• Hindi News
  • Rajasthan
  • Kuchaman
  • रामकथा में रमतीराम महाराज बोले - मनुष्य चेहरे से नहीं हृदय से सुंदर होना चाहिए
--Advertisement--

रामकथा में रमतीराम महाराज बोले - मनुष्य चेहरे से नहीं हृदय से सुंदर होना चाहिए

भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी भांवता गांव के बालाजी मंदिर में आयोजित श्रीरामकथा के छठे दिन कथा वाचक संत...

Dainik Bhaskar

Jun 10, 2018, 05:10 AM IST
रामकथा में रमतीराम महाराज बोले - मनुष्य चेहरे से नहीं हृदय से सुंदर होना चाहिए
भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी

भांवता गांव के बालाजी मंदिर में आयोजित श्रीरामकथा के छठे दिन कथा वाचक संत रमतीराम महाराज ने कहा कि किसी की भलाई करने से कई गुना ज्यादा भला सोचने से होती है। इसी प्रकार बुराई भी किसी का बुरा करने से कई गुना ज्यादा बुरा सोचने से होती है। इसलिए मनुष्य को सदैव दूसरों का हित व भला सोचना चाहिए। उन्होंने शबरी प्रसंग की कथा सुनाते हुए बताया कि मनुष्य चेहरे से नहीं उसका हृदय कई गुना ज्यादा शुद्ध व सुंदर होना चाहिए। जीवन में सबसे बड़ा सुख संतों के मिलन का ही होता है। इस दौरान चित्रकूट के घाट-घाट पर भीलनी जोवे बाट, राम मेरे घर आओ सरीखे भजन प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर श्रद्धालु मौजूद थे।

डीडवाना| शीतलकुंड बालाजी धाम में चल रही श्रीमद भागवत कथा का शनिवार को समापन हुआ। इस अवसर पर कथावाचक सुदर्शन महाराज ने सुदामा चरित्र के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भगवान भाव व प्रेम के भूखे है। सच्चे मन से जो भी प्रभू को याद करता है उसकी दुनिया बदल जाती है। उन्होंने कहा कि सुदामा अति निर्धन होते हुए भी जब अपने बचपन के सखा श्रीकृष्ण से मिलने द्वारिका गए तब तीन मुठ्ठी चावल लेकर गए थे। उनका यह भाव देखकर श्रीकृष्ण काफी प्रसन्न हुए और उन्होंने अपने मित्र की सहायता की। कथा वाचक ने परीक्षित मोक्ष व कथा विश्राम पर कहा कि राजा परीक्षित ने शुक्रदेव व भगवान से मोक्ष दायनी श्रीमद भागवत कथा पूरे सात दिन तक सुनी। इससे राजा परीक्षित मोक्ष को प्राप्त हुआ। भगवान के सतधाम गमन का वृतांत करते हुए महाराज ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा इतिहास की पुस्तक नहीं है। किसी राजा महाराजा की कहानी नहीं है।

X
रामकथा में रमतीराम महाराज बोले - मनुष्य चेहरे से नहीं हृदय से सुंदर होना चाहिए
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..