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ट्यूशन और कोचिंग सेंटर पर पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों पर अब होगी कार्रवाई

भास्कर संवाददाता| कुचामन सिटी प्रदेश में सरकारी शिक्षकों द्वारा ट्यूशन अथवा कोचिंग में पढ़ाने पर अब सरकार की...

Danik Bhaskar | Jun 10, 2018, 05:10 AM IST
भास्कर संवाददाता| कुचामन सिटी

प्रदेश में सरकारी शिक्षकों द्वारा ट्यूशन अथवा कोचिंग में पढ़ाने पर अब सरकार की ओर से कार्रवाई हो सकती है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल ने सभी सरकारी स्कूलों के सरकारी संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों को कोचिंग संस्थाओं के संचालन और अध्यापन नहीं कराने व ट्यूशन नहीं पढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं अध्यापकों को अब हर माह पढ़ाए गए पाठ्यक्रम की लिखित में सूचना संस्था प्रधान को देनी होगी। ताजा आदेश में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने संस्था प्रधानों और शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई शिक्षक कोचिंग संस्थाओं में पढ़ाता है या अपनी स्कूल के बच्चों को अपने घर पर ट्यूशन करवाता है तो इसकी जांच करें, पुष्टि होने पर जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। संस्था प्रधानों को यह भी निर्देश दिए हैं कि इस बात का भी ध्यान रखें कि कोई विद्यार्थी संस्था से पलायन न करें। अध्यापकों को ट्यूशन कराने की अनुमति देने का अधिकार संस्थाप्रधान के पास है। बिना संस्था प्रधान की अनुमित कोई भी अध्यापक ट्यूशन नहीं करवा सकते हैं। गौरतलब है कि संस्था प्रधान को माध्यमिक स्तर के लिए दो व उच्च माध्यमिक स्तर के लिए 3 से अधिक विद्यार्थियों को ट्यूशन करवाने की अनुमति नहीं दी गई हैं। यानी एक शिक्षक को संस्था प्रधान अधिकतम 2-3 विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से पढ़ाने की अनुमति दे सकते हैं। मानना है कि इससे ज्यादा संख्या होने पर शिक्षक सरकारी स्कूलों के बच्चों पर सही से ध्यान दे पाते हैं। संस्था प्रधान की अनुमति से 3 बच्चों को ही पढ़ा सकेंगे। उच्च माध्यमिक स्तर की कक्षाओं में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, लेखा शास्त्र व अंग्रेजी और माध्यमिक स्तर की कक्षाओं में अंग्रेजी, गणित व विज्ञान में अक्सर ट्यूशन की प्रवृत्ति रहती है। इन विषयों के उचित समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण करने व अध्यापक डायरी संधारण पर सतत नजर रखते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों से संस्था प्रधान द्वारा समय-समय पर संपर्क व पूछताछ करने के निर्देश दिए हैं। संस्था प्रधानों को यह भी निर्देश दिए हैं कि इस बात का भी ध्यान रखें कि कोई विद्यार्थी संस्था से पलायन न करे।