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आंकड़ों में नंबर दो बांसवाड़ा पुलिस आज दिन तक नहीं सुलझा पाई दो चर्चित प्रकरण

भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा भले की कागजों में आंकड़े दिखाकर बांसवाड़ा पुलिस प्रदेश में सिरमौर बनने की कोशिशों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 10, 2018, 05:10 AM IST

भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा

भले की कागजों में आंकड़े दिखाकर बांसवाड़ा पुलिस प्रदेश में सिरमौर बनने की कोशिशों में जुटी है। इस बार भी पुलिस हैडक्वार्टर की ओर से जारी मूल्यांकन रिपोर्ट में बांसवाड़ा पुलिस प्रदेश में दूसरे नंबर पर काबिज है। भले ही जिले में अपराध ग्राफ में गिरावट आई है, लेकिन आज भी शहर सहित जिले के कुछ मामले ऐसे हैं जो रहस्य ही बने हुए हैं। पुलिस की जांच में बरती गई ढिलाई के कारण इन घटनाओं के कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहे। कुछ मामलों में दोषियों को बचाने के लिए जांच नहीं की जा रही। इसके अलावा बांसवाड़ा पुलिस द्वारा चोरी और अन्य कुछ मामले तो दर्ज किए जाते। महज परिवाद मानकर जांच में रख दिया जाता है। फरियादियों को थाने के चक्कर काटने पड़ते हैं। थाने में सुनवाई नहीं होने पर एसपी से गुहार लगानी पड़ती है।

थाने में बेड़ियों से बांधा अारोपितों को

करीब 40 दिन पहले कोतवाली थाने में चोरी के मामले में दो संदिग्धों को बिना गिरफ्तारी दर्शाए थाने में बेड़ियों से बांधे रखा। इस मामले को जब भास्कर ने उजागर किया तो कोतवाली पुलिस ने रातोरात आरोपितों की गिरफ्तारी कर बेड़ियों से बांधने में मनगढ़ंत कहानी बना दी। भास्कर पड़ताल में पुलिस की उस कहानी की भी पोल खोलकर रख दी। जिसके बाद उच्चाधिकारियों के दबाव में पुलिस अधीक्षक ने डीएसपी वीराराम को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा, लेकिन डीएसपी इतने दिनों बाद भी मामले में कोई जांच रिपोर्ट पेश नहीं कर सके हैं और न ही कोई कार्रवाई की गई। जबकि पुलिस ने मानवाधिकारों की खुलेआम अवहेलना की। आईजी से लेकर डीजीपी और गृहमंत्री ने जांच का आश्वासन दिया।

दो बच्चों व शिक्षिका की मौत, हत्या, आत्माहत्या या हादसा?

सब्बलपुरा पंचायत के डूंगरीपाड़ा फलिया मोहल्ले में 17 अप्रैल को दर्दनाक हादसे में एक शिक्षका अपने दो बच्चों के साथ जिंदा जल गई। इस मामले में आज डेढ़ माह से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक लोगों के लिए यह केस एक रहस्य बना हुआ है कि यह मौत हादसा है या हत्या या फिर आत्महत्या। शुरूआत में कमरे में पास में ही केरोसिन का डिब्बा मिलने से इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन दूसरे दिन इस प्रकरण में शिक्षिका रीता के भाई सुरेश ने हत्या के मामले में रिपोर्ट पेश की।

पुलिस थानों की रैंकिंग में आंबापुरा जिंले में अव्वल

बांसवाड़ा/नवागांव। पुलिस मुख्यालय जयपुर की ओर से जिले सहित प्रदेश के थानों की मूल्यांकन रिपोर्ट जारी की। जिसमें बांसवाड़ा जिला पिछली बार की तरह से इस बार भी दूसरे पायदान पर काबिज रहा। वहीं मुख्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट में इस बार आंबापुरा थाने ने जिले के सभी थानों को पछाड़ते हुए जिले में नंबर 1 पायदान पर पहुंचा। वहीं प्रदेश में आंबापुरा 9 स्थान पर रहा। दूसरे स्थान पर सल्लोपाट और तीसरा स्थान सज्जनगढ़ को मिला। इधर जिले के दो प्रमुख माने जाने वाले कोतवाली और सदर थाने में सदर थाना बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए नंबर 4 पायदान, कोतवाली जिले में 9 और प्रदेश में 224 वें पायदान पर रहा। आंबापुरा थानाधिकारी नगेंद्रसिंह ने कुछ माह पहले ही पदभार ग्रहण किया है। जिसके बाद बाइक चोरी, हत्या सहित कई बड़े मामलों के खुलासे किए हैं। इधर दूसरी और एसपी कालूराम रावत ने भी जिले में अपराध दर कम करने और अन्य मूल्यांकन के आधार पर बेहतरीन कार्य करते हुए जिले को दूसरे स्थान पर पहुंचाया। जिले के 4 सर्कल में कुशलगढ़ डीएसपी बृजराजसिंह चारण के नेतृत्व में जिले में आगे रहा।

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