• Home
  • Rajasthan News
  • Kushalgarh News
  • कलेक्टर : बिजली सप्लाई नहीं सुधरी तो एसई जिम्मेदार हकीकत : चार दिन से रात-दिन में कई बार बिजली गुल
--Advertisement--

कलेक्टर : बिजली सप्लाई नहीं सुधरी तो एसई जिम्मेदार हकीकत : चार दिन से रात-दिन में कई बार बिजली गुल

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने बांसवाड़ा, कुशलगढ़, गढ़ी और आनंदपुरी में जनसंवाद...

Danik Bhaskar | Jun 13, 2018, 05:00 AM IST
भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने बांसवाड़ा, कुशलगढ़, गढ़ी और आनंदपुरी में जनसंवाद में एक मुख्य समस्या बिजली सप्लाई सही नहीं होना सामने आई थी। इसके बाद कलेक्टर भगवती प्रसाद ने डिस्कॉम के एसई को बाकायदा पत्र लिखकर बिजली सप्लाई व्यवस्था को सुधारने के लिए कहा। साथ ही चेताया कि अगर यह नहीं सुधरी तो इसके लिए एसई खुद जिम्मेदार होंगे। हैरानी की बात है कि इतना होने के बाद भी पिछले चार दिनों से शहर में बिजली सप्लाई तंत्र बुरी तरह से गड़बड़ाया हुआ है। दिन हो या रात किसी भी समय बिजली गुल हो जाती है। रात 12 बजे के बाद तो बिजली गुल होने की समस्या एकाएक बढ़ गई है। मंगलवार को दिन में कई बार बिजली गुल रही। इतना ही नहीं नाथेलाव कॉलोनी में तो सोमवार रात तीन बजे गई बिजली मंगलवार को शाम 4.30 बजे तक बहाल हो सकी। इसके चलते रात और दिन दोनों में ही इस कॉलोनी के लोगों को भीषण गर्मी झेलनी पड़ी। डिस्कॉम के अधिकारी पिछले एक महीने से लाइनों के रखरखाव के नाम पर रोजाना 5 से 7 घंटे तक कटौती कर रहते रहे। इसके बाद भी हालात सुधरे नहीं।

सुधारने के लिए मिले बजट का उपयोग तक नहीं किया

डिस्कॉम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण एपीआरडीआरपी योजना के तहत शहर में बिजली सप्लाई सिस्टम सुधारने के लिए मिले 2.77 करोड़ रुपए का बजट लेप्स हो चुका है। इससे शहरी क्षेत्र के बीस हजार उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं। इतना ही नहीं जिन ठेकेदारों ने शहरी विद्युत सुधार योजना के तहत ठेके लिए थे,उनमें से कुछ ने कारगुजारियां कर शहर में लगाए जाने वाले तारों, इंसुलेटर, ब्रेकेट, पोल, डीपी आदि को चोरी कर जिले से बाहर ले जाने का प्रयास तक किया। अब मानसून की दस्तक के साथ ही शहर की जनता को दिन में और रात में कई घंटों तक बिजली गुल होने जैसे अप्रिय स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

अभी तक अधिकारियों का दावा, काम कराएंगे

एसई गिरीश जोशी का कहना है कि एपीआरडीपी योजना तो अब बंद हो चुकी है और इसका बजट भी लेप्स हो गया है। अब हम आईपीडीसी अर्थात इंटिग्रेटेड पावर डवलपमेंट स्कीम के तहत बांसवाड़ा शहर में विद्युत सुधार कार्यक्रम के तहत काम करवाएंगे। 100 से 160 केवी क्षमता के 11 से 12 नये ट्रांसफार्मर उन क्षेत्रों में लगाए जाएंगे, जहां पिछले कुछ वर्षों में लोड बढ़ा है। सेंट्रल लेबर रेट कांट्रेक्ट के तहत उपलब्ध सामान के आधार पर शहर में जहां-जहां जरूरी है, उन क्षेत्रों में पहले जरूरी काम करवाएंगे।

तीन गांवों में एक सप्ताह से दिन भर बिजली कटौती

चिड़ियावासा. पिछले एक सप्ताह से चिड़ियावासा, रुजिया और सेमलिया गांवों में बिजली कटौती से ग्रामीण त्रस्त है। जीएसएस पर जानकारी लेने पर न ता कर्मचारी और न ही फोन करने पर अधिकारी कोई जवाब देते हैं। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था को सुचारू करने और लापरवाही बरतने वालों को हटाने की मांग की है। हालांकि यह समस्या किसी एक गांव की ही नहीं पूरे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में फैली हुई है। यहां कोई सुनने वाला नहीं है।

ohh!

रात 3 बजे बंद हुई बिजली अगले दिन शाम को आई

दाहोद रोड स्थित नाथेलाव कॉलोनी में सोमवार रात 3 बजे अचानक ट्रांसफार्मर से हाई वॉल्टेज आने से करीब 50 से अधिक लोगों के घरों में लगे विद्युत के उपकरण जल गए। कुशलबाग जीएसएस से तकनीकी कर्मचारियों का दल मौके पर पहुंचा, लेकिन रात में कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। सुबह जांच की तो पता चला कि ट्रांसफार्मर में लगी एबी केबल में खराबी आने से हाई वॉल्टेज से बिजली सप्लाई होने लगी और लोगों के घरों में रखे बिजली के उपकरण रेफ्रिजरेटर, बल्ब, ट्यूब लाइटें, कूलर आदि जल गए। क्षेत्र के सुगनामल देवनानी ने बताया कि रात में बिजली गुल होने से क्षेत्र के लोग ठीक से सो नहीं पाए और दिन में भी बिजली सप्लाई बंद रहने से गर्मी में लोगों की परेशानियां काफी बढ़ गईं। इधर क्षेत्र के देवीलाल, छगन भाई, श्याम सिंह, बाबूलाल निवासी बंजारा बस्ती ने बताया कि बस्ती के 47 लोगों का और इसके अलावा 50 से अधिक विद्युत उपभोक्ताअों को नुकसान हुआ है। एईएन उमेश खड़िया ने बताया कि तकनीकी खराबी से हाई वॉल्टेज से नुकसान हुआ है। आंकलन किया जा रहा है।