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6 माह बाद हुई बैठक: पीएचईडी अधिाकारी नहीं पहुंचे तो जनप्रतिनिधियों का फूटा गुस्सा, लिया निंदा प्रस्ताव

भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी मेड़ता पंचायत समिति की साधारण सभा की गुरुवार को हुई बैठक में सदस्यों ने अनुपस्थित...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 01, 2018, 05:25 AM IST

  • 6 माह बाद हुई बैठक: पीएचईडी अधिाकारी नहीं पहुंचे तो जनप्रतिनिधियों का फूटा गुस्सा, लिया निंदा प्रस्ताव
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    भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी

    मेड़ता पंचायत समिति की साधारण सभा की गुरुवार को हुई बैठक में सदस्यों ने अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इस दौरान जलदाय विभाग के अभियंताओं के खिलाफ सदन ने सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव भी पारित कर दिया। इस दौरान पानी, बिजली व रेवेन्यू के मुद्दे छाए रहे। पंचायत समिति की बैठक प्रधान किरण मेहरिया की अध्यक्षता में पंचायत समिति सभागार में सवा 11 बजे शुरू हुई। इस दौरान अतिक्रमण प्रकरणों का निस्तारण नहीं होने, पानी व बिजली का संकट बरकरार रहने तथा जनप्रतिनिधियों के काम नहीं होने के मुद्दे उठे। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के अधिकारी फोन तक रिसीव नहीं करते।

    प्रधान मेहरिया ने कहा कि बैठक से संबंधित विभागों के सक्षम अधिकारी नहीं पहुंचेंगे तो उनके खिलाफ नोटिस जारी करने के साथ कार्रवाई की जाएगी। बीडीओ कविता जसोरियां ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों को 7 दिन में बैठक की प्रोसिडिंग भिजवा दी जाएगी। साथ ही बैठक में उठी समस्याओं को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को सूचना देकर एक माह के भीतर समस्या का निस्तारण कराकर संबंधित जनप्रतिनिधियों को सूचित किया जाएगा। बैठक में उप प्रधान चेतन जाजड़ा, सरपंच संघ अध्यक्ष सुखाराम लूणियावास, राजेंद्र कस्वां धांधलास, सुनीता भंवरिया सोगावास, ओम डांगावास, लादूराम मेघवाल बासनी सैजा सहित सरपंच व पंचायत समिति सदस्य मौजूद थे।

    मेड़ता सिटी. पंचायत समिति की बैठक में शामिल हुए जनप्रतिनिधि व सरपंच अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए

    रेण को मेड़तासिटी डिस्कॉम कार्यालय के अधीन करने की मांग

    बैठक में अधूरे गौरव पथ के मुद्दे भी जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता से सदन में रखे। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन बस्तीराम डिडेल ने क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों, मिसिंग लिंक सड़क निर्माण, सड़कों के सुदृढ़ीकरण के बारे में जानकारी दी। मोररा सरपंच सुखाराम हुड्‌डा ने मुद्दा उठाया कि मोररा में गौरव पथ निर्माण कार्य पूर्ण होने से पहले ही ठेकेदार ने कार्य पूर्ण का बोर्ड लगा दिया। जबकि गौरव पथ का निर्माण अधूरा पड़ा है। अतिक्रमण के चलते ग्रेवल सड़कों का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। मोकालपुर सरपंच ने भी गौरव पथ निर्माण कार्य अधूरा होने का मुद्दा उठाया। इस पर एक्सईएन डिडेल ने जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया कि ग्रामीण संबंधित फर्म को नाली निर्माण नहीं करने दे रहे हैं। जिससे निर्माण कार्य बंद है। कृषि विभाग के सहायक निदेशक अणदाराम चौधरी ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फार्म पौंड सहित विभिन्न कृषि विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। खाखड़की सरपंच श्यामलाल मेहरिया ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड में त्रुटियां हैं, कार्ड भी आधे अधूरे बने हैं। सहायक निदेशक चौधरी ने कहा कि यह सैंपल वर्ष 2016 में लिए गए थे। बिना सैंपल कार्ड जारी होना संभव नहीं है। रेण उप सरपंच कैलाश स्वामी बताया कि कस्बे के ग्रामीणों को डिस्कॉम के छोटे से कार्य को लेकर 22 किमी दूर मेड़ता रोड जाना पड़ता है। जबकि मेड़ता सिटी मात्र 14 किमी है। अगर रेण को मेड़ता एईएन कार्यालय के अधीन कर दिया जाए तो लोगों को फायदा मिलेगा। इस पर एक्सईएन मीणा ने इसका प्रपोजल बनाकर उच्चाधिकारियों को भिजवाने का भरोसा दिलाया। ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. सुशील दिवाकर ने स्वास्थ्य विभाग की जानकारियां दी। इंदावड़ सरपंच नंदाराम मेहरियां ने इंदावड़ में बड़ा कस्बा होने के बावजूद पीएचसी नहीं होने का मुद्दा उठाया। बैठक में डिस्कॉम एक्सईएन फैलीराम मीणा, पशुपालन विभाग के डॉ. हरीराम कड़वासड़ा, क्षेत्रीय वन अधिकारी दौलतराम गोदारा ने भी विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

    न्याय आपके द्वार शिविर के चलते एसडीएम, तहसीलदार व पीएचईडी के अधिकारी नहीं आने से भड़के जनप्रतिनिधि

    छह माह के लंबे अंतराल के बाद हुई बैठक में जिम्मेदार अधिकारियों की गैर मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। बैठक में एसडीएम, तहसीलदार सहित जलदाय विभाग के अभियंता मौजूद नहीं थे। साधारण सभा की बैठक में नियमानुसार जलदाय विभाग के एक्सईएन या ग्रामीण एईएन की उपस्थिति अनिवार्य है मगर सदन में दोनों के बजाय मेड़ता शहर के एईएन सुधीरचन्द्र गुप्ता उपस्थित हो गए। वे किसी भी सदस्य के सवाल का जवाब देने की स्थिति में नहीं थे क्योंकि वे सिटी एईएन हैं। इस पर सदन में हंगामा शुरू हो गया। कुछ सदस्यों ने बैठक से ही जलदाय विभाग के एक्सईएन धन्नाराम चौहान से संपर्क करने की कोशिश भी की। नाराज जन प्रतिनिधियों ने पीएचईडी अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लिया। पंचायत प्रसार अधिकारी गोविंद सिंह ने बैठक में जन प्रतिनिधियों को अवगत कराया कि न्याय आपके द्वार अभियान का शिविर होने के चलते एसडीएम हीरालाल मीणा व तहसीलदार विशनाराम देवड़ा बैठक में नहीं पहुंच पाए हैं।

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