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जीवनदाता ब्लड ग्रुप से जुड़े 250 सदस्य जरूरतमदों को निशुल्क देते है खून, इसके बदले किसी और की जिंदगी बचाने की करते अपील

मकराना का जीवनदाता ब्लड ग्रुप। इस सोशल मीडिया ग्रुप में करीब 250 सदस्य हैं। जिनमें प्रोफेशनल्स, सामाजिक...

Danik Bhaskar | Jun 11, 2018, 05:00 AM IST
मकराना का जीवनदाता ब्लड ग्रुप। इस सोशल मीडिया ग्रुप में करीब 250 सदस्य हैं। जिनमें प्रोफेशनल्स, सामाजिक कार्यकर्ता, सरकारी कर्मचारी, उद्योगपति व व्यवसायी शामिल है। ग्रुप सदस्यों में मानव सेवा का जज्बा ऐसा कि ग्रुप पर जैसे ही किसी ग्रुप के ब्लड की डिमांड मिलती है, हर सदस्य एक्शन में आ जाता है। जरूरत पड़ने पर युवा जयपुर व अजमेर भी ब्लड डोनेट करने पहुंच जाते हैं। इससे पहले जहां तक संभव होता है।

संबंधित शहरों व उनके आसपास मौजूद अपने परिचितों व दोस्तों को फोन कर उन्हें तुरंत ब्लड डोनेट करने भेजते हैं। इस ग्रुप के एडमिन बोरावड़ निवासी महावीर पारीक पुत्र भंवरलाल मकराना में मोबाइल की दुकान चलाते हैं। उनके पास क्षेत्र के 2500 लोगों के ब्लड ग्रुप की जानकारी व संपर्क नंबर मौजूद हैं। 6 माह पहले रक्त समय पर नहीं मिलने के कारण बोरावड़ व मकराना में दो प्रसूताओं की मौत हो गई थी। ऐसे में पारीक के मन में ब्लड डोनेशन कैंपेन से जुड़ने वाले युवाओं की टीम बनाने का विचार आया। मानव सेवा से जुड़े 250 लोगों की टीम तैयार कर उन्हें ग्रुप में शामिल किया। ग्रुप की खास बात यह है कि उसमें ब्लड की जरूरत के संबंध में चर्चा के अलावा किसी प्रकार का मैसेज नहीं भेजा जाता है। जिसके चलते ग्रुप में कोई भी पोस्ट आने पर सभी सदस्य तुरंत उसे तवज्जो देते हैं। जीवनदाता ब्लड ग्रुप के एडमिन महावीर पारीक दावा करते हैं कि उनके ग्रुप में देशभर से सदस्य जुड़े हुए हैं। जिसके चलते जहां कहीं भी जरूरतमंद को ब्लड की जरूरत होती हैं वे तुरंत मदद पहुंचाने का प्रयास करते हैं। अब तक ब्लड डोनेट करवाने में कहीं भी कोई समस्या नहीं आई है। हां ब्लड डोनेट करने के बाद संबंधित मरीज अथवा घायल के परिजनों से यह आग्रह जरूर देते हैं कि उनके परिवार के सदस्य भी मानव जीवन बचाने में अपने परिवार से ही इसकी शुरुआत करें।

मकराना. ब्लड डोनेशन के दौरान ग्रुप के एडमिन महावीर पारीक व सदस्य।

महावीर ने 6 माह में 2500 लोगों के ब्लड ग्रुप व उनके संपर्क नंबर जुटाए, ताकि तत्काल हो सके मदद

संकल्प का बड़ा असर

पहले 1 माह में 2-3 मौतें, 6 माह से खून की कमी से मकराना में 1 भी मौत नहीं

प्रसूताओं में रक्त की सबसे ज्यादा कमी रहती है। प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्त स्त्राव होने से प्रसूताओं की मृत्यु की संभावना बनी रहती है। मकराना में ब्लड बैंक नहीं है। ऐसे में उन्हें जहां तक संभव हो अजमेर के जनाना हॉस्पिटल रैफर किया जाता है। वहां व्यवस्था ऐसी है कि मरीज के लिए खून के बदले खून मिलता है। जिसमें परिजनों को पहले ब्लड बैंक में अपना खून जमा कराना होता है, जिसकी एवज में प्रसूता के ग्रुप का ब्लड मैच कर दिया जाता है। इस ब्लड ग्रुप से जुड़े सदस्यों को जैसे ही किसी प्रसूता, जरूरतमंद व दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को खून की कमी के कारण जयपुर या अजमेर रैफर किए जाने की जानकारी मिलती है वे तुरंत प्रसूता अथवा घायल के साथ ही संबंधित जगह के हॉस्पिटल पहुंच जाते हैं। नतीजा यह है कि पिछले 6 माह में मकराना में रक्त की कमी से एक भी प्रसूता अथवा मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि पहले हर माह 2 से 3 प्रसूताएं खून की कमी के कारण मौत का शिकार हो जाती थी।