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मकराना विकास समिति पहुंची नगर परिषद कार्यालय आयुक्त को ज्ञापन देकर शहर का परिसीमन बढ़ाने की मांग

शहर के विकास की रूपरेखा तैयार कर उसे अमलीजामा पहनाने के लिए हाल ही में मकराना विकास समिति नामक नई संस्था गठित की गई...

Danik Bhaskar | May 17, 2018, 05:35 AM IST
शहर के विकास की रूपरेखा तैयार कर उसे अमलीजामा पहनाने के लिए हाल ही में मकराना विकास समिति नामक नई संस्था गठित की गई है। संस्था ने सर्वप्रथम शहर का परिसीमन बढ़वाने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए समिति के अध्यक्ष नीतेश जैन के नेतृत्व में संस्था सदस्यों ने मंगलवार को नगर परिषद आयुक्त सुनील चौधरी से मुलाकात कर शहर का परिसीमन बढ़वाने का आग्रह किया।

जैन ने बताया कि सरकारी रिकॉर्ड में मकराना शहर की आबादी वर्तमान में एक लाख से भी कम बताई गई है। जबकि परिधि क्षेत्र की कॉलोनियों को मिलाएं तो जनसंख्या 1 लाख 70 हजार के पार है। मकराना के अब तक विकास के मामले में पिछड़े होने का मूल कारण गिनाते हुए जैन ने बताया कि सरकार की कोई भी योजना बनती है तो उसके लिए जनसंख्या, रेवेन्यु सहित अन्य प्रकार के आंकड़ों पर ही गौर किया जाता है। मकराना दो लाख की आबादी के नजदीक है लेकिन रिकॉर्ड में एक लाख से भी कम बताए जाने की वजह से विकास के लिए डिमांड के अनुरूप बजट नहीं मिल पाता। परिषद के वर्तमान परिधि क्षेत्र के मोहल्ले भाटीपुरा, लौहारपुरा, ओमकॉलोनी, देशवाली कॉलोनी, आनंद नगर, वसुंधरा नगर, गरीब नवाज कॉलेानी, मालियों की ढाणी, हनुमानजी की ढाणी, भाकरों की ढाणी, आदर्श नगर आदि वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़कें व नालियां नहीं बन रही हैं, रोड लाइटें नहीं है। इस पर आयुक्त ने बताया कि शहर का परिसीमन काफी समय पहले ही बढ़ा दिया जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि परिसीमन बढ़ाने को लेकर जिला कलेक्टर नागौर को पत्र भिजवाया है।

मकराना. परिसीमन बढ़ाने की मांग को लेकर आयुक्त से चर्चा करते।

भास्कर संवाददाता | मकराना

शहर के विकास की रूपरेखा तैयार कर उसे अमलीजामा पहनाने के लिए हाल ही में मकराना विकास समिति नामक नई संस्था गठित की गई है। संस्था ने सर्वप्रथम शहर का परिसीमन बढ़वाने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए समिति के अध्यक्ष नीतेश जैन के नेतृत्व में संस्था सदस्यों ने मंगलवार को नगर परिषद आयुक्त सुनील चौधरी से मुलाकात कर शहर का परिसीमन बढ़वाने का आग्रह किया।

जैन ने बताया कि सरकारी रिकॉर्ड में मकराना शहर की आबादी वर्तमान में एक लाख से भी कम बताई गई है। जबकि परिधि क्षेत्र की कॉलोनियों को मिलाएं तो जनसंख्या 1 लाख 70 हजार के पार है। मकराना के अब तक विकास के मामले में पिछड़े होने का मूल कारण गिनाते हुए जैन ने बताया कि सरकार की कोई भी योजना बनती है तो उसके लिए जनसंख्या, रेवेन्यु सहित अन्य प्रकार के आंकड़ों पर ही गौर किया जाता है। मकराना दो लाख की आबादी के नजदीक है लेकिन रिकॉर्ड में एक लाख से भी कम बताए जाने की वजह से विकास के लिए डिमांड के अनुरूप बजट नहीं मिल पाता। परिषद के वर्तमान परिधि क्षेत्र के मोहल्ले भाटीपुरा, लौहारपुरा, ओमकॉलोनी, देशवाली कॉलोनी, आनंद नगर, वसुंधरा नगर, गरीब नवाज कॉलेानी, मालियों की ढाणी, हनुमानजी की ढाणी, भाकरों की ढाणी, आदर्श नगर आदि वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़कें व नालियां नहीं बन रही हैं, रोड लाइटें नहीं है। इस पर आयुक्त ने बताया कि शहर का परिसीमन काफी समय पहले ही बढ़ा दिया जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि परिसीमन बढ़ाने को लेकर जिला कलेक्टर नागौर को पत्र भिजवाया है।