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चारभुजा चौक से गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई नगर परिक्रमा,15 स्थलों का करेंगी भ्रमण, आज पहुंचेंगे बड़वासन माताजी मंदिर

भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी (आंचलिक)। पिछले चार दशक से पुरुषोत्तम माह (हर तीन साल में एक बार आने वाला अधिक मास)...

Dainik Bhaskar

Jun 05, 2018, 05:20 AM IST
चारभुजा चौक से गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई नगर परिक्रमा,15 स्थलों का करेंगी भ्रमण, आज पहुंचेंगे बड़वासन माताजी मंदिर
भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी (आंचलिक)।

पिछले चार दशक से पुरुषोत्तम माह (हर तीन साल में एक बार आने वाला अधिक मास) में निकलने वाली सात दिवसीय मीरा नगर परिक्रमा सोमवार को गाजे-बाजे व भगवान के जयकारों के साथ शुरू हुई। सुबह 6 बजते ही परिक्रमा में शामिल होने वाले श्रद्धालु चारभुजा मंदिर पहुंच गए। यहां साढ़े 6 बजे मीरा बाई की प्रतिमा के आगे साधु संतों ने ध्वज पूजन कर यात्रा का श्रीगणेश किया। इसके बाद सवा 7 बजे नगर परिक्रमा चारभुजा चौक से रवाना हुई। इस दौरान यात्रा जिन गली-मोहल्लों से गुजरी वहां लोगों ने सभी पदयात्रियों का स्वागत किया। परिक्रमा में खोखरिया जोधपुर के संत कमल दास महाराज के सान्निध्य में यात्रा शुरू हुई। यात्रा समिति के अध्यक्ष फकीरचंद शर्मा, सचिव अशोक राठी, जंवरीलाल जांगिड़, रमेश चौहान, दूलाराम प्रजापति, श्यामलाल इंटारा, दामोशर शर्मा, रामेश्वर लाल जांगिड़, गिरधारी वैष्णव, प्रेम प्रकाश जांगिड़, रमेश सैन, चंपालाल वैष्णव तथा कृष्णा पांडे सहित बड़ी संख्या में महिलाएं भी यात्रा में शामिल थीं।

मेड़ता सिटी

यात्रा में शामिल होने के लिए किया पंजीयन

यात्रा में शामिल होने के लिए यूं तो कई दिनों से मेड़ता नगर परिक्रमा समिति के यहां श्रद्धालु पंजीयन करवा रहे थे। मगर सर्वाधिक पंजीयन सोमवार सुबह 6 बजे चारभुजा चौक में किए गए। एक ही दिन में 200 से अधिक पुरुष व महिलाओं ने यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीयन कराया। लोगों में यात्रा में शामिल होने के लिए होड़ सी रही।

पांचडोलिया में किया पदयात्रियों ने रात्रि विश्राम

चारभुजा मंदिर से सोमवार सुबह रवाना हुई नगर परिक्रमा यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई डांगावास स्थित भीमशंकर महादेव मंदिर पहुंची। इसके बाद सभी यात्री भजन गाते हुए गांव पांचडोलिया पहुंची। 5 जून को यात्रा गणेशपुरा, बड़वासन माताजी मंदिर व 6 जून को मौजीराम का बेरा, भूरियासनी कदम-कदमनी वृक्ष पहुंच विश्राम करेगी। इस परिक्रमा में शामिल सभी श्रद्धालु सोमवार सुबह मीराबाई एवं चारभुजा मंदिर में मंगला आरती में भी शामिल हुए। परिक्रमा में खोखरिया जोधपुर के संत कमल दास महाराज के साथ अन्य साधु-संत भी यात्रा में शामिल हुए। आयोजन समिति के अध्यक्ष फकीरचंद शर्मा व सचिव अशोक राठी ने बताया कि परिक्रमा 15 धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर 10 जून को मेड़ता लौटेगी।

भागवत कथा के 7वें दिन सुनाया कृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग, सजीव झांकियां भी सजाईं

संखवास| कस्बे के मंडी बास में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में सोमवार को कंस वध व भगवान श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह का सुंदर वर्णन किया गया। संत दीपाराम महाराज ने रात्रिकालीन में नानी बाई मायरा की कथा सुनाई। जबकि भागवत कथा के छठे दिन गोपियों के साथ रास लीला, भोलेनाथ शंकर ने गोपी का रूप बनाया व रासलीला में आनन्द लिया। भगवान कृष्ण की गुरुकुल में शिक्षा एवं उद्धव के ज्ञान के अभिमान को दूर करने के लिए नंदगांव भेजने की कथा सुनाई। इस दौरान भगवान कृष्ण और रुक्मणी की सजीव झांकी सजाई गई। भगवान कृष्ण की बारात हेडा परिवार के घर से निकली और कथा स्थल पर पहुंची। जहां भक्तों ने कृष्ण और रुक्मणी पर फूलों की बारिश की। कृष्ण रुक्मणी का विवाह हुक्मीचंद शास्त्री ने करवाया। कथा वाचक संत दीपाराम महाराज ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन से अंधेरा मिट जाता है। कथा के दौरान भजनों पर महिलाओं ने नृत्य किया। इस दौरान गोविंदराम, हरिनारायण, बालाराम, जेठमल, दामोदर हेडा परिवार व कस्बे सहित आस-पास के गांवों से आए भक्तों ने कथा सुनकर पुण्य लाभ कमाया।

संखवास

चारभुजा चौक से गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई नगर परिक्रमा,15 स्थलों का करेंगी भ्रमण, आज पहुंचेंगे बड़वासन माताजी मंदिर
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