष्य को अपने जीवन में समय निकालकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए।

इस अवसर पर पंडित देवकी नंदन शास्त्री ने बताया की बोरावड़ में यह कथा गौ माता के सहयोग के लिए की गई है। इस मौके पर दिनेश जोशी, रामलाल ग्वाला, अशोक सोनी, तिलोकचंद बुरड़क, रघुराज सिंह बोरावड़, बाबूलाल सोनी, हनुमानप्रसाद रूणवाल, अशोक सोनी, कमल जोशी, मेघराज, अशोक सिंघल आदि मौजूद थे।