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होली विशेष

मंडावा | मंडावा की सूखी होली फिल्मी हस्तियों के साथ ही सात समुद्र पार से आने वाले विदेशी मेहमानों को खूब पसंद आती...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:55 AM IST
मंडावा | मंडावा की सूखी होली फिल्मी हस्तियों के साथ ही सात समुद्र पार से आने वाले विदेशी मेहमानों को खूब पसंद आती है। यह परंपरा एक शताब्दी से भी ज्यादा समय से चली आ रही है। इस शालीन होली में पानी का उपयोग नहीं होता। सिर्फ गुलाल से होली खेली जाती है। शहर की अनेक हवेलियों में करीब 121 साल पहले की सूखी होली खेलने का संदेश देने वाले भित्ति चित्र यहां के कलाकारों ने बनाए थे।

मंडावा में हवेलियां देती हैं सूखी होली खेलने की सीख, 121 साल पहले इन पर बने भित्ति चित्र हैं इसके गवाह, यहां होली खेलने आते हैं विदेशी सैलानी

विक्रम संवत 1953 व 1962 में की थी चित्रकारी

शहर के बीचोबीच सेठ स्नेहराम लडिया हवेली पर निर्माण के बाद यहां के कलाकारों ने होली खेलने की चित्रकारी दीवारों पर उकेरी थी, जो आज भी सूखी व शालीन होली खेलने की सीख देती है। हवेली में जीवण राम चेजारा ने विक्रम संवत 1953 में व हनुमाण चेजारा ने 1962 में चित्रकारी कर अपना नाम व तिथि दीवार पर दर्ज की थी, जो आज भी हवेली में पेटिंग के साथ साफ दिखाई देती है।

कंटेंट व फोटो : बाबूलाल शर्मा