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बीजासणी माता के मेले में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, मांगी मनौतियां

उपखंड के खुर्रा ग्राम में चल रहे पांच दिवसीय बीजासणी माता के मेले में शनिवार को पूर्णिमा का दिन होने के कारण...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 05:10 AM IST

बीजासणी माता के मेले में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, मांगी मनौतियां
उपखंड के खुर्रा ग्राम में चल रहे पांच दिवसीय बीजासणी माता के मेले में शनिवार को पूर्णिमा का दिन होने के कारण बीजासणी माता के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लाखों श्रद्धालुओं ने माता के दर पर नन्हे मुन्हे बालकों के साथ पहुंच कर मत्था टेक मनौतियां मांगी।

सुबह से ही ग्रामीणों के झूंड के झूंड मेला स्थल पर ट्रैक्टर ट्रॉलियों व जुगाड़ जीपों में बैठकर पहुंचते नजर आए। रंग बिरंगे परिधानों में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के कारण मेला स्थल की छटा रंगीन बनी हुई थी। महिलाएं अपनी लोक भाषा में मंगल गीत गाती हुए माता के दरबार में पहुंच रही थी। श्रद्धालुओं ने पुआ पुड़ियों का भोग लगा कर माता से प्रार्थना की। इस अवसर पर अनेक बालक मेले में गुम हो गए जिन्हें पुलिस के कंट्रोल रूम पर लोगों द्वारा छोड़ा गया ।

जेबकतरों पर पुलिस की पैनी नजर

मेले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर माकूल व्यवस्था बनी रही। पुलिस मेले में आए जेबकतरों पर पैनी नजर बनाए रही। इधर मेले में गुम हुए बालको को भी पुलिस ने पकड़ कर उनके परिजनों को सौंपा गया।

संगमरमर से सजाया मां का दरबार

बीजासणी माता के मंदिर का चल रहा निर्माण गति पर है। श्रृद्धालुओं व आम जन के सहयोग से मां के दरबार को संगमरमर की भव्य कलात्मक डिजाइन से सजाया गया है। मां का दरबार लोगों को आकर्षित कर रहा है। दर्शन करने के लिए श्रृद्धालुओं की भीड़ रही बैरिकेडिंग लगा कर भीड़ को नियंत्रण में लेने का प्रयास किय गया। पुलिस बल माकूल मौजूद रहा। महिला कांस्टेबल तैनात नजर आई।

किसी ने खरीदा झावल्या तो किसी ने कढ़ाई

मेले में लगे अस्थाई बाजारों में खरीदारी का जोर रहा। रसोई में काम आने वाले सामान, सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों तथा खिलौनों की दुकानों के अलावा, मिठाई की दुकानों पर खरीददारों की भीड़ रही।इस अवसर पर महिलाओं ने झावल्या तो किसी ने कढ़ाई तो किसी ने पलटा खरीदा।

आधुनिकीकरण में परंपरागत रूप से बिकने वाले काटड़ा नदारद नजर आया। किसी भी दुकान पर काटड़ा नहीं मिला। किसी जमाने में पत्थर से बना हुआ चून को ओसणने के काम में आने वाला पात्र माना जाता था। मगर आधुनिकीकरण के बढावा ने परंपरागत रसोई का पात्र लुप्त हो गया।

धूप में महिलाएं व बालक परेशान

लाखों की तादाद में श्रृद्धालुओं के आने से मेला प्रांगण खचाखच बना रहा। धूप में तेजी के कारण वृद्धों व महिलाओं खासतौर से नन्हे बालको को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुगन मीना ने कहा कि दर्शन करने में भी असुविधा रही अनेक वृद्ध दूर से ही माता के दर्शन कर वापस हो गए।

आज होगी घुड़दौड़

रविवार को मेले में आयोजित घुड़दौड़ प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों के प्रतियोगी भाग लेंगे।

लालसोट. खुर्रा में बीजासणी माता के मेले में उमडा श्रृद्धा का सैलाब

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