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प्रदेश की पहली घटना : चलती ट्रेन से गिरी 12 साल की बच्ची 2 किमी रेल को पीछे ले ढूंढा, उपचार को ले जाते समय मौत

भास्कर संवाददाता | मेड़ता रोड डेगाना-मेड़ता रोड रेल मार्ग पर डेगाना-जासलू के बीच कोटा-श्रीगंगानगर ट्रेन से...

Dainik Bhaskar

May 30, 2018, 05:10 AM IST
भास्कर संवाददाता | मेड़ता रोड

डेगाना-मेड़ता रोड रेल मार्ग पर डेगाना-जासलू के बीच कोटा-श्रीगंगानगर ट्रेन से सोमवार रात को 12 साल की ममता गिर गई। हादसे की सूचना मिलने पर ट्रेन स्टाफ ने ट्रेन को करीब दो किमी पीछे लिया और उसका तलाश किया। वह घायल हालत में पटरियों के पास मिली। उसे ट्रेन में बिठाकर रेण स्टेशन लाया गया। जहां से एंबुलेंस से उपचार के लिए मेड़ता सिटी भेजा गया। हालांकि, उपचार के लिए ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। प्रदेश में हादसे में घायल को ढूंढ़ने के लिए ट्रेन को पीछे ले जाने का यह पहला मामला बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, कोटा से श्रीगंगानगर जाने वाली सुपरफास्ट ट्रेन सोमवार रात 12:40 बजे डेगाना से रवाना हुई थी। डेगाना-जालसू स्टेशन के बीच खंभा संख्या 482 के 6 के पास यात्रियों ने चैन खींचकर कर ट्रेन को रोक दिया। यात्रियों ने आरपीएफ एस्कॉर्ट के हैड कांस्टेबल सुरेंद्रसिंह, बल कर्मी कर्मपाल, रतिराम और जीआरपी हनुमानगढ़ के प्रभुदयाल, पवन कुमार को बताया कि पीछे 12 साल की ममता ट्रेन से गिर गई है।

इस पर तुरंत लोको पायलट और गार्ड को ट्रेन से बच्ची के गिरने की सूचना दी गई। रनिंग स्टाफ ने जोधपुर कंट्रोलर को सूचना दी और ट्रेन को करीब 2 किमी तक पीछे ले गए। जहां पर ट्रैक से 15 फीट की दूरी पर घायल अवस्था में ममता मिली।जोधपुर कंट्रोलर को सूचना देने के बाद रेण में एक बार फिर ट्रेन को रोका गया। जीआरपी और आरपीएफ के कर्मचारी भी उतर गए। घायल ममता को एंबुलेंस से उसके नाना और नानी के साथ मेड़ता सिटी उपचार के लिए भेजा गया। लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। उसके साथ यात्रा कर रहे नाना बजरंगलाल ने बताया कि ममता बीकानेर जिले के कालू थाना क्षेत्र के रावासर गांव की रहने वाली है। वे ममता का शव लेकर गांव के लिए रवाना हुए। आरपीएफ के कर्मचारियों ने बताया कि घायल ममता को बचाने के लिए यात्रियों ने भी अपने स्तर पर काफी प्रयास किए थे।

फुलेरा से नाना के साथ लूणकरणसर लौट रही थी ममता

जानकारी के अनुसार 12 वर्षीय ममता अपने नाना-नानी के साथ पुष्कर में नहाने के बाद अन्य स्थानों पर होते हुए सोमवार रात को फुलेरा से लूणकरणसर के लिए ट्रेन में रवाना हुई थी। इसी दौरान डेगाना के आस-पास ममता को लघुशंका होने पर वह बाथरूम के लिए जा रही थी। इस दौरान वह आधी नींद में थी। इस कारण वह कोच के गेट से नीचे गिर गई थी।

कर्मपाल और ट्रेन स्टाफ के 5 मिनट के दो अहम निर्णय घायल ममता को बचाने के लिए किए हरसंभव प्रयास

कोटा-श्रीगंगानगर सुपरफास्ट ट्रेन से 12 साल की बच्ची के गिरने के हादसे की सबसे पहली सूचना आरपीएफ के कर्मपाल को मिली। उन्होंने तत्काल ट्रेन के गार्ड को सूचना देकर बताया कि एक बच्ची ट्रेन से गिर गई है। इसलिए ट्रेन को आगे नहीं बढ़ाकर उसे ढूंढ़ने का प्रयास किया जाए। इसके बाद गार्ड ने जोधपुर कंट्रोलर को सूचना दी। बाद में ट्रेन को पीछे लिया गया। कर्मपाल ट्रेन के साथ-साथ दौड़ते-दौड़ते बच्ची को पटरियों के किनारे पर ढूंढ रहा था। करीब 2 किमी बाद बच्ची नजर आई। वह पटरियों से करीब 15 फीट की दूरी पर घायल पड़ी थी।

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डेगाना-जालसू के बीच हादसा घायल को मेड़ता अस्पताल भेजने के लिए रेण में फिर रुकी ट्रेन

बच्ची के पटरियों के पास घायल हालत में मिलने के बाद सबसे पहले कर्मपाल ने जीआरपी और आरपीएफ के साथियों व यात्रियों की मदद से फर्स्ट एड किट से उसको प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उन्होंने मौके से ही रेण स्टेशन से एंबुलेंस की उपलब्धता को देखते हुए एंबुलेंस के लिए भी सूचना करवाई। ताकि बच्ची का समय पर उपचार शुरू किया जा सके। इसके बाद रेण में ट्रेन को रोककर घायल ममता को उसके नाना व अन्य परिजनों के साथ एंबुलेंस से उसे मेड़ता सिटी के लिए रवाना किया गया। लेकिन मेड़ता अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में बच्ची ने दम तोड़ दिया।

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