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महापुरुषों का जन्म तो विश्व में धर्म की स्थापना करने के लिए होता है: बाल व्यास

जसुपुरा गांव में चल रही भागवत सप्ताह के पांचवें दिन वृंदावन से आए कथा वाचक शिव शक्ति पुत्र ऋषभदेव ने राम कथा का...

Dainik Bhaskar

Apr 11, 2018, 04:35 AM IST
महापुरुषों का जन्म तो विश्व में धर्म की स्थापना करने के लिए होता है: बाल व्यास
जसुपुरा गांव में चल रही भागवत सप्ताह के पांचवें दिन वृंदावन से आए कथा वाचक शिव शक्ति पुत्र ऋषभदेव ने राम कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि अयोध्या के महाराज दशरथ की तीन रानियां थी, लेकिन पुत्र कोई नहीं था तब दशरथ अपने गुरु वशिष्ट की शरण में गए और वशिष्ठ जी ने श्रृंगी ऋषि के द्वारा पुत्रेष्टि यज्ञ कराई तब दशरथ जी के यहां 4 पुत्र पैदा हुए।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार अगर जीवात्मा अपने सद्गुरु की शरण ले लेगा तब इसे राम की प्राप्ति हो जाएगी। भगवान राम अयोध्या में जब प्रगट हो गए तब विश्वामित्र लेने के लिए आए तो भगवान राम ने अयोध्या के सुख को नहीं देखा और विश्वामित्र के साथ चल पड़े। बाल व्यास ने कहा कि महापुरुषों का जन्म परिवार को प्रसन्न करने के लिए नहीं होता है महापुरुषों का जन्म तो विश्व में धर्म की स्थापना करने के लिए होता है।

समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए होता है। भगवान राम ने सोचा अगर मैं अयोध्या में रहूंगा तो केवल धर्म की स्थापना अयोध्या में ही हो पाएगी इसीलिए भगवान राम छोटी सी अवस्था से विश्वामित्र जी के साथ धर्म की प्रतिष्ठा करने के लिए निकल पड़े और ताडिका जैसी राक्षसी को मारकर मारीच सुबाहु को पराजित करके यज्ञ सफल किया।

भगवान राम विवाह होने के बाद वन में चले जाते हैं और केवट पर कृपा करते हैं केवट पर कृपा करने का मतलब यह है कि भगवान राम के अंदर किसी के प्रति हीन भावना नहीं थी। बाल व्यास ने कहा कि रामचरितमानस में जटायु जैसा धर्मात्मा कोई नहीं था जटायु गिद्ध होने पर भी एक नारी के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। गिद्धराज जटायु ने मांसाहारी होने पर भी एक नारी को पहचान लिया। इंसान शाकाहारी होने पर भी नारियों को पहचान नहीं रहा है उनके प्रति हीन भावना रखता है। कथा श्रवण करने के लिए गांव के अलावा आस पास के गावों से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पहुंचे। अंत में प्रसादी का वितरण किया गया।

जसूपुरा में भागवत सप्ताह में राम कथा का विस्तार से किया वर्णन

मनियां. भागवत कथा श्रवण करते श्रद्वालु

त्रयंबकेश्वर में भागवत कथा सितंबर में होगी

धौलपुर | महाराष्ट्र के नासिक जिले में भगवान श्री त्रयंबकेश्वर महादेव की पावन धरा त्रयंबक में श्रीमद् भागवत भक्त मंडल धौलपुर के तत्वावधान में भागवत का आयोजन 15 सितंबर से 22 सितम्बर तक स्वामी गगनगिरी महाराज के आश्रम में किया जाएगा। मंडल के संयोजक महेशचंद मंगल ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था की गई है। कथा में भाग लेने के लिए त्रयंबकेश्वर जाने वाले श्रोता व भक्तों का पंजीयन शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्थान सीमित होने के चलते पंजीयन कराने की अंतिम तारीख 20 अप्रैल निर्धारित की गई है। जो भी श्रद्धालु त्रयंबकेश्वर जाना चाहते हैं वे मंडल द्वारा निर्धारित आवेदनपत्र भर कर महेशचंद मंगल धूलकोट अथवा केशवदेव बंसल बर्तन वालों के यहां जमा करा सकते हैं।

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