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नीलामी राशि 10% बढ़ाई, नहीं पहुंचे ठेकेदार आज से खान विभाग वसूलेगा मार्बल पर रॉयल्टी

मार्बल पर रॉयल्टी वसूली करने के लिए मकराना में इस बार किसी भी ठेकेदार ने रूचि नहीं दिखाई है। सरकार ने इस बार...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 05:15 AM IST

मार्बल पर रॉयल्टी वसूली करने के लिए मकराना में इस बार किसी भी ठेकेदार ने रूचि नहीं दिखाई है। सरकार ने इस बार रॉयल्टी ठेके के लिए नीलामी राशि में 10 प्रतिशत अधिक की बढ़ोतरी कर रखी थी। जिसके चलते 29 मार्च को हुई नीलामी प्रक्रिया में कोई ठेकेदार शामिल नहीं हुआ। नतीजा वर्तमान ठेका फर्म केआर एंड पार्टी की जगह आज रविवार एक अप्रैल से खान विभाग को रॉयल्टी नाकों पर मार्बल पर रॉयल्टी की वसूली करनी हैं। रॉयल्टी की चोरी रोकने के लिए खान विभाग ने ब्यावर, अजमेर, नागौर सहित विभिन्न खान विभाग के कार्यालयों से अतिरिक्त स्टाफ को मकराना बुलवा लिया है। उन्होंने शनिवार को मध्य रात्रि बाद नाकों पर व्यवस्थाएं संभालने के लिए पूर्व तैयारियां कर ली है। खनि अभियंता धीरज पंवार ने इस बारे में सभी नाकेदारों व कर्मचारियों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि कोई भी वाहन रॉयल्टी अदायगी के बगैर नाकों से पास नहीं हो। रॉयल्टी की चोरी करते हुए पकड़े जाने पर संबंधित वाहन चालक से कंपाउंड राशि के अलावा रॉयल्टी की 10 गुना राशि जुर्माना के तौर पर भी वसूल की जाएगी। मालूम होवे गत दो साल से रॉयल्टी वसूली का ठेका जोधपुर की फर्म केआर एंड पार्टी के पास था। उन्हें 1 अप्रैल 2016 को 26 करोड़ 17 लाख सालाना में रॉयल्टी वसूली का ठेका दिया गया। 26 नवंबर 2017 को रॉयल्टी की दरें बढऩे के बाद 27 नवंबर 2017 से 31 मार्च 2018 तक संशोधित ठेका 30 करोड़ 10 लाख 21 हजार 745 रुपए सालाना का कर दिया गया। मकराना में मार्बल खानों पर बीते 2 दिन सालों में संकट के बादल मंडराते रहे एवं मार्बल का उत्पादन नहीं होने से स्थानीय व्यवसाय चौपट रहा एवं मार्बल की बिक्री भी बुरी तरह प्रभावित हुई। मार्बल खानों से जुड़ी समस्याएं अभी खत्म नहीं हुई है एवं अब भी 150 से अधिक खानों में खनन गतिविधियां बंद है। ऐसे में वर्तमान रॉयल्टी ठेकेदार को करोड़ों का नुकसान हुआ है। ऐसे में 29 मार्च को पुन: संशोधित ठेका नीलामी रखी गई। जिसमें मकराना में मार्बल पर रॉयल्टी वसूली के लिए 29 करोड़ 50 लाख सालाना की राशि तय की गई। ऐसे में प्रदेश के किसी भी ठेकेदार ने मकराना में वर्तमान हालात के मद्देनजर रॉयल्टी वसूली के लिए किसी प्रकार की रूचि नहीं ली। फिलहाल खान निदेशालय की तरफ से रॉयल्टी ठेके की पुन: नीलामी के लिए फिलहाल आगामी तिथि घोषित नहीं की गई है। ऐसे में जब तक नया टेंडर नहीं हो जाता है। तब तक वसूली की जिम्मेदारी खान विभाग को ही निभानी पड़ेगी।

भास्कर संवाददाता| मकराना

मार्बल पर रॉयल्टी वसूली करने के लिए मकराना में इस बार किसी भी ठेकेदार ने रूचि नहीं दिखाई है। सरकार ने इस बार रॉयल्टी ठेके के लिए नीलामी राशि में 10 प्रतिशत अधिक की बढ़ोतरी कर रखी थी। जिसके चलते 29 मार्च को हुई नीलामी प्रक्रिया में कोई ठेकेदार शामिल नहीं हुआ। नतीजा वर्तमान ठेका फर्म केआर एंड पार्टी की जगह आज रविवार एक अप्रैल से खान विभाग को रॉयल्टी नाकों पर मार्बल पर रॉयल्टी की वसूली करनी हैं। रॉयल्टी की चोरी रोकने के लिए खान विभाग ने ब्यावर, अजमेर, नागौर सहित विभिन्न खान विभाग के कार्यालयों से अतिरिक्त स्टाफ को मकराना बुलवा लिया है। उन्होंने शनिवार को मध्य रात्रि बाद नाकों पर व्यवस्थाएं संभालने के लिए पूर्व तैयारियां कर ली है। खनि अभियंता धीरज पंवार ने इस बारे में सभी नाकेदारों व कर्मचारियों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि कोई भी वाहन रॉयल्टी अदायगी के बगैर नाकों से पास नहीं हो। रॉयल्टी की चोरी करते हुए पकड़े जाने पर संबंधित वाहन चालक से कंपाउंड राशि के अलावा रॉयल्टी की 10 गुना राशि जुर्माना के तौर पर भी वसूल की जाएगी। मालूम होवे गत दो साल से रॉयल्टी वसूली का ठेका जोधपुर की फर्म केआर एंड पार्टी के पास था। उन्हें 1 अप्रैल 2016 को 26 करोड़ 17 लाख सालाना में रॉयल्टी वसूली का ठेका दिया गया। 26 नवंबर 2017 को रॉयल्टी की दरें बढऩे के बाद 27 नवंबर 2017 से 31 मार्च 2018 तक संशोधित ठेका 30 करोड़ 10 लाख 21 हजार 745 रुपए सालाना का कर दिया गया। मकराना में मार्बल खानों पर बीते 2 दिन सालों में संकट के बादल मंडराते रहे एवं मार्बल का उत्पादन नहीं होने से स्थानीय व्यवसाय चौपट रहा एवं मार्बल की बिक्री भी बुरी तरह प्रभावित हुई। मार्बल खानों से जुड़ी समस्याएं अभी खत्म नहीं हुई है एवं अब भी 150 से अधिक खानों में खनन गतिविधियां बंद है। ऐसे में वर्तमान रॉयल्टी ठेकेदार को करोड़ों का नुकसान हुआ है। ऐसे में 29 मार्च को पुन: संशोधित ठेका नीलामी रखी गई। जिसमें मकराना में मार्बल पर रॉयल्टी वसूली के लिए 29 करोड़ 50 लाख सालाना की राशि तय की गई। ऐसे में प्रदेश के किसी भी ठेकेदार ने मकराना में वर्तमान हालात के मद्देनजर रॉयल्टी वसूली के लिए किसी प्रकार की रूचि नहीं ली। फिलहाल खान निदेशालय की तरफ से रॉयल्टी ठेके की पुन: नीलामी के लिए फिलहाल आगामी तिथि घोषित नहीं की गई है। ऐसे में जब तक नया टेंडर नहीं हो जाता है। तब तक वसूली की जिम्मेदारी खान विभाग को ही निभानी पड़ेगी।

भास्कर संवाददाता| मकराना

मार्बल पर रॉयल्टी वसूली करने के लिए मकराना में इस बार किसी भी ठेकेदार ने रूचि नहीं दिखाई है। सरकार ने इस बार रॉयल्टी ठेके के लिए नीलामी राशि में 10 प्रतिशत अधिक की बढ़ोतरी कर रखी थी। जिसके चलते 29 मार्च को हुई नीलामी प्रक्रिया में कोई ठेकेदार शामिल नहीं हुआ। नतीजा वर्तमान ठेका फर्म केआर एंड पार्टी की जगह आज रविवार एक अप्रैल से खान विभाग को रॉयल्टी नाकों पर मार्बल पर रॉयल्टी की वसूली करनी हैं। रॉयल्टी की चोरी रोकने के लिए खान विभाग ने ब्यावर, अजमेर, नागौर सहित विभिन्न खान विभाग के कार्यालयों से अतिरिक्त स्टाफ को मकराना बुलवा लिया है। उन्होंने शनिवार को मध्य रात्रि बाद नाकों पर व्यवस्थाएं संभालने के लिए पूर्व तैयारियां कर ली है। खनि अभियंता धीरज पंवार ने इस बारे में सभी नाकेदारों व कर्मचारियों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि कोई भी वाहन रॉयल्टी अदायगी के बगैर नाकों से पास नहीं हो। रॉयल्टी की चोरी करते हुए पकड़े जाने पर संबंधित वाहन चालक से कंपाउंड राशि के अलावा रॉयल्टी की 10 गुना राशि जुर्माना के तौर पर भी वसूल की जाएगी। मालूम होवे गत दो साल से रॉयल्टी वसूली का ठेका जोधपुर की फर्म केआर एंड पार्टी के पास था। उन्हें 1 अप्रैल 2016 को 26 करोड़ 17 लाख सालाना में रॉयल्टी वसूली का ठेका दिया गया। 26 नवंबर 2017 को रॉयल्टी की दरें बढऩे के बाद 27 नवंबर 2017 से 31 मार्च 2018 तक संशोधित ठेका 30 करोड़ 10 लाख 21 हजार 745 रुपए सालाना का कर दिया गया। मकराना में मार्बल खानों पर बीते 2 दिन सालों में संकट के बादल मंडराते रहे एवं मार्बल का उत्पादन नहीं होने से स्थानीय व्यवसाय चौपट रहा एवं मार्बल की बिक्री भी बुरी तरह प्रभावित हुई। मार्बल खानों से जुड़ी समस्याएं अभी खत्म नहीं हुई है एवं अब भी 150 से अधिक खानों में खनन गतिविधियां बंद है। ऐसे में वर्तमान रॉयल्टी ठेकेदार को करोड़ों का नुकसान हुआ है। ऐसे में 29 मार्च को पुन: संशोधित ठेका नीलामी रखी गई। जिसमें मकराना में मार्बल पर रॉयल्टी वसूली के लिए 29 करोड़ 50 लाख सालाना की राशि तय की गई। ऐसे में प्रदेश के किसी भी ठेकेदार ने मकराना में वर्तमान हालात के मद्देनजर रॉयल्टी वसूली के लिए किसी प्रकार की रूचि नहीं ली। फिलहाल खान निदेशालय की तरफ से रॉयल्टी ठेके की पुन: नीलामी के लिए फिलहाल आगामी तिथि घोषित नहीं की गई है। ऐसे में जब तक नया टेंडर नहीं हो जाता है। तब तक वसूली की जिम्मेदारी खान विभाग को ही निभानी पड़ेगी।

रॉयल्टी चोरी की तो भरना पड़ेगा जुर्माना

खनि अभियंता धीरज पंवार ने बताया कि विभाग ने रॉयल्टी वसूली के लिए नाकों पर अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था करवा दी है। किसी भी स्थिति में रॉयल्टी की चोरी नहीं होने दी जाएगी। अगर फिर भी कोई वाहन चालक रायल्टी चोरी का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से मार्बल बगैर रॉयल्टी चुकाए ले जाते हुए पाए जाने पर उससे कंपाउंड राशि 25 हजार के अलावा उसमें लदे मार्बल की रॉयल्टी का 10 गुना वसूल किया जाएगा। इसके अलावा ट्रकों से 50 हजार कंपाउंड राशि व 10 गुना शास्ती एवं ट्रेलर से एक लाख रुपए कंपाउंड राशि के साथ उसमें लदे मार्बल की रॉयल्टी का 10 गुना जुर्माना वसूल किया जाएगा।

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