--Advertisement--

शहर के बाद परतापुर और कुशलगढ़ में भी पीओपी की मूर्तियों पर रोक

भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा शहर में पीओपी की मूर्तियों पर सख्ती के बाद अब देहात में भी मूर्तियां नहीं बन...

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2018, 05:40 AM IST
शहर के बाद परतापुर और कुशलगढ़ में भी पीओपी की मूर्तियों पर रोक
भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा

शहर में पीओपी की मूर्तियों पर सख्ती के बाद अब देहात में भी मूर्तियां नहीं बन पाएंगी। प्रशासन के साथ ही अब कुशलगढ़ और परतापुर नगर पालिकाओं में भी पीओपी की मूर्ति बनाने पर रोक लगा दी गई है। इधर कलेक्टर भगवतीप्रसाद ने एसडीएम और तहसीलदार को उनके अधीन क्षेत्रों में पीओपी की मूर्तियां नहीं बन पाए यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं। दैनिक भास्कर की इस मुहीम के बाद शहर में अब तक पीओपी की मूर्तियां नहीं बन पाई है। वहीं शहरवासियों ने भी विकल्प के रूप में मिट्टी गोबर मिश्रित और धातु की मूर्तियां स्थापित करने में रुचि दिखाई है। प्रशासन सख्ती के बाद पीओपी से मूर्तियां बनाने वाले ठेकेदार बांसवाड़ा से सटे जिलों की ओर रुख कर चुके हैं। हालांकि आशंका जताई जा रही है कि वहां पीओपी से मूर्तियों का निर्माण करने के बाद बांसवाड़ा में इन्हें बेचा जा सकता है।

किसी हाल में नहीं बनने दी जाएगी पीओपी की मूर्तियां

बांसवाड़ा सभापति मंजूबाला पुरोहित ने कहा कि भास्कर ने जब से यह मुहिम शुरू की है। तब से नगर परिषद की ओर से कार्रवाई भी शुरू कर दी गई। जिसका नतीजा यह है कि आज शहर में कहीं भी पीओपी की मूर्तियां नहीं बन रही। परिषद ने काफी संख्या में मूर्तियां जब्त कर परिषद परिसर में रखवाई हैं। किसी भी स्थिति में बांसवाड़ा में इस वर्ष पीओपी की मूर्तियों का विसर्जन नहीं होगा। इसके लिए प्रशासन भी सख्त हो चुका है। लोगों का भी समर्थन मिल रहा है।

13 जून को प्रकाशित खबर

कुशलगढ़ में भी अब तक नहीं दिखी पीओपी मूर्ति

कुशलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष रेखा जोशी ने कहा कि भास्कर की पहल अच्छी है और असर भी दिख रहा है। समय रहते जागरुकता लाने से काफी सफलता मिलेगी। कुशलगढ़ में अब तक कोई मूर्ति पीओपी की बनती नजर नहीं आई है। फिर भी एहतियात के तौर पर नजर रखी जा रही है। एसडीएम से भी मामले में बात हो चुकी है कि कुशलगढ़ में कोई भी पीओपी की बनी मूर्ति उत्सव में नहीं लाएगा। अन्यथा कार्रवाई निश्चित तौर पर की जाएगी।

परतापुर में सख्ती, आज से होगी कार्रवाई

नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष परमार ने बताया कि पीओपी की मूर्ति प्रदूषण फैलता है। इसलिए जरूरी है इस पर प्रतिबंध लगना। समय रहते इस पर कार्रवाई होने से पीओपी की मूर्तियों पर रोक लगाई जा सकती है और लोगों को नए विकल्प मिल सकते हैं। भास्कर यह सार्थक पहल है। परतापुर में भी इस बार पीओपी की मूर्तियां नहीं बनाई जाएंगी। शुक्रवार को ही प्रशासन इस संबंध में बात कर मूर्तियां बनाने के ठिकानों पर कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदार को दी जिम्मेदारी

इधर, दैनिक भास्कर की मुहीम की सराहना करते हुए कलेक्टर भगवती प्रसाद ने एसडी और तहसीलदार को भी निर्देश जारी किए है कि उनके अधीन क्षेत्रों में पीओपी की मूर्तियां नहीं बन पाए यह सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि पीओपी की मूर्ति बनाने वालों के खिलाफ संबंधित एसडीएम और तहसीलदार कार्रवाई करेंगे। कलेक्टर ने कहा कि भास्कर की मुहीम से इस बार शहर में पीओपी की मूर्तियां अब तक नहीं बन पाई है। वहीं लोगों ने भी इसे जागरुकता दिखाते हुए सराहा है। इस बार गणेश विसर्जन पर किसी भी हाल में पीओपी की मूर्तियां बनने नहीं दी जाएंगी।

X
शहर के बाद परतापुर और कुशलगढ़ में भी पीओपी की मूर्तियों पर रोक
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..