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स्कूलों में दूध व पोषाहार का करना था आकलन, आदेश वायरल, अब 7-8 अगस्त को होगा निरीक्षण

भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील योजना एवं अन्नपूर्णा दूध योजना के क्रियान्वयन की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 06, 2018, 05:30 AM IST

भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी

सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील योजना एवं अन्नपूर्णा दूध योजना के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए प्रदेशव्यापी औचक सघन निरीक्षण की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में शिक्षाा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी के निर्देश के बाद माध्यमिक शिक्ष निदेशक नथमल डिडेल ने जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किया है। जिसमें बताया कि मिड डे मील और अन्नपूर्णा दुग्ध योजना के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए 7 और 8 अगस्त को सघन निरीक्षण किया जाएगा। डीईओ ने इस आदेश के मुताबिक सभी ब्लॉक पर नोडल अधिकारियों को पंचायतवार निरीक्षण कार्यक्रम बनाकर निर्धारित प्रपत्र में जांच रिपोर्ट बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। हालांकि औचक और सघन निरीक्षण के लिए जारी किए गए निर्देश सोशल मीडिया पर वायरल होने पर सरकार की इन फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की बजाय पूर्व निर्धारित और मैनेज्ड स्थिति ही सामने आ सकेगी। दरअसल, शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने दो दिन पूर्व अजमेर में अधिकारियों को स्कूलों में इन योजनाओं को लेकर सघन निरीक्षण के निर्देश दिए थे। देवनानी ने निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील के अंतर्गत विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था के बारे में विशेष रूप से जांच किए जाने और इस संबंध में अधिकारियों को समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा था। अब जब निरीक्षण से जुड़ी पूरी जानकारी वॉट्सएप और फेसबुक पर आम हो चुकी है तो स्कूलों में इन योजनाओं का संचालन करने वाले सभी व्यवस्थाओं को स्वत: ही मैनेज कर लेंगे, ऐसे में औचक निरीक्षण मात्र औपचारिकता साबित होगा।

दूध की गुणवत्ता से लेकर सफाई तय की होगी जांच

जिला प्रशासन के सहयोग से शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के प्रत्येक जिले में सघन निरीक्षण के दौरान अन्नपूर्णा दूध योजना के अंतर्गत दूध की गुणवत्ता, दूध उपलब्धता के स्त्रोत, निरीक्षण दिवस को क्रय किए गए दूध की मात्र, लाभान्वितों की संख्या, दूध वितरण के समय आदि के बारे में जानकारी लेने और दूध गुणवत्ता जांच के लिए लेक्टोमीटर है भी अथवा नहीं यह भी जांचने के निर्देश दिए। साथ ही मिड-डे-मील के अंतर्गत विद्यालयों में खाद्यान्न की स्थिति, विद्यालय में जहां भोजन तैयार होता है वहां की साफ-सफाई, बर्तन, उपलब्ध खाद्यान्न के रख-रखाव, खाद्यान्न भंडारण की समुचित व्यवस्था आदि के बारे में जानकारी और विद्यालय में मैन्यू के अनुसार तैयार भोजन है या नहीं आदि की पड़ताल करनी है।

मंशा: सरकार की फ्लैगशिप योजना में न हो लापरवाही

राज्यमंत्री देवनानी ने बताया था कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की पहल पर राजस्थान वह अग्रणी राज्य है जहां पर दूध पोषाहार की व्यवस्था विद्यालयों में सुनिश्चित की गई है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे स्वयं विद्यालयों में जाएं और मिड-डे-मील के अंतर्गत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन और दूध पोषाहार की गुणवत्ता की जांच करें।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की कोताही अथवा लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि सघन निरीक्षण के लिए जिलेवार विशेष दलों का गठन किया जाएगा। इस संबंध में जिला कलेक्टरों को भी औचक सघन निरीक्षण में शिक्षा अधिकारियों को सहयोग और समन्वय के लिए कहा गया।

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