मनिया

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जहां हिंसा और अन्याय, वहां नहीं रहते भगवान

जसुपुरा गांव में चल रही भागवत कथा में राष्ट्रीय बाल व्यास शिव शक्ति पुत्र रिषभ देव ने भगवान श्री कृष्ण की बाल...

Dainik Bhaskar

Apr 12, 2018, 04:15 AM IST
जहां हिंसा और अन्याय, वहां नहीं रहते भगवान
जसुपुरा गांव में चल रही भागवत कथा में राष्ट्रीय बाल व्यास शिव शक्ति पुत्र रिषभ देव ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण का अवतार मथुरा में हुआ लेकिन कंस के कारण भगवान मथुरा में एक घंटा भी नहीं रुके सीधे गोकुल में यशोदा मैया के यहां चले गए। उन्होंने कहा कि कंस का मतलब है हिंसा अत्याचार अन्याय यानी कि जहां हिंसा होती है अत्याचार होता है अन्याय होता है अधर्म होता है वहां भगवान नहीं रहते हैं भगवान तो यशोदा के यहां निवास करते है यशोदा का मतलब है पवित्र प्रेम, जहां पवित्र प्रेम है। वहीं भगवान निवास करते हैं भगवान श्रीकृष्ण ने माखन चोरी लीला के द्वारा माता यशोदा को प्रसन्न किया और भगवान ने माटी खाई माटी खाने का मतलब है पृथ्वी को अपने हृदय में धारण करना पृथ्वी क्षमा करने वाली होती है इसीलिए भगवान ने पृथ्वी के अंश को खा कर के अपने अंदर क्षमा को प्रवेश किया है इसके बाद भगवान ने काली नाग को नाथा है, काली नाग का मतलब है कपट अगर यमुना में काली नाग रहेगा तो यमुना प्रदूषित हो जाएगी। यमुना का मतलब है भक्ति अगर भक्ति में कपट होगा तब वह भक्ति किसी काम की नहीं रहेगी। शिव शक्ति पुत्र ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने 7 वर्ष की उम्र में 7 कोस के गिरिराज पहाड़ को 7 दिन तक अपने बाएं हाथ की कनिष्ठिका उंगली पर धारण किया। उन्होंने कहा कि भगवान ने ब्रह्मचर्य का प्रताप बताया है अगर प्राणी के अंदर ब्रह्मचर्य हो सत्य हो तो वह बड़े से बड़े भारी पहाड़ों को भी धारण कर सकता है। गिरिराज लीला का दिव्य वर्णन करके कथा को समापन किया कथा के मुख्य परीक्षित रामदीन शर्मा जी ने अपने पुत्रों सहित भगवान की भव्य आरती उतारी। जिसमें हरिओम शर्मा रविंद्र शर्मा, रामेंद्र शर्मा, हरेंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे। लेखराज शास्त्री ने फूल चढ़ाकर पूजन कराया संगीत कलाकारों ने दिव्य भजनों द्वारा सब लोगों को भावुक कर दिया। कथा के अंत में प्रसादी का वितरण किया गया।

मनियां. भागवत कथा श्रवण करते श्रद्वालु।

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