• Hindi News
  • Rajasthan
  • Makrana
  • जुम्मे की नमाज में हुई तकरीर, इमाम बोले जकात से पाक होता माल, तिजारत में बरकत
--Advertisement--

जुम्मे की नमाज में हुई तकरीर, इमाम बोले- जकात से पाक होता माल, तिजारत में बरकत

Dainik Bhaskar

Jun 02, 2018, 05:15 AM IST

Makrana News - रमजान माह के तीसरे जुम्मे की नमाज शुक्रवार को मुस्लिम धर्मावलंबियों ने अकीदत के साथ मस्जिदों में अदा की। इस अवसर...

जुम्मे की नमाज में हुई तकरीर, इमाम बोले- जकात से पाक होता माल, तिजारत में बरकत
रमजान माह के तीसरे जुम्मे की नमाज शुक्रवार को मुस्लिम धर्मावलंबियों ने अकीदत के साथ मस्जिदों में अदा की। इस अवसर पर सभी मस्जिदों में विशेष इंतजाम किए गए थे। स्थानीय सुन्नी जामा मस्जिद में इमाम मौलाना शमशूदीन कादरी ने तकरीर करते हुए बताया कि रमजान माह में जकात निकालना हर मुसलमान पर फर्ज है। जकात निकालने से माल पाक होता है और तिजारत में बरकत होती है। उन्होंने कहा कि समय पर जकात देकर जरूरतमंद को ईद की तैयारियों में मदद करनी चाहिए। इसी प्रकार कलंदरी मस्जिद में मौलाना शैफुल्लाह खान असदकी ने भी जुम्मे की नमाज अदा कराई एवं तकरीर करते हुए इस्लाम धर्म पर कायम रहते हुए इंसानियत व परोपकार के लिए हमेशा तैयार रहने की बात कही।

लाडनूं | रमजान महीने के 15वें रोजे पर जुम्मा होने पर अकीदतमंदों ने तीसरे जुम्मा की नमाज अदा कर खुशहाली की दुआ मांगी। लाडनूं की शहरिया बास मस्जिद में शहर काजी सैयद मोहम्मद अयूब अशरफी ने खुत्बा पेश किया। उन्होंने रोजे की अहमियत बताते हुए कहा कि रोजा रखने से दर्द का अहसास होता है। इससे हमदर्दी का जज्बा पैदा होता है। मदीना मस्जिद अहले हदीस में शेख साबिर सल्फी ने इस्लाम में गरीबी का इलाज जकात को बताया। मस्जिद गौशिया, मस्जिद बड़ा बास, मस्जिद बटबोड़ा सिलावटान, मस्जिद मुबारक, मस्जिद उमर फारूक, मस्जिद अलफलाह और मस्जिद फातिमा सहित अन्य मस्जिदों में जुम्मा की नमाज हुई।

पवित्र रमजान महीने के तीसरे जुम्मे पर मस्जिदों में नमाज, तकरीर भी हुई

बच्चों को सिखाएं नैतिकता का सबक: मोहम्मद हनीफ

शेरानी आबाद | रमजान माह के तीसरे जुम्मा की नमाज अकीदत व एहतराम के साथ अदा की गई। अकीदतमंदों ने मस्जिदों में नमाज अदा कर मुल्क में अमन चैन और खुशहाली की दुआएं की। नूरी मोहल्ला की मस्जिद में तकरीर करते हुए मौलाना मोहम्मद हनीफ खान ने बताया कि इस्लाम के अरकान में से जकात भी अहम रुक्न है। उन्होंने बताया कि जकात समय पर अदा करें, जिससे जरूरतमंद रमजान माह की जरूरतें व ईद की तैयारियां कर सकें। रमजान के माह में बच्चों को नैतिकता का सबक सिखाएं। पड़ोसियों का खास ख्याल रखें और उनकी जरूरतें पूरी करें। तकरीर के बाद विशेष खुत्बा पढ़ा गया। शेरानी आबाद की जामा मस्जिद, कंजुल ईमान मस्जिद, गोसिया मस्जिद, नूरी मस्जिद, मक्का और मदीना मस्जिद में जुम्मा की नमाज अदा की गई। जगह-जगह शाम को रोजा इफ्तार पार्टी भी हुई।

मकराना

X
जुम्मे की नमाज में हुई तकरीर, इमाम बोले- जकात से पाक होता माल, तिजारत में बरकत
Astrology

Recommended

Click to listen..