• Home
  • Rajasthan News
  • Kushalgarh News
  • एसीएस ने परतापुर अस्पताल में बंद पड़े एसएनसीयू वार्ड का कारण पूछा
--Advertisement--

एसीएस ने परतापुर अस्पताल में बंद पड़े एसएनसीयू वार्ड का कारण पूछा

भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा/परतापुर अपने दो दिनों के बांसवाड़ा दौरे पर पहुंची अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता...

Danik Bhaskar | Jun 01, 2018, 05:15 AM IST
भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा/परतापुर

अपने दो दिनों के बांसवाड़ा दौरे पर पहुंची अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता ने गुरुवार को परतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। जानकारी के मुताबिक एसीएस ने अस्पताल के हर वार्ड और योजनाओं की प्रगति की बारिकी से जानकारी ली। हालांकि पहले से जानकारी होने के कारण सीएचसी में साफ सफाई और अन्य सामान्य व्यवस्थाएं चाक चौबंद रही। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुप्ता ने बंद पड़ी अलमारियों को भी खुलवाया, जिस पर कई जगहों पर जंक लगा मिला तो नाराजगी जताई।

हालांकि शांत स्वभाव के कारण डाट फटकार के बजाय आवश्यक दिशा निर्देश दिए। गुप्ता ने यहां भी लैबर रुप और एसएनसीयू वार्ड में रिकॉर्ड और मरीजों की स्थितियों की जानकारी। परतापुर में एसएनसीयू वार्ड में सभी सुविधाएं तो उपलब्ध हैं, लेकिन पिडियाट्रिशियन की पोस्ट खाली होने से संचालन नहीं हो पा रहा है। जानकारी के मुताबिक गुप्ता ने अस्पताल के स्वीकृत और रिक्त पदों की जानकारी भी ली है, आसार लगाए जा रहे हैं, कि उनके जयपुर पहुंचने के बाद रिक्त पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति की जा सकती है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के सामने चिकित्सा व्यवस्थाओं के लचर होने की शिकायतें अधिक आने पर एसीएस गुप्ता बांसवाड़ा पहुंंची और एमजी सहित परतापुर स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया।

मिल सकती है काफी राहत

महात्मा गांधी अस्पताल में एक मात्र बच्चों के लिए एसएनसीयू वार्ड है। ऐसे में जिलेभर के कमजोर बच्चों का लोड एमजी पर पड़ रहा है। क्षमता से अधिक एडमिशन होने के कारण बच्चों को रैफर भी करना पड़ता है। ऐसे में परतापुर एसएनसीयू में डॉक्टर की नियुक्ति के साथ वार्ड शुरू होता है तो जिले के काफी बड़े क्षेत्र के कमजोर बच्चों और नवजातों को पास में ही सारी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। वहीं कुशलगढ़ में भी एसएनसीयू वार्ड और डॉक्टरों की सख्त आवश्यकता है। बीते दिनों चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ के सामने भी डॉक्टरों के रिक्त पदों की समस्या आई थी। जिस पर उन्होंने उचित आश्वासन दिया था। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यहां जल्द ही रिक्त पद भरे जाएंगे।