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मनुष्य अपने जीवन में संतुलित भोजन व नियमित व्यायाम से रह सकता है स्वस्थ

जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रो. बच्छराज दुग्गड़ ने कहा है कि योग से व्यक्ति स्वस्थ...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 15, 2018, 05:00 AM IST

मनुष्य अपने जीवन में संतुलित भोजन व नियमित व्यायाम से रह सकता है स्वस्थ
जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रो. बच्छराज दुग्गड़ ने कहा है कि योग से व्यक्ति स्वस्थ रहता है तथा उसकी कार्यशैली में परिवर्तन आता है। योगासनों और क्रियाओं का लाभ तभी मिल पाता है, जब उन्हें नियमित रूप से लगातार किया जाएं। वे यहां लगाई जा रही योग कक्षा का अवलोकन कर रहे थे।

उन्होंने संभागियों को सं‍बोधित करते हुए कहा कि नियमित रूप से प्राणायाम व योगासन करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में समस्त स्टाफ के लिए अनिवार्य रूप से शुरू की गई। योग एवं जीवन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. प्रद्युम्न सिंह शेखावत ने योग कक्षा में संभागियों को विभिन्न यौगिक क्रियाओं, योगासनों एवं प्राणायाम के प्रयोग करवाये। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अपने स्वास्थ्य को सुधारने एवं मोटापा घटा कर शरीर को संतुलित बनाने के लिए भोजन का पूर्ण बनाना आवश्यक है। इसमें यथासंभव साबुत अन्न व फलों का प्रयोग करना चाहिए। फलों का जूस पीने के बजाए उन्हें खाने से शरीर को आवश्यक फाइबर और तत्व मिल पाते हैं। भोजन के साथ शारीरिक मेहनत भी करनी चाहिए।

लाडनूं. जैविभावि में संभागियों को संबोधित करते कुलपति प्रो. दुग्गड़।

भास्कर संवाददाता | लाडनूं

जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रो. बच्छराज दुग्गड़ ने कहा है कि योग से व्यक्ति स्वस्थ रहता है तथा उसकी कार्यशैली में परिवर्तन आता है। योगासनों और क्रियाओं का लाभ तभी मिल पाता है, जब उन्हें नियमित रूप से लगातार किया जाएं। वे यहां लगाई जा रही योग कक्षा का अवलोकन कर रहे थे।

उन्होंने संभागियों को सं‍बोधित करते हुए कहा कि नियमित रूप से प्राणायाम व योगासन करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में समस्त स्टाफ के लिए अनिवार्य रूप से शुरू की गई। योग एवं जीवन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. प्रद्युम्न सिंह शेखावत ने योग कक्षा में संभागियों को विभिन्न यौगिक क्रियाओं, योगासनों एवं प्राणायाम के प्रयोग करवाये। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अपने स्वास्थ्य को सुधारने एवं मोटापा घटा कर शरीर को संतुलित बनाने के लिए भोजन का पूर्ण बनाना आवश्यक है। इसमें यथासंभव साबुत अन्न व फलों का प्रयोग करना चाहिए। फलों का जूस पीने के बजाए उन्हें खाने से शरीर को आवश्यक फाइबर और तत्व मिल पाते हैं। भोजन के साथ शारीरिक मेहनत भी करनी चाहिए।

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