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अलवर में बिना डॉक्टर-लेबर रूम के अवैध गर्भपात, दो हॉस्पिटल सीज

सीएमएचओ ने दो से ढाई हजार रुपए में अवैध रूप से गर्भपात करने वाले दो निजी अस्पतालों को छापे मारकर सीज कर दिया। इन...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 12, 2018, 05:35 AM IST

सीएमएचओ ने दो से ढाई हजार रुपए में अवैध रूप से गर्भपात करने वाले दो निजी अस्पतालों को छापे मारकर सीज कर दिया। इन अस्पतालों में बिना डॉक्टर के मिले ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम व एमटीपी के उपकरण देखकर अधिकारी भी चौंक गए। इनका उपयोग अवैध रूप से गर्भपात के लिए किया जाता था। जांच के लिए इन्हें सीज कर दिया गया है। जीवनधारा हॉस्पिटल से ओपीडी, आईपीडी और लेबर रूम की पर्ची सहित अन्य रिकाॅर्ड जब्त किया है जबकि देव हॉस्पिटल में कोई रिकाॅर्ड ही नहीं था। हॉस्पिटल संचालक ने रिकाॅर्ड नहीं होने का शपथपत्र दिया है। गुरुवार को दोनों अस्पतालों में कार्रवाई की गई। सीएमएचओ डॉ. श्याम सुंदर अग्रवाल ने बताया कि एनईबी एक्सटेंशन स्थित जीवनधारा हॉस्पिटल का सोसायटी एक्ट और क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट और प्रदूषण नियंत्रण मंडल से मेडिकल बाॅयोवेस्ट का रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है, लेकिन छापे की कार्रवाई के दौरान हॉस्पिटल में बिना डॉक्टर के ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम और उपकरण मिले। डॉक्टरों के कोई सहमति पत्र नहीं मिले। प्रथमदृष्टया पता चलता है कि हॉस्पिटल बिना डॉक्टरों के ही चलाया जा रहा है। यहां ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम सहित वार्ड और आईपीडी, ओपीडी व लेबर रूम की पर्ची भी सीज कर दी गई हैं। हॉस्पिटल संचालक राजकुमारी सुलानिया ने पहले जांच के दौरान दिए नोटिस का भी जवाब नहीं दिया था।

हॉस्पिटल में न तो डॉक्टर न डॉक्टर के सहमति पत्र मिले, मरीजों की डिलीवरी और ओपीडी रिकॉर्ड भी नदारद

सीएमएचओ डॉ. अग्रवाल ने बताया कि रणजीत नगर स्थित देव हॉस्पिटल में कार्रवाई के दौरान बिना डॉक्टर के ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम और लैब मिली। यहां भर्ती के लिए बैड भी मिले। हॉस्पिटल में कोई डॉक्टर नहीं मिला और न ही किसी डॉक्टर के सहमति पत्र मिले। हॉस्पिटल में अवैध रूप से मरीजों का इलाज तो किया जाता रहा है, लेकिन किसी भी मरीज और डिलीवरी का ओपीडी व आईपीडी का रिकाॅर्ड नहीं मिला। हॉस्पिटल में गर्भपात करने के उपकरण भी मिले, जिन्हें सीज कर दिया है। संचालक डॉ. राजेश मलिक ने हॉस्पिटल में मरीजों का रिकाॅर्ड नहीं होने का शपथ पत्र दिया है। कार्रवाई के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. छबील कुमार, पीसीपीएनडीटी कॉर्डिनेटर गफूर खान, डीपीएम, औषधि नियंत्रण अधिकारी आदि थे।

भास्कर ने किया था अवैध गर्भपात का मामला उजागर

दैनिक भास्कर ने 8 मई के अंक में सीएमएचओ जिस हॉस्पिटल में जांच कर मामले को निपटा आए, वहां ढाई हजार रुपए में कर रहे अवैध गर्भपात की खबर प्रकाशित कर एनईबी एक्सटेंशन स्थित जीवनधारा हॉस्पिटल और रणजीत नगर स्थित देव हॉस्पिटल में 2500 रुपए में अवैध गर्भपात का मामला उजागर किया था। सीएमएचओ डॉ. अग्रवाल ने छापे की कार्रवाई की, तो अवैध गर्भपात का पूरा सिस्टम मिला। यहां न तो डॉक्टर मिले और न ही गर्भपात का लाइसेंस मिला।

भास्कर न्यूज | अलवर

सीएमएचओ ने दो से ढाई हजार रुपए में अवैध रूप से गर्भपात करने वाले दो निजी अस्पतालों को छापे मारकर सीज कर दिया। इन अस्पतालों में बिना डॉक्टर के मिले ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम व एमटीपी के उपकरण देखकर अधिकारी भी चौंक गए। इनका उपयोग अवैध रूप से गर्भपात के लिए किया जाता था। जांच के लिए इन्हें सीज कर दिया गया है। जीवनधारा हॉस्पिटल से ओपीडी, आईपीडी और लेबर रूम की पर्ची सहित अन्य रिकाॅर्ड जब्त किया है जबकि देव हॉस्पिटल में कोई रिकाॅर्ड ही नहीं था। हॉस्पिटल संचालक ने रिकाॅर्ड नहीं होने का शपथपत्र दिया है। गुरुवार को दोनों अस्पतालों में कार्रवाई की गई। सीएमएचओ डॉ. श्याम सुंदर अग्रवाल ने बताया कि एनईबी एक्सटेंशन स्थित जीवनधारा हॉस्पिटल का सोसायटी एक्ट और क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट और प्रदूषण नियंत्रण मंडल से मेडिकल बाॅयोवेस्ट का रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है, लेकिन छापे की कार्रवाई के दौरान हॉस्पिटल में बिना डॉक्टर के ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम और उपकरण मिले। डॉक्टरों के कोई सहमति पत्र नहीं मिले। प्रथमदृष्टया पता चलता है कि हॉस्पिटल बिना डॉक्टरों के ही चलाया जा रहा है। यहां ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम सहित वार्ड और आईपीडी, ओपीडी व लेबर रूम की पर्ची भी सीज कर दी गई हैं। हॉस्पिटल संचालक राजकुमारी सुलानिया ने पहले जांच के दौरान दिए नोटिस का भी जवाब नहीं दिया था।

हॉस्पिटल में मिली दवाओं व मेडिकल स्टोर की होगी जांच

जीवनधारा हॉस्पिटल में संचालित मेडिकल स्टोर का रिकाॅर्ड भी जब्त किया है। मेडिकल स्टोर में मिली दवाओं व रिकार्ड की जांच औषधि नियंत्रण अधिकारी कर रहे हैं। वे यह भी जांच करेंगे कि मेडिकल स्टोर से बेची गई दवा किस डॉक्टर के पर्चे से मरीजों को दी गई। इसी प्रकार देव हॉस्पिटल में बिना लाइसेंस मिली इलेक्ट्रोपैथी और एलोपैथी की दवाएं जब्त की गई हैं। इसकी जांच भी औषधि नियंत्रण अधिकारी कर रहे हैं। ये शीघ्र अपनी रिपोर्ट देंगे।

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