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गर्ल्स को एजुकेशन के साथ सेल्फ एम्प्लॉयमेंट के लिए करना होगा ट्रेंड तभी रुकेगा पलायन

बांसवाड़ा जिले में विशेष कर कुशलगढ़ और उसके अासपास के इलाकों में पलायन सबसे बड़ी गंभीर समस्या है। यह स्थिति उस समय...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 13, 2018, 05:40 AM IST

बांसवाड़ा जिले में विशेष कर कुशलगढ़ और उसके अासपास के इलाकों में पलायन सबसे बड़ी गंभीर समस्या है। यह स्थिति उस समय है, जब जनजाति अंचल होने के कारण यहां पर केन्द्र और राज्य सरकार दोनों ही अच्छा-खासा बजट इनके विकास पर लिए देती है। लेकिन राजनीति में लीडरशिप की कमी और झूठे वादों के कारण यह बजट उनके पास पहुंचता ही नहीं है। इस कारण आज भी जनजाति वर्ग को अपने डवलपमेंट का इंतजार है। यह कहना है जनजाति महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ उनको पलायन से रोकने के लिए प्रयासरत डॉ. निधि जैन का। कुशलगढ़ की निवासी व प्रतिध्वनि संस्थान की निदेशक तथा मोहनलाल सुखाडिया विवि उदयपुर में राजनीति शास्त्र की प्राेफेसर जैन ने गत दिनों फ्रांस में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेस में भी पलायन के विषय को उठाया। उन्होंने इसको रोकने के तरीके भी बताए। भास्कर ने डॉ. जैन से बात कर पलायन के हालात और उसके समाधान जाने।

सवाल. बांसवाडा जिले में पलायन का मूल कारण क्या है और जिले में सबसे ज्यादा पलायन किस क्षेत्र से है ?

निधि. जिले में पलायन का सबसे बड़ा कारण रोजगार के अवसर कम होना है। माही डेम के सिंचाई क्षेत्र को छोड़कर बात की जाए तो कुशलगढ़ से लेकर सज्जनगढ़,आबापुरा, दानपुर,छोटी सरवन सहित अन्य क्षेत्रों में पलायन की समस्या सबसे अधिक है।

सवाल. पलायन रोकने में कौन सी योजना प्रभावी हो सकती है और इसे कैसे लागू किया जा सकता है?

निधि. नाॅन कमांड और बारिश पर निर्भर रहने वाले क्षेत्रों में रहने वालों को पंचायत व गांव स्तर तक रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। विशेष कर महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं,स्वयं सहायता समूह का गठन कर सरकार के माध्यम में प्रशिक्षण दिया जा सकता है। अगर कुशलगढ़ क्षेत्र की बात करें तो यहां बारिश बहुत होती है लेकिन पानी का संचय नहीं होता है। इसके चलते खरीफ की फसल के बाद बाकी के आठ माह का गुजारा करने के लिए पूरे क्षेत्र के लोग पलायन करने को मजबूतर होते हैं।

सवाल . आपके फ्रांस मे पलायन पर जो संबोधन दिया, उसका सार क्या था ?

निधि. मैने सखी संस्थान की ओर से क्षेत्र में महिलाओं को प्रशिक्षण देकर कौशल विकास करने,आत्मनिर्भर बनाने व पलायन का रोकने में किए गए प्रयासों का प्रजेंटेशन दिया। साथ ही महिलाओं व स्कूल और कॉलेज की छात्राओं को सिलाई सहित अन्य कार्यो में प्रशिक्षित कर कर उनको कैसे रोजगार से जोड़ा, इसके बारे मे भी बताया।

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