Hindi News »Rajasthan »Manoharpur» दौसा-मनोहरपुर हाइवे पर बाइक पर गश्त करते वनपाल को ट्रक ने मारी टक्कर, मौत

दौसा-मनोहरपुर हाइवे पर बाइक पर गश्त करते वनपाल को ट्रक ने मारी टक्कर, मौत

दौसा मनोहरपुर एनएच 148 पर शुक्रवार देर रात मोटरसाइकिल से गश्त करते समय वनपाल को एक ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 15, 2018, 05:10 AM IST

दौसा-मनोहरपुर हाइवे पर बाइक पर गश्त करते वनपाल को ट्रक ने मारी टक्कर, मौत
दौसा मनोहरपुर एनएच 148 पर शुक्रवार देर रात मोटरसाइकिल से गश्त करते समय वनपाल को एक ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। जिससे वनपाल की मौत हो गई, रायसर पुलिस चौकी हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह व कांस्टेबल रामचन्द्र गुर्जर ने बताया कि शुक्रवार देर रात करीब 9:30 बजे रायसर वन कार्यालय में कार्यरत वनपाल गौरव बिश्नोई निवासी रोटू, तहसील जायल, जिला नागौर अपनी मोटरसाइकिल से दौसा-मनोहरपुर एन.एच 148 पर गश्त कर रहा था ओर दौसा से मनोहरपुर की ओर तेज गति से जा रहे एक ट्रक ने बहलोड़ के समीप टीलों की ढाणी के पास अचानक मोटरसाइकिल के पीछे से टक्कर मार दी। जिस पर मोटरसाइकिल सवार चालक गौरव बिश्नोई के सिर में गहरी चोट लगने पर वह बेहोश हो गया और ट्रक चालक ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गया, जब 1 घंटे तक बिश्नोई लोटकर नही आया तो साथी स्टाफ ने बिश्नोई को फोन किया। परंतु बिश्नोई का फोन रिसीव नहीं हुआ तो वनपाल राजेंद्र गुर्जर अपनी मोटरसाइकिल से उसे देखने गया तो बहलोड़ के समीप हाइवे पर देखा कि गौरव बिश्नोई गंभीर घायल अवस्था में पड़ा था और चारों और खून बिखरा हुआ था, तो गुर्जर ने तुरंत पुलिस चौकी में सूचना दी जिस पर हम लोग मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की सहायता से घायल बिश्नोई को जयपुर सवाई मानसिंह अस्पताल के लिए रवाना कर दिया।जहां बिश्नोई की हालत गंभीर होने के कारण उसने जमवारामगढ़ पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को जमवारामगढ़ अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया था और शनिवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया ।

परिवार में अकेला पालनहार

रायसर वन कार्यालय के वनपाल पवन कुमार ने बताया कि गौरव बिश्नोई तीन भाईयों में दूसरे नंबर का था ओर माता पिता बुजुर्ग हैं। बड़े व छोटे भाई को गौरव ही अपने पैसे लगा कर नौकरियों की तैयारी करवा रहा था जिसमें बड़ा भाई तो विकलांग हैं ओर तो ओर अभी तक तीनों भाईयों में किसी की भी शादी नही हुई ओर माता पिता खेती करके जैसे तैसे अपना गुजारा चला रहे हैं। एक गौरव ही घर में कमाने वाला एक कमाऊपूत था वो भी चला गया। ऐसे में परिजनों को गौरव कि मौत के बारे मैं जैसे ही पता लगा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

गौरव विश्नोई (फाइल फोटो)

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Manoharpur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×