मेरटा

  • Hindi News
  • Rajasthan News
  • Merta News
  • राशन दुकानों के लिए चार बार बढ़ाई आवेदन तिथि, नहीं दिखाई रुचि, अब 102 दुकानों के लिए फिर मांगे आवेदन
--Advertisement--

राशन दुकानों के लिए चार बार बढ़ाई आवेदन तिथि, नहीं दिखाई रुचि, अब 102 दुकानों के लिए फिर मांगे आवेदन

भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत उचित मूल्य की रिक्त और नवसृजित 102 दुकानों के...

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2018, 05:35 AM IST
भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत उचित मूल्य की रिक्त और नवसृजित 102 दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिसमें 93 दुकानें पिछले काफी समय से रिक्त चल रही थीं। दरअसल जिले में स्वीकृत 1453 दुकानों में से विभिन्न तहसील क्षेत्रों में 130 दुकानें अरसे से उचित मूल्य की दुकानें रिक्त पड़ी थी। इनमें अधिकांश में व्यवस्थार्थ पड़ोस के राशन रिटेलरों द्वारा दुकान का संचालन करवाया जा रहा था। इससे दोनों ही दुकानों के संचालन में दिक्कत आ रही थी। विभाग ने रिक्त 91 दुकानों पर रिटेलर नियुक्त करने के लिए गत वर्ष 22 सितम्बर को विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगे थे। आवेदन की आखिरी तारीख 24 अक्टूबर रखी गई।

24 नवम्बर व फिर 24 दिसम्बर तक बढ़ाने के बाद भी इनमें से 34 दुकानों के लिए केवल 60 लोगों ने रुचि दिखाकर आवेदन जमा करवाए। जबकि 57 दुकानों के लिए एक भी आवेदन नहीं मिला। इस पर रसद विभाग ने 9 जनवरी को वापस संशोधित विज्ञप्ति जारी कर 30 जनवरी तक 57 दुकानों के लिए आवेदन मांगे हैं। जानकारी के अनुसार 10 दिन में विभाग के कार्यालय में एक भी आवेदक ने संपर्क नहीं किया। लिहाजा इस बार 9 नवसृजित दुकानों के साथ लम्बे समय से रिक्त चल रही 93 दुकानों समेत 102 दुकानों के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक आवेदक जिला रसद कार्यालय से निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त कर 13 जुलाई को शाम 5 बजे तक निर्धारित शुल्क 100 रुपए के पोस्टल ऑर्डर के साथ जमा करवा सकते हैं।

सबसे ज्यादा नागौर और डीडवाना में 15-15 दुकानें

खींवसर में बिरलोका, लालावास, बैराथल कलां, माडपुरा, ढींगसरा, सिन्धीपुरा, नैणाउ (रिक्त), पापासनी (नवसृजित), नागौर में दुकोसी, बासनी वार्ड 6-20, बासनी वार्ड 26-35, कुम्हारी, सिणोद, फागली, रातड़ी, छीला, पीपासर, चाउ, पैरावा, भाकरोद, मूंडवा में फिड़ौद व जायल में आंवलियासर, बोसेरी, झाड़ेली, छाजोली, कमेडिय़ा, जायल वार्ड 7-12, जायल वार्ड 18, 20-22(रिक्त), बुगरड़ा (नवसृजित) के लिए आवेदन मांगे हैं। इसी प्रकार लाडनूं में भरनावा, निम्बीजोधा, सींवा, सांवराद, बल्दू, जसवंतगढ़, डीडवाना में लाडावास, खरवालिया, बेड़वा, निम्बी खुर्द, अहीरों का बास, बेमोठ, खुड़ी, आकोदा, खोजास, सानिया, केराप, रणसीसर चारणां, छोटी खाटू वार्ड 16-19(सभी रिक्त), चांदबासनी, शेरानी आबाद (नवसृजित), रियांबड़ी में आलनियावास, सूरियास, भैरुन्दा वार्ड 12-17ए बनवाड़ा (सभी रिक्त), गंवारड़ी (नवसृजित), मेड़ता सिटी तहसील में कुरड़ाया, दधवाड़ा, मेड़ता शहर वार्ड नं. 19(सभी रिक्त),डाबरियानी कलां (नवसृजित), डेगाना में गोनरड़ा, पुन्दलोता, चौलियास, बच्छवास, निम्बोला कलां, जालसूखुर्द, बच्छवारी (सभी रिक्त), कुचामन सिटी में नारायणपुरा, लालास (सभी रिक्त), शिव, चितावा (नवसृजित), परबतसर में मायापुर, आंतरोली, बागोट, बस्सी, पीलवा, नेतियास, सिटावट, नावां में उलाणा, पांचौता, देवलीकलां, मीण्डा, महाराजपुरा, चौसला, मकराना में बिल्लू-1, बिल्लू-2, मोरेड़-1, मोरेड़-2, सबलपुर, सिणियां, निम्बड़ी, लाडोली, जूसरी ओम कॉलोनी, डाबरिया, देवरी-सूरतपुरा, बरवाला, चावण्डिया आदि लोकेशन की दुकानों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है।

पोस मशीन की अनिवार्यता से हो रहा लोगों का मोहभंग, क्योंकि पारदर्शिता से खत्म हो गई अब ‘ऊपर’ की कमाई

...और हालत यह कि

जिले में 30 से अधिक दुकान पड़ोसियों के भरोसे चल रहीं

राशन की दुकान कुछ समय पूर्व तक अच्छी खासी कमाई का जरिया मानी जाती थी और आवंटित कराने के लिए भी सिफारिशें लगानी पड़ती थी। लेकिन जब से यहां पोस मशीन की अनिवार्यता लागू की गई है, लोगों का इससे मोहभंग हो रहा है। हालात इस कदर बदल गए हैं कि इन दुकानों के लिए आवेदन करने वाले नहीं मिल रहे हैं। पारदर्शिता बढ़ने के बाद ‘ऊपर’ की कमाई की गुंजाइश खत्म हो गई और खर्चे भारी पड़ने लग गए। ऐसे में कोई भी दुकान लेने के लिए आगे नहीं आ रहा। यही कारण है कि जिले में 90 से ज्यादा दुकानें पड़ोसी दुकान के रिटेलर के भरोसे चल रही हैं।

X
Click to listen..