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पानी की कमी तो कभी अधिक बारिश से नष्ट हो रही थी फसल, अब..

खेती में कई तरह की नई तकनीक का उपयोग कर अधिक पैदावार लेने के लिए किसानों में अब जागरूकता देखने को मिल रही है। इसी का...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 11, 2018, 05:05 AM IST

पानी की कमी तो कभी अधिक बारिश से नष्ट हो रही थी फसल, अब..
खेती में कई तरह की नई तकनीक का उपयोग कर अधिक पैदावार लेने के लिए किसानों में अब जागरूकता देखने को मिल रही है। इसी का नतीजा है कि जारोड़ा क्षेत्र में साल भर में करीब 270 किसानों ने कृषि विभाग की अनुदान योजना के तहत अपने खेतों में बारिश के पानी को एकत्रित करने के लिए पानी फार्म पौंड बनवा लिए हैं।

इन फार्म पौंड के बनवाए जाने से किसान न सिर्फ रबी की फसल कीं सिंचाई कर सकेंगे बल्कि कई बार अधिक बारिश होने से फसल खराबे के नुकसान से भी बच सकेंगे। सरकार की इस अनुदान योजना में किसान को फार्म पौंड बनवाने में आए खर्च की 60 प्रतिशत तक राशि सरकार वहन करती है। खेतों में फार्म पौंड़ बनवाए जाने के बाद असिंचित क्षेत्र के किसान भी सिंचित क्षेत्र की भांति दो फसल ले रहे हैं। किसानों का कहना है कि फार्म पौंड़ पूरा भरा होने पर करीब 20 बीघा खेत की सिंचाई 3 से 4 बार आसानी से की जा सकती है।

जारोड़ा. खेडूली के एक खेत में जेसीबी से फार्म पौंड की खुदाई करवाते किसान।

बारिश के पानी का दोहरा फायदा, न खराबे का डर न-ही सिंचाई की चिंता क्योंकि: मेड़ता क्षेत्र के 270 किसानों ने खेतों में बनवा लिए फार्म पौंड

पहले बताया गलत

किसान मोहनराम ने बताया कि कच्चा फार्म पौंड़ खुदवाने के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा सत्यापित करने के बाद किसान को लागत का 60 फीसदी या अधिकतम 63000 हजार रुपए तक का कृषि विभाग द्वारा अनुदान दिया जाता है। गत साल कृषि विभाग द्वारा करीब 270 किसानों को फार्म पौंड पर अनुदान राशि उपलब्ध करवाई गई थी। गत वर्ष पौंड बनवाने वाले किसानों ने बताया कि बारिश के दिनों में काली मिटटी होने के कारण थोड़ी सी अधिक बारिश होते ही खेत मे पानी भर जाता था। जिस कारण मूंग आदि की फसल गलकर नष्ट हो जाती थी। लेकिन अब इसका डर नहीं है। बारिश के दिनों में फसल में जरूरत से अधिक पानी भरने पर उसे फार्म पौंड में उतार देते हैं। इसके बाद इसी पानी से पंपसेट की सहायता से करीब 20 से 25 बीघा जीरा, सिंधीसुआ , ईसबगोल आदि फसलों की सिंचाई कर लेते हैं। किसान मोहनराम इस योजना में कृषि विभाग से 53 हजार रुपए का अनुदान प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में अन्य किसान फार्म पौंड बनवाने को फिजूल का खर्च बताते थे। लेकिन अन्य किसानों को इसका लाभ लेते देख अब शेष किसान भी इस योजना में आवेदन कर रहे हैं। जारोड़ा क्षेत्र में करीब 270 किसान फार्म पौंड बनवाकर अनुदान राशि प्राप्त कर चुके हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान जमाबंदी की नकल, नक्शा, भामाशाह व आधार कार्ड आवेदन के साथ लगाकर ई-मित्र से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अब दूसरे किसानों को पौंड का लाभ लेते देख अन्य भी बना रहे फार्म पौंड

300 किसानों ने किया था आवेदन, 30 काे लाभ मिलना शेष

खेती को उचित तरीके से करने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना में करीब 300 किसानों ने आवेदन किया था। लेकिन उस वर्ष कृषि विभाग के पास उतना लक्ष्य नहीं होने के कारण 30 किसान योजना के तहत मिलने वाले अनुदान से वंचित रह गए थे। जिन्हें आगामी समय में अनुदान दिया जाएगा। इधर किसानों से जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि खेत में फार्म पौंड से दोहरा लाभ हो रहा है। अधिक बारिश बचा सकते हैं और सिंचाई भी कर सकते हैं।

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