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चरला में ग्रामीणों का धरना रहा जारी, बिजली व्यवस्था बाधित होने के कारण नहीं शुरू हो पाए ट्यूबवैल

गांव चरला में पेयजल समस्या से परेशान ग्रामीणों की ओर से अटल सेवा केंद्र के आगे दिया जा रहा धरना बुधवार को तीसरे दिन...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:55 PM IST
चरला में ग्रामीणों का धरना रहा जारी, बिजली व्यवस्था बाधित होने के कारण नहीं शुरू हो पाए ट्यूबवैल
गांव चरला में पेयजल समस्या से परेशान ग्रामीणों की ओर से अटल सेवा केंद्र के आगे दिया जा रहा धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।

अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में दिए जा रहे धरने पर ग्रामीणों ने नारेबाजी कर विरोध जताया। पेयजल समस्या के समाधान को लेकर जलदाय विभाग के जेईएन खेमराज बैरवा बुधवार को गांव में ही डटे रहे, मगर बिजली सप्लाई व्यवस्था बाधित होने के कारण ट्यूबवैल शुरू नहीं करवा पाए। बिजली नहीं होने के कारण ट्यूबवैल की लोरिंग का काम नहीं हो पाया। एक मात्र हैडपंप जरूर सही करवाया गया। बैरवा ने बताया कि एक मोटर मंगलवार को मंगवा ली गई थी तथा दूसरी मोटर बिजली आने के बाद चैक की जाएगी की वह सही है या नहीं। पुराने दोनों ट्यूबवैल पर बिजली सप्लाई सुचारू होने के बाद मोटर चैक करके पेयजल सप्लाई सुचारू की जाएगी। वहीं नए ट्यूबवैल पर बिजली कनेक्शन होने के बाद ही सप्लाई शुरू हो सकेगी। समाचार लिखे जाने तक जलदाय विभाग के कर्मचारी ट्यूबवैल को सही करने में जुटे हुए थे।

किसानों के धरने को बीते 700 दिन, मांगें अब तक अधूरी

तारानगर | राजस्थान किसान यूनियन की ओर से नहर से जुड़ी मांगों को लेकर एसडीएम कोर्ट के आगे दिया जा रहा धरना बुधवार को 700वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने चौधरी कुंभाराम नहर के अूधेरे निर्माण कार्य को पूरा करवाने, काटे गए रकबे व वंचित गांवों को नहर से जोड़ने, नहर पर बन रही डिग्गियों में अवाप्त की गई भूमि का उचित मुआवजा दिलाने आदि मांगों को लेकर किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। वक्ताओं ने कहा कि नहर आने वाली पीढियों व किसानों के भविष्य को तय करेगी। सरकार को किसानों कि वाजिब मांग पर ध्यान देना चाहिए।

सांडवा. गांव चरला में तीसरे दिन भी धरने पर बैठे ग्रामीण।

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मांगा फसल का पूरा मूल्य

राजस्थान किसान सभा ने मांगों को लेकर प्रदर्शन के बाद एसडीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

चूरू. राजस्थान किसान सभा के पदाधिकारियों ने बुधवार को फसल का पूरा मूल्य देने सहित कई मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया तथा बाद में प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की नीति किसान विरोधी है। उपज का पूरा मूल्य नहीं मिल पाने के कारण किसान कर्जे में दब गया है तथा खुदकशी की ओर अग्रसर हो रहा है। 1991 से आज तक 3.5 लाख किसान में देश में आत्महत्या कर चुके है। किसानों की हालात सुधारने के लिए स्वामीनाथन कमीशन तुरंत लागू किया जाए। किसानों ने कहा कि देश को नेता नहीं, नीति की जरूरत है। चूरू एसडीएम ने शीघ्र ही कृषि मंडी चलाने का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि वर्षों से कृषि मंडी में व्यापार नहीं हो रहा, जिससे किसानों काे उपज का उचित मूल्य बाजार में नहीं मिलता। इससे पहले कलेक्ट्रेट के आगे हुई सभा को अध्यक्ष हीरालाल कलवानिया, रामकरण चौधरी, प्यारेलाल दईया, हरचंद कड़वासरा, आर्यवीर भांमू, सुगनाराम रूलानिया, तेजपाल गोदारा, कालूराम नाई, नत्थूराम, ओमप्रकाश, इस्लाम खां, हबीब खां, शिशपाल, मामराज, मुमताज काजी, रामचंद्र आिद ने संबोधित करते हुए किसानों विरोधी सरकार की आलोचना की। उन्होंने किसानों के 17 सूत्री मांग का जिक्र करते हुए उनकी मांगे मानने पर जोर दिया।

किसानों का धरना 8वें दिन जारी : इधर, अखिल भारतीय किसान सभा का धरना बुधवार को 8वें दिन जारी रहा। 2 फरवरी को होने वाली सभा को लेकर इंद्राजसिंह, दीपाराम प्रजापत, घनश्याम पांडिया व श्योकरण घिंटाला ने गांवों में किसानों से संपर्क किया। धरने पर शुभकरण व पेमाराम कस्वा सहित अन्य बैठे। इधर, राजस्थान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका, आशा सहयोगिनी व साथिन कर्मचारी यूनियन ने भी मांगों प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया। उनकी प्रमुख मांगों में कर्मचारियों का स्थायीकरण, न्यूनतम वेतन बढ़ाने, सभी स्कीम वर्कर्स को मजदूर का दर्जा सहित 13 सूत्री मांगों का जिक्र किया। जिलाध्यक्ष सविता धोलिया के नेतृत्व में नूरजहां, सुनीता, जगवंती, रेशमा, शंकुतला, गोमती, प्रेमलता, राेशनी, निर्मला आिद शामिल थी।

सुजानगढ़. सुजला सत्याग्रह समिति के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपते हुए।

जिला बनाने की मांग को लेकर धरना जारी, आठ को प्रदर्शन

सुजानगढ़ | सुजला जिला बनाओ की मांग को लेकर सुजला सत्याग्रह समिति की ओर से एसडीएम कार्यालय के बाहर दिया जा रहा सांकेतिक धरना बुधवार को भी जारी रहा। संयोजक श्रीराम भामा ने बताया कि धरने पर इंजीनियर बाबूलाल तेजस्वी, विजयपाल श्योराण, बनवारी खीचड़, गोविंद जोशी, योगेंद्र भोजक, विनोद शर्मा, इलियास खां,बसंत बोरड़, धनराज आर्य आदि बैठे। धरनार्थियों ने राज्यपाल के नाम एसडीएम दीनदयाल बाकोलिया को ज्ञापन भी दिया। ज्ञापन में बताया गया कि सुजला जिला बनाने के महासत्याग्रह कार्यक्रम के तहत आठ फरवरी को आंदोलनरत सुजलांचलवासियों की ओर से विधानसभा के आगे धरना देकर प्रदर्शन किया जाएगा। धरनास्थल से निर्णय लिया गया है कि 60 व्यक्ति जयपुर पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। धरने में सहयोग के लिए सुजानगढ़ नागरिक परिषद व जयपुर निवासी बीदासर, लाडनूं, सालासर, छापर, नींबी, जसवंतगढ़ आदि सुजलांचल के लोगों से संपर्क किया जाएगा।

बिजली कटौती बंद करने की मांग

सुजानगढ़ | अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी ने बुधवार को एसडीएम दीनदयाल बाकोलिया को ज्ञापन देकर ग्राम पंचायत चरला में बिजली कटौति बंद करवाने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया है कि गांव चरला में जोधपुर डिस्कॉम रात 10 से सुबह छह बजे तक लगातार अघोषित बिजली कटौति की जा रही है, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बोर्ड परीक्षाओं का समय नजदीक होने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। बिजली की अघोषित कटौति से गांव कोडासर बीदावतान, कोडासर जाटान, हेमासर आथूणा, दुर्गाणा रामनगर आदि गांवों के लोग प्रभावित है। ज्ञापन में बिजली कटौति बंद करने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में धर्मपाल, जयराम टांडी, किशनाराम, सांवताराम दुसाद आदि शामिल थे।

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