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जीवन में ईमानदारी, अनुशासन, धर्मपरायण आवश्यक, इसी पर समाज चले: आचार्य वसुनंदी

कस्बा में जैन समाज की ओर से चल रहे पंचकल्‍याणक प्रतिष्‍ठा महोत्‍सव में चल रहे विभिन्न धार्मिक आयोजनों को लेकर...

Dainik Bhaskar

Feb 09, 2018, 05:55 AM IST
जीवन में ईमानदारी, अनुशासन, धर्मपरायण आवश्यक, इसी पर समाज चले: आचार्य वसुनंदी
कस्बा में जैन समाज की ओर से चल रहे पंचकल्‍याणक प्रतिष्‍ठा महोत्‍सव में चल रहे विभिन्न धार्मिक आयोजनों को लेकर चौथे दिन गुरूवार को तप कल्‍याणक की क्रियाएं आचार्य वसुनन्‍दी महाराज ससंघ के सानिध्य में सुबह से लेकर शाम तक कार्यक्रम हुए। इस दौरान तपकल्‍याणक के अंतर्गत बालक आदिकुमार से राजा बने भगवान बने मनुष्यों को असि एमसीए कृषि शिल्प वाणिज्य और कला की शिक्षाएं आमजन की जीवन यापन के लिए प्रदान की। उन्‍होंने लोगो को ईमानदारी ए अनुशासन तथा धर्म परायण में रहते हुए जीवन बिताने का संदेश दिया। राजा के दरबार में नीलांजना का नृत्‍य देख कर राजा आदिकुमार को वैराग्‍य उत्‍पन्‍न हुआ और दीक्षा लेने के लिए वन की ओर चल दिए वैराग्‍य का दृश्य देख कर माता मरूदेवी अश्रुपूरित नेत्रों से भगवान को रोकने का प्रयास करती है। यह दृश्य देख कर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गये। पंचकल्याणक महोत्‍सव में गुरूवार को सर्वप्रथम मंत्र आराधना नित्य पूजा एवं जन्‍म कल्याणक पूजा हवन किए गए। कार्यक्रम के प्रारंभ मे दीपप्रज्जवन नीरज जैन पंकज जैन अनिल जैन श्रषभ जैन आगरा ने किया। चित्र अनावरण सुरेंद्र जैन अशोक जैन सीकरी अलवर ठंडीराम शिखर चन्द्र जैन पवन जैन अलवर ने किया। कार्यक्रम के स्वागत अध्‍यक्ष अरविंद जैन फिरोजाबाद रहे। इस अवसर पर आचार्य श्री वसुनन्‍दी महाराज ने कहा कि भगवान आदिकुमार संपूर्ण संपदा को छोड़ कर वन की ओर वैराग्‍य करने निकल पड़े वहां वे तप में लीन हो गये। आचार्य श्री ने कहा कि दीक्षा प्रदान कर तप की क्रियाएं पूर्ण की जाती है तो देवों द्वारा वैराग्‍य की आराधना की जाती है। इस अवसर पर अनेको महिला पुरूषों ने संयम की साधना के लिए ब्रह्मचर्य व्रत अंगीकार किया। आचार्य श्री ने लोगो ने ईमानदारी अनुशसान व धर्म परायण में रहते हुए जीवन बिताने का संदेश दिया। दोपहर में दीक्षा विधि अंकन्‍यास संस्‍कारारोपण ए पूजा आदि कार्यक्रम संपन्न हुए। सायंकाल मंगल आरती एवं प्रवचन संपन्न हुए रात्रि वेला में सास्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला भक्ति प्रस्तुति मोनिका जैन अलवर द्धारा व भरत वाहुवली नृत्‍य नाटिका चक्रेश जैन द्धारा की गई। आयोजक कमेटी सुमन जैन अजीत जैन शीतल जैन, महावीर जैन अध्‍यक्ष मनियां जैन समाज अजीत जैन रहे। इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत भी किया गया।

धर्म-समाज

मनियां। महोत्सव में विभिन्न वेषभूषा में प्रस्तुति देते एवं मौजूद महिलाएं।

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