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अलवर ग्रामीण : भाजपा की गुटबाजी रही हावी, एकजुट नहीं हो सके कार्यकर्ता

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 05:50 AM IST
अलवर ग्रामीण : भाजपा की गुटबाजी रही हावी, एकजुट नहीं हो सके कार्यकर्ता

भास्कर संवाददाता | अलवर

अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं में गुटबाजी हावी रही। चुनाव प्रचार के दौरान असंतुष्टों को मनाने आई मुख्यमंत्री से विधायक जयराम जाटव की शिकायत के बाद भी कार्यकर्ताओं में एकजुटता नहीं रही। यही कारण रहा कि यहां भाजपा को 32308 मतों से हार झेलनी पड़ी है। कांग्रेस को 84715 और भाजपा को 52045 वोट मिले हैं। चार साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में 26799 मतों से भाजपा के जयराम जाटव ने जीत दर्ज की थी। वहीं विकास कार्यों को लेकर क्षेत्र की जनता विधायक पर भी भेदभाव का आरोप लगा चुकी है। विधायक की मतदाताओं से दूरी और व्यवहार के कारण वोट खिसक गया। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हल्दीना में मंजूर सैनिक स्कूल को भाजपा सरकार खुलवा नहीं पाई। विश्वविद्यालय भवन अभी तक चारदीवारी तक सिमटा है। कई साल से मालाखेड़ा में कॉलेज की मांग अधूरी है। सरकार पिछले बजट में घोषित मुंसिफ कोर्ट भी नहीं खुलवा पाई। इन मामलों को लेकर चार साल में सरकार और विधायक के खिलाफ विरोध बढ़ा है। इन मामलों में न तो सरकार ने कोई जवाब दिया और न ही विधायक इन मुद्दों को मजबूती से उठा सके। इस विधानसभा से अनुसूचित जाति के परंपरागत मतदाताओं को कांग्रेस अपने पक्ष में करने में कामयाब रही। परिणाम यह रहा कि चुनाव में मतदाता भाजपा से विमुख हो गए और कांग्रेस अपना ग्राफ बढ़ा गई।

ये रहे कांग्रेस की जीत के प्रमुख कारण

कांग्रेस अनुसूचित जाति के वोटों को फिर से अपने पक्ष में करने में कामयाब रही। विकास कार्यों में भेदभाव को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में फूट का फायदा उठाया। पिछले चार साल में जनता और विधायक के बीच बनी दूरी की भरपाई नहीं हो सकी। वहीं पूर्व विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली मतदाताओं में अपनी पुरानी पैठ बनाने में कामयाब रहे।

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