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ईमानदारी, सजगता अौर कर्तव्य निष्ठा के साथ कार्य करने पर मिलती है सफलता : मुनिश्री

दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में चातुर्मास प्रवास कर रहे आचार्य सुनील सागर महाराज के शिष्य मुनिश्री संबुद्ध सागर महाराज...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 07, 2018, 06:00 AM IST

ईमानदारी, सजगता अौर कर्तव्य निष्ठा के साथ कार्य करने पर मिलती है सफलता : मुनिश्री
दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में चातुर्मास प्रवास कर रहे आचार्य सुनील सागर महाराज के शिष्य मुनिश्री संबुद्ध सागर महाराज व मुनिश्री सक्षम सागर महाराज के सान्निध्य में विशेष पूजा-अर्चना एवं अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे है। इस अवसर पर प्रतिदिन सुबह जिनेंद्र भगवान की पूजा कलशाभिषेक व मुनि द्वय के प्रवचन के कार्यक्रम हो रहे है। सोमवार को मुनिश्री संबुद्ध सागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य का कुछ खो जाता है या उसके साथ कुछ बुरा हो जाता है तो वह दुखी व निराश हो जाता है। बुरी घटनाएं भी आपके भविष्य को और अधिक अच्छा और अधिक सुखी करने के लिए होती है। उन्होंने इस संबंध में एक चीनी कहावत का जिक्र किया कि आपकी हथेली में रखी वस्तुएं फिसल कर इसलिए गिर जाती है कि उसमें सोने के सिक्कों के लिए जगह बन सके। थानाधिकारी सत्येंद्र सिंह नेगी ने भी बड़ा जैन मंदिर में दर्शन किए व मुनिश्री द्वय से आशीर्वाद लिया। मुनिश्री सक्षम सागर महाराज ने कहा कि कोई भी नेता व अधिकारी पूरी ईमानदारी, सजगता व कर्तव्य निष्ठा के साथ कार्य करे तो उसे उच्चतम पद पर पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। सीआई बड़ा जैन मंदिर की प्राचीनतम व कलात्मकता के साथ दिगंबर मुनियों की कठिन चर्या से प्रभावित हुए। इस दौरान दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष सुरेश कासलीवाल, उपमंत्री राज पाटनी, मुनिसंघ कमेटी मंत्री महेंद्र गंगवाल, भागचंद पाण्ड्या, सुभाष गंगवाल, अंकुश सेठी, राजेश कासलीवाल, रोबिन बड़जात्या, महेंद्र सेठी, बसंत सेठी, पवन सेठी, बाबूलाल सेठी, संतोष गंगवाल, रुबल बड़जात्या आदि उपस्थित थे।

भास्कर संवाददाता | लाडनूं

दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में चातुर्मास प्रवास कर रहे आचार्य सुनील सागर महाराज के शिष्य मुनिश्री संबुद्ध सागर महाराज व मुनिश्री सक्षम सागर महाराज के सान्निध्य में विशेष पूजा-अर्चना एवं अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे है। इस अवसर पर प्रतिदिन सुबह जिनेंद्र भगवान की पूजा कलशाभिषेक व मुनि द्वय के प्रवचन के कार्यक्रम हो रहे है। सोमवार को मुनिश्री संबुद्ध सागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य का कुछ खो जाता है या उसके साथ कुछ बुरा हो जाता है तो वह दुखी व निराश हो जाता है। बुरी घटनाएं भी आपके भविष्य को और अधिक अच्छा और अधिक सुखी करने के लिए होती है। उन्होंने इस संबंध में एक चीनी कहावत का जिक्र किया कि आपकी हथेली में रखी वस्तुएं फिसल कर इसलिए गिर जाती है कि उसमें सोने के सिक्कों के लिए जगह बन सके। थानाधिकारी सत्येंद्र सिंह नेगी ने भी बड़ा जैन मंदिर में दर्शन किए व मुनिश्री द्वय से आशीर्वाद लिया। मुनिश्री सक्षम सागर महाराज ने कहा कि कोई भी नेता व अधिकारी पूरी ईमानदारी, सजगता व कर्तव्य निष्ठा के साथ कार्य करे तो उसे उच्चतम पद पर पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। सीआई बड़ा जैन मंदिर की प्राचीनतम व कलात्मकता के साथ दिगंबर मुनियों की कठिन चर्या से प्रभावित हुए। इस दौरान दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष सुरेश कासलीवाल, उपमंत्री राज पाटनी, मुनिसंघ कमेटी मंत्री महेंद्र गंगवाल, भागचंद पाण्ड्या, सुभाष गंगवाल, अंकुश सेठी, राजेश कासलीवाल, रोबिन बड़जात्या, महेंद्र सेठी, बसंत सेठी, पवन सेठी, बाबूलाल सेठी, संतोष गंगवाल, रुबल बड़जात्या आदि उपस्थित थे।

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