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पयुर्षण पर्व में त्याग व तपस्या की होड़

मालपुरा ग्रामीण | श्री जैन श्वेताम्बर संघ के पयुर्षण पर्व की शुरुआत के साथ ही धर्म-ध्यान व त्याग तपस्या के रुप में...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:05 AM IST
मालपुरा ग्रामीण | श्री जैन श्वेताम्बर संघ के पयुर्षण पर्व की शुरुआत के साथ ही धर्म-ध्यान व त्याग तपस्या के रुप में व्रत और उपवास व तेले सहित आगे तपस्या के भाव रखते हुए तपस्या करने की होड़ मची हुई है। दादाबाड़ी में साध्वी चन्द्रकला श्रीजी आदि ठाणा 4 के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए सुयशा श्रीजी म.सा. ने कहा कि पयुर्षण पर्व आत्मशुद्धि का पर्व है इसमें श्रावक मन, वचन, काया से जीवों की रक्षा करते हुए आत्म साधना कर कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है वहीं नईनगरी मोहल्ला स्थित श्री श्वेताम्बर जैन स्थानक जी महावीर भवन में शनिवार से प्रारम्भ हुए पयुर्षण के दौरान साधु-साध्वी जी का चार्तुमास नहीं होने के कारण श्री श्वेताम्बर स्थानक जैन स्वाध्यायी संघ गुलाबपुरा की और से पयुर्षण पर्व आराधना हेतु अजमेर व गुलाबपुरा से पधारी स्वाध्यायी बहनों ने प्रवचन में स्व पर भेद, भेद विज्ञान, आत्मा व कर्म प्रकृति की व्याख्या की व अन्तकृतदशांग सूत्र का वाचन कर सार गर्भित अर्थ बताया।





पर्युषण पर्व में लगातार श्रावक श्राविकाओं व बच्चों ने व्रत व उपवास, तेले व आइंबिल तप किये। मंगलवार को सामूहिक दया व धार्मिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

फोटो केप्शन 1-प्रवचन के दौरान उपस्थित श्रावक व श्राविकाएं।

मालपुरा ग्रामीण | श्री जैन श्वेताम्बर संघ के पयुर्षण पर्व की शुरुआत के साथ ही धर्म-ध्यान व त्याग तपस्या के रुप में व्रत और उपवास व तेले सहित आगे तपस्या के भाव रखते हुए तपस्या करने की होड़ मची हुई है। दादाबाड़ी में साध्वी चन्द्रकला श्रीजी आदि ठाणा 4 के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए सुयशा श्रीजी म.सा. ने कहा कि पयुर्षण पर्व आत्मशुद्धि का पर्व है इसमें श्रावक मन, वचन, काया से जीवों की रक्षा करते हुए आत्म साधना कर कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है वहीं नईनगरी मोहल्ला स्थित श्री श्वेताम्बर जैन स्थानक जी महावीर भवन में शनिवार से प्रारम्भ हुए पयुर्षण के दौरान साधु-साध्वी जी का चार्तुमास नहीं होने के कारण श्री श्वेताम्बर स्थानक जैन स्वाध्यायी संघ गुलाबपुरा की और से पयुर्षण पर्व आराधना हेतु अजमेर व गुलाबपुरा से पधारी स्वाध्यायी बहनों ने प्रवचन में स्व पर भेद, भेद विज्ञान, आत्मा व कर्म प्रकृति की व्याख्या की व अन्तकृतदशांग सूत्र का वाचन कर सार गर्भित अर्थ बताया।





पर्युषण पर्व में लगातार श्रावक श्राविकाओं व बच्चों ने व्रत व उपवास, तेले व आइंबिल तप किये। मंगलवार को सामूहिक दया व धार्मिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

फोटो केप्शन 1-प्रवचन के दौरान उपस्थित श्रावक व श्राविकाएं।