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टिंबामहुड़ी-सागवा में 7 साल से हो रहा मैग्नीज का अवैध खनन

Dainik Bhaskar

Jun 08, 2018, 05:05 AM IST

Kushalgarh News - भास्कर संवाददाता|कुशलगढ़/सज्जनगढ़ कुशलगढ़ के टिंबामहुड़ी और सज्जनगढ़ के सागवा, पंडवाल, ऊंकार में पाए जाने वाले...

टिंबामहुड़ी-सागवा में 7 साल से हो रहा मैग्नीज का अवैध खनन
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भास्कर संवाददाता|कुशलगढ़/सज्जनगढ़

कुशलगढ़ के टिंबामहुड़ी और सज्जनगढ़ के सागवा, पंडवाल, ऊंकार में पाए जाने वाले मैग्नीज का लंबे समय से अवैध खनन हो रहा है। तस्कर जमीन में चार पांच फीट की खुदाई कर मैग्नीज की खुदाई करके पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश और गुजरात में बेच रहे हैं।

रात के समय ये तस्कर यहां के मैग्नीज को ट्रकों और डंपर में भरकर ले जाकर मेघनगर, रतलाम, हालोल कालोल में बेच रहे हैं। कुशलगढ़, रामगढ़ और पाली के लोगों के तार मध्यप्रदेश और गुजरात के मैग्नीज तस्करों से जुड़े होने की आशंका है। मैग्नीज की बड़ी मात्रा में हो रही तस्करी के बारे में खनन विभाग और पुलिस को भी पता है, लेकिन इनकी मिलीभगत के कारण कोई कार्रवाई नहीं होती है। क्षेत्र की जमीन मैग्नीज का खनन करने के बाद खदानों में तब्दील हो चुकी है। यहां की जमीन को खोखला कर दिया है। सूत्रों की माने तो यहां के लोगों से औने पौने दाम पर मैग्नीज खरीदकर से तस्कर मध्यप्रदेश और गुजरात में ऊंचे दामों पर बेचते हैं। रोजाना शाम 6 बजे के बाद से लेकर तड़के 4 बजे तक जेसीबी और मजदूरों के माध्यम से मैग्नीज का खनन कर ट्रकों के जरिये कुशलगढ़ और सज्जनगढ़ थाना और तांबेसरा पुलिस चौकी से होते हुए चुड़ादा ऊंकाला के रास्ते मध्यप्रदेश के मेघनगर में पहुंचाया जाता है। जहां ये मैग्नीज पहुंचाया जाता है, वहां कच्चे माल की सफाई करने के बड़े कारखाने बताए जा रहे हैं। 3 माह पहले भी मैग्नीज का अवैध खनन करने की खबर प्रकाशित करने के बाद खनन विभाग और पुलिस ने फोरी कार्रवाई कर इतिश्री कर ली थी। जबकि रोज यहां से काला सोना कहे जाने वाले मैग्नीज की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है।

रात को ट्रक भरकर मध्यप्रदेश और गुजरात ले जा रहे, कुशलगढ़, रामगढ़ और पाली तक जुड़े तस्करों के तार, जनसंवाद में की थी शिकायत

ग्रामीणों को प्रति टन मिलते 2 हजार, तस्कर बेचते हैं साढ़े सात हजार रुपए

क्षेत्र में जिन ग्रामीणों की जमीन से मैग्नीज निकल रहा है, उनके पास ये तस्कर खरीदते हैं। ग्रामीणों को प्रति टन 1800 से 2 हजार रुपए देते हैं जबकि ये तस्कर इसी मैग्नीज को मध्यप्रदेश और गुजरात में साढ़े सात हजार रुपए प्रति टन के हिसाब से बेच रहे हैं। मैग्नीज बहुल वाले इन गांवों के खेतों, चारागाह और सरकारी भूमि से बड़े पैमाने पर खनन के बाद खदानें बन चुकी हैं। प्राकृतिक खनिज संपदा के अवैध खनन व तस्करी को रोकने की जिम्मेदारी खनन विभाग और पुलिस का है, लेकिन ये लोग कोई बड़ी कार्रवाई नहीं करते हैं। क्षेत्र में हो रही मैग्नीज की तस्करी की लिखित शिकायत 28 मई को मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम में हो चुकी है। इसके बावजूद संबंधित विभाग अवैध खनन रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।



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