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शिशुओं को स्तनपान के लिए माताओं के लिए बनवाया था कक्ष, अब रेलवे अधिकारियों ने लगा रखा है ताला

रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर माताओं को अपने शिशु को स्तनपान करवाने में असहजता से निजात दिलाने के लिए...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 05:35 AM IST

रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर माताओं को अपने शिशु को स्तनपान करवाने में असहजता से निजात दिलाने के लिए महावीर इंटरनेशनल संस्था द्वारा शुरू किया गया प्रोजेक्ट वात्सल्य मकराना शहर में फेल हो गया है। संस्था ने अच्छी पहल के तहत मकराना रेलवे स्टेशन पर 2 माह पहले 8 मार्च को शिशु स्तनपान कक्ष स्थापित किया था। परंतु एक पखवाड़े बाद ही रेलवे स्टेशन अधीक्षक ने कक्ष के ताला जड़वा दिया। हालात यह है कि रेलवे स्टेशन पर अलग से कक्ष होने के बावजूद महिलाओं को अपने छोटे बच्चों को स्तनपान करवाने के लिए स्टेशन पर अलग से सुरक्षित व ओट की जगह तलाशनी पड़ती है। मकराना रेलवे स्टेशन भीड़भाड़ वाला है, इसके चलते महिलाओं के लिए यहां पर स्थापित शिशु स्तनपान कक्ष ने काफी राहत दी थी। लेकिन अब कक्ष के हमेशा ताला लगा होने के कारण अब माताएं काफी असहज महसूस करती है एवं अनेक मामलों में तो शर्म के मारे वे अपने नन्हें मासूम बच्चों को स्तनपान नहीं करवा पाती, जिससे बच्चे भूख से बिलखते रहते हैं। मालूम होवे जोधपुर डिविजन के मकराना सहित 27 रेलवे स्टेशनों पर महावीर इंटरनेशनल संस्था व हिमालय ड्रग कंपनी के सौजन्य से उक्त कक्षों की स्थापना की थी, जिसमें मकराना के कक्ष पर हमेशा ताला ही जड़ा रहता है।

महावीर इंटरनेशनल के सहयोग से दो माह पहले मकराना रेलवे स्टेशन पर शिशु स्तनपान कक्ष शुरू किया गया था

स्तनपान करवाना है तो पहले चाबी लाओ, फिर वापस चाबी देने जाओ

मकराना में स्टेशन अधीक्षक की हठधर्मिता देखिए, उन्होंने एक तुगलकी फरमान जारी कर रखा है। कर्मचारियों को निर्देश है कि वात्सल्य कक्ष के ताला लगाकर रखें। अगर कोई महिला कक्ष में ही बच्चे को स्तनपान करवाना चाहती है तो पहले उसे अथवा उसके परिजन को स्टेशन मास्टर के पास जाना होगा। वहां से उसे कक्ष की चाबी मिलेगी एवं उसके बाद वापस कक्ष के ताला लगाकर स्टेशन मास्टर को चाबी सौंपनी होगी। शर्त के अनुसार अब महावीर इंटरनेशनल व हिमालय ड्रग कंपनी का अधिकार उक्त वात्सल्य कक्ष पर नहीं है। रेलवे ने इसके लिए वात्सल्य कक्ष रिमूवेबल स्ट्रक्चर लगाने एवं उसमें इलेक्ट्रिक आइटम पंखा व लाइट फाइव स्टार रेटिंग के ही लगाने की स्वीकृति दी थी।

स्टेशन अधीक्षक बोले गलत काम न हो जाए इसलिए बंद

इस मामले में स्टेशन अधीक्षक हजारीलाल मीणा ने बताया कि शिशु स्तनपान कक्ष में टेबल कुर्सी लगी हुई है तथा पंखे की व्यवस्था है। ऐसे में इस बात का डर रहता है कि कोई रात्रि में केबिन में घुसकर गलत काम नहीं कर लें। सामान के चोरी हो जाने का भी खतरा रहता है। ऐसे में केबिन के ताला लगाकर रखते हैं तथा जिसे जरूरत होती है वो चाबी लेकर चला जाता है एवं वापस ताला लगाकर चाबी दे जाता है।

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Web Title: शिशुओं को स्तनपान के लिए माताओं के लिए बनवाया था कक्ष, अब रेलवे अधिकारियों ने लगा रखा है ताला
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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