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मलसीसर में दूसरे दिन भी बाढ़ के हालात

प्रोजेक्ट मैनेजर बी. प्रसाद मलसीसर बांध टूटने का मामला देर रात एनसीसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बी प्रसाद...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 05:30 AM IST

मलसीसर में दूसरे दिन भी बाढ़ के हालात
प्रोजेक्ट मैनेजर बी. प्रसाद

मलसीसर बांध टूटने का मामला

देर रात एनसीसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बी प्रसाद को गिरफ्तार किया

मुख्यमंत्री ने जल संसाधन मंत्री को बुलाकर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी, जो पानी बहा, उसके लिए छोटे-छोटे तालाब बनाने के िनर्देश दिए

भास्कर न्यूज | मलसीसर/झुंझुनूं

मलसीसर में कुंभाराम लिफ्ट कैनाल परियोजना का बांध टूटने के मामले में निर्माण करने वाली नार्गाजुना कंस्ट्रक्शन कंपनी (एनसीसी) के प्रोजेक्ट मैनेजर बी प्रसाद के खिलाफ हजारों लोगों की जान दांव पर लगाने और करोड़ों रुपए बर्बाद करने का मामला दर्ज हुआ है। लेकिन मजे की बात तो यह है जिन धाराओं में मामला दर्ज कराया है, वे जमानत काबिल हैं। थाने में ही जमानत भी मिल जाएगी। देर रात प्रोजेक्ट मैनेजर बी. प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया। इधर, मुख्यमंत्री ने जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप को बुलाकर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। जो पानी बहा है, उसके लिए छोटे-छोटे तालाब बनाने के निर्देश दिए।

तारानगर हैड पर तैनात जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेश कुमार ने रिपोर्ट में बताया मैनेजर बी प्रसाद की लापरवाही से डेम टूटा। हजारों लोगों की जान-माल का खतरा पैदा हो गया। धारा 336ए में जान-माल के नुकसान की आशंका व धारा 427 में आर्थिक नुकसान की बात है। रिपोर्ट में बताया एनसीसी लि. हैदराबाद द्वारा निर्मित रा वाटर रिजरवायर क्षमता 4790 मिलियन लीटर टूटने के कारण लगभग 4400 मिलियन लीटर पानी व्यर्थ बह गया। जान माल का खतरा उत्पन्न हुआ। राज्य सरकार को करोड़ों रुपए की आर्थिक हानि हुई। घटना के लिए मैं एनसीसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बी प्रसाद की आपराधिक लापरवाही मानता हूं। इसलिए उनके विरुद्ध समुचित धाराओं में कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करें। एडवोकेट सुरेंद्र सिंह किशनावत ने बताया कि धारा 336 में कहा है कि ऐसा उपेक्षापूर्ण कृत्य करना जिससे किसी के जीवन को संकट पैदा हो जाए। इसके तहत तीन महीने का कारावास दिया जा सकता है और जमानती धारा है। धारा 427 में लोक या किसी व्यक्ति को आर्थिक नुकसान कारित करना है। इसके तहत दो वर्ष की सजा का प्रावधान है। यह भी जमानती अपराध है। दोनों ही धाराओं में कोई संगीन मामला नहीं बनता।

झुंझुनूं जिला

सरकार ने माना-गुणवत्ता खराब होने से टूटा बांध, आईआईटी दिल्ली या रुड़की करेगी जांच

राज्य सरकार यह मान चुकी है कि निर्माण की गुणवत्ता खराब होने के कारण ही बांध के टूटने की नौबत आई है, जिससे आठ करोड़ लीटर पानी बह गया है। बांध को जो हिस्सा टूट है, वह पूरे बांध का तीन फीसदी है। ऐसे में प्रश्न यह है कि शेष 97 फीसदी की गुणवत्ता की क्या स्थिति है। भविष्य में फिर तो कहीं बांध न टूट जाए। इसकी गारंटी तय करने के लिए सरकार पूरे प्रोजेक्ट की जांच आईआईटी दिल्ली या आईआईटी रुड़की से कराएगी। जांच के दौरान यदि यह पाया गया कि बांध के किसी दूसरे हिस्से में गुणवत्ता खराब है तो उसे समय ठीक किया जाएगा, जिससे भविष्य में सरकार की फजीहत होने से बचाया जा सके।

बांध बनाने वाली एनसीसी कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। यह साफ है कि खराब गुणवत्ता के कारण ही बांध टूटा है। ऐसे में पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता की जांच आईआईटी दिल्ली या रुड़की से कराई जाएगी। साथ ही अगले एक माह के भीतर रेस्टोरेशन का कार्य करके 30 से 40 गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरु कर दी जाएगी। -रजत मिश्र, प्रमुख सचिव जलदाय विभाग

कहर बरपा गई 40 साल की मीठे पानी की उम्मीद, लोगों की आंखों से बह निकला दर्द

मलसीसर/झुंझुनूं. करीब 40 सालों से मीठे पानी की उम्मीद शनिवार को लापरवाह अधिकारियों की भेंट चढ़ गई। ऐसा कहर बरपा गया कि अब मीठे पानी की मंजिल और दूर हो गई। जब कुंभाराम परियोजना का मलसीसर रॉ वाटर रिजर्वायर टूटा तो कस्बे की राजगढ़ रोड पर वार्ड में 12 में कोई अपनी दुकान पर सामान तोल रहा था तो कोई महिला रसोई में खाना बना रही थी। अचानक ‘पानी आ गया, पानी आ गया’ का शोर सुना तो सभी घरों-दुकानों से बाहर दाैड़े। इससे पहले कि वे कुछ सोच-समझ पाते पानी घरों व दुकानों में भर गया और हाय-तौबा मच गई।

विकास केड़िया - जब पानी भरा उस वक्त घर में कोई नहीं था। पापा (राजेंद्र केडिया) हमारी किराने की दुकान पर थे। मां मेरी प|ी का चैकअप कराने गई हुई थी। मैं ड्यूटी पर था। पड़ोसी ने फोन करके बताया कि घर में पानी घुस गया है। घर की दीवार ताेड़ कर नीचे से पानी घुसा है। मैं घर पहुंचा। मेरा परिवार पड़ोसी के घर में सुरक्षित था।

संतोष जोगी-मैं उस वक्त रसोई में खाना बना रही थी। बहू भी दूसरे कमरे में काम कर रही थी। पति निरंजन लाल चक्की पर गए हुए थे। अचानक शोर सुना कि पानी आ गया, पानी आ गया। एकदम से घबरा कर मैं रसोई से बाहर निकली, उधर बहू भी कमरे से बाहर भागी, इतने में तो घर में कमर तक पानी भर गया। दीवार के नीचे होते हुए पीछे पड़ोसी के घर तक चला गया। जैसे-तैसे रात गुजारी।

लियाकत अली काजी-6 साल पहले ही नया घर बनाया था। एक बेटी विकलांग है। शोर सुना कि बांध टूट गया है और पानी आ रहा है। कमरे से बाहर की दौड़ा ही था सामने से पानी आ रहा था। दीवार का सहारा लेकर खड़ा हो गया तो बच गया। पानी घर में चार फीट तक भर गया। दौड़कर विकलांग बेटी को गोद में उठाया और दीवार फांदकर बाहर निकला।।

सुरेश केडिया - मैं दुकान पर था। बेटा कस्बे से बाहर गया हुआ था। घर में बीवी और बहू थी। वे खाना बना रहे थे। प|ी ने बताया कि सवा-डेढ़ बजे अचानक घर से बाहर शोर सुनाई दिया। घर के बाएं कोने की दीवार के नीचे एक बड़ा सुराख हो गया और कुछ ही सैकंड में पानी भर गया। प|ी ने फोन करके घटना की जानकारी दी तो घर पहुंचा। पड़ोस के युवकों ने घर से सामान निकाला।

भ्रष्टाचार कर बांध बनाने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर लेकिन जो धाराएं लगाई हैं, उनमें थाने में ही मिल जाएगी जमानत

घटिया इंजीनियरिंग की वजह से नायब तहसीलदार को दस्तावेज लेने बिना कपड़ों के जाना पड़ा

मलसीसर के तहसील भवन से दस्तावेज लाने के लिए पानी से जाते हुए नायब तहसीलदार फूलचंद मीणा व उनका साथी।

घर में भरे बांध के पानी ने बाहर आने-जाने का रास्ता ही बंद कर दिया। चारपाई लगाकर बाहर आने का प्रयास करती महिला।

चारपाई ही सहारा

मलसीसर से बाहर जाने वाले रास्ते पर भरा पानी। (फोटो उत्तम जोशी)

झुंझुनूं ,सोमवार 2 अप्रैल, 2018 |

मलसीसर में 32 घंटे बाद लौटी बिजली, अभी काफी काम शेष

मलसीसर डेम टूटने के बाद से मलसीसर में शनिवार दोपहर गुल हुई बिजली रविवार रात बहाल कर दी गई। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि अभी तो 33 केवी जीएसएस में पानी भरा है। जीएसएस तक बीच में कई जगह पानी भरा हुआ होने से राहत के लिए संसाधन भी नहीं मंगवा पा रहे हैं। एक पंप पंचायत समिति में तथा दो बिसाऊ नगर पालिका के दो पंप कस्बे में रास्तों तथा लोगों के घरों में पानी निकालने का काम कर रहे हैं। बिजली निगम के चीफ जेएस मांझू ने बताया कि फिलहाल मलसीसर को जाबासर और झटावा फीडर से जोड़कर रात करीब नौ बजे कस्बे की सामान्य बिजली बहाल कर दी गई है।

तीन चीफ इंजीनियर पहुंचे मलसीसर

जल संसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव रजत मिश्रा ने भास्कर को बताया कि तीन चीफ इंजीनियर स्पेशल प्रोजेक्ट महेश करल, रूरल के डीएम जैन व नागौर में चल रहे जायका प्रोजेक्ट के सीएम चौहान मलसीसर आ चुके हैं। इन तीनों की एक कमेटी बनाई है जो इस पूरे मामले में जांच करेगी कि डेम क्यों टूटा, इसके निर्माण में क्या खामी रही, और यह डेम आगे भी मजबूत रहेगा या नहीं, इसकी एक-एक इंच की गहन जांच होगी। मिश्रा ने बताया कि डेम निर्माता कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

जल संसाधन विभाग के तीन चीफ इंजीनियर रविवार को मलसीसर पहुंच गए और जांच शुरू कर दी। हालांकि आधी रात के बाद इस डेम से पानी का बहाव तो रुक गया लेकिन क्षेत्र में करीब तीन वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में खेतों में पानी भरा हुआ है। जानकारों का कहना है कि डेम की जल भराव क्षमता से ज्यादा पानी आने दिया जिससे यह पानी का दबाव नहीं झेल सका और आउटलेट से रिसाव से हुई शुरुआत इस रूप में सामने आई कि डेम में भरा करोड़ों लीटर पानी बाहर निकला और रेगिस्तानी इलाके में हालात खराब कर दिए। पूरे डेम में दरार आ गई। वहीं पूर्व पीएचईडी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सोमवार को झुंझुनूं आएंगे। वे यहां से मलसीसर जाएंगे तथा कुंभाराम लिफ्ट कैनाल परियोजना के रिजरवायर टूटने से उपजी स्थितियों का जायजा लेंगे। उल्लेखनीय है कि यह परियोजना डॉ. सिंह के कार्यकाल में मंजूर हुई थी।

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Web Title: मलसीसर में दूसरे दिन भी बाढ़ के हालात
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