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रजिस्ट्रेशन ऑटाे पार्टस का, फैक्ट्री गत्ते की, असली मालिक कोई और

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 05:30 AM IST

जिस मृतक को फैक्ट्री का मालिक बताया था वह किरायेदार निकला

टपूकड़ा (अलवर) | खुशखेडा की जिस श्रीकृष्ण इंटरप्राइजेज के टैंक में जहरीली गैस से पांच लोगों की मौत हुई उसका मालिक मृतक बिजेंद्र यादव नहीं था। कंपनी में अवैध रूप से गत्ता री-साइक्लिंग प्लांट लगाया गया था, जबकि रीको के रिकार्ड में यहां ऑटो पार्ट्स यूनिट चल रही है। कंपनी के असली मालिक गुड़गांव निवासी हरिओम ने गैरकानूनी रूप से इसे मृतक बिजेंद्र यादव को किराये पर दे रखा था। ये तथ्य सोमवार को घटनास्थल पर प्रशासनिक जांच में सामने आए हैं। यह भी खुलासा हुआ कि फैक्ट्री प्रदूषण के लिहाज से ओरेंज कैटेगरी की थी, लेकिन इसके लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल से ना तो अनुमति ली गई, ना ही रीको या आरपीसीबी के अधिकारी कभी जांच करने पहुंचे। जबकि फैक्ट्री के लिए खुद रीको ने ही जमीन आवंटित की थी। सोमवार को मौके की जांच के बाद एसडीएम कपिल यादव ने कहा कि फैक्ट्री से संबंधित सभी विभागों से विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इसके बाद जिला कलक्टर को रिपोर्ट भेजी जाकर मुआ‌वजे और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।

विभाग ने पांच साल निरीक्षण नहीं किया, अब अधिकारी पहुंचे तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ

रीको ने 2001 में जमीन दी थी, 2013 में मंजूरी ली

रीको के रीजनल मैनेजर केके कोठारी ने बताया कि 2001 में यह जमीन आवंटित की गई। इसे 2013 में गुड़गांवा निवासी हरिओम ने ऑटो पार्ट्स बनाने के लिए खरीदा। रीको रिकार्ड में कंपनी अपने नाम करा ली और इसमें ऑटो पार्ट्स बनाना बताया।

अवैध रूप से दी किराये पर... क्योंकि गत्ता री-साइक्लिंग की मंजूरी नहीं मिलती : रीको अधिकारियों ने बताया कि असली मालिक हरिओम ने बिना रीको की मंजूदी के इसे किराये पर दिया। प्रदूषण मंडल ने कहा कि यह ओरेंज कैटेगरी की थी और जरूरी सम्मति नहीं ली।

कंपनी के संचालक ने प्रदूषण मंडल से कोई स्वीकृति नहीं ली थी। यह ओरेंज कैटेगरी की यूनिट है।समय-समय पर जांच करते हैं, लेकिन रोज जांच नहीं होती। इस फैक्ट्री की जांच कभी नहीं की गई। केसी गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी आरपीसीबी, भिवाड़ी

हमारे पास इतना स्टाफ नहीं है जो समय-समय पर जांच कर सकें। किराये पर देने की रीको से परमिशन लेनी होती है लेकिन इस मालिक ने ऐसा नहीं किया। वैसे भी रीको खुशखेडा औद्योगिक क्षेत्र में गत्ता री-साइक्लिंग की मंजूरी नहीं देता। -केके कोठारी, सीनियर रीजनल मैनेजर, रीको

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