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जोगेश्वर महादेव मंदिर में सहस्त्र घट जलधारा 1008 घड़ों से किया भगवान शिव का जलाभिषेक

भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी शहर के जोगेश्वर मंदिर में शनिवार को सहस्त्र घट रुद्राभिषेक का आयोजन हुआ। इस अवसर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 12, 2018, 05:36 AM IST

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    भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी

    शहर के जोगेश्वर मंदिर में शनिवार को सहस्त्र घट रुद्राभिषेक का आयोजन हुआ। इस अवसर पर पुष्करणा समाज के जोगेश्वर महादेव ट्रस्ट की ओर से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान जोगेश्वर महादेव का रूद्राभिषेक किया गया। ट्रस्ट सचिव श्यामलाल व्यास ने बताया कि इस अवसर पर सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पीठ पूजन किया गया। इसके बाद ज्यातिषाचार्य अशोक मिश्रा उड़ीसा के नेतृत्व में पंडित गिरजाकांत व्यास, रामकृपालु शास्त्री, नीतेश नारायण व्यास, विमलेश व्यास, ऋषिकेश शर्मा, रविशंकर, अग्नि उपाध्याय, विजय किशन व्यास ने मंत्रोच्चार के साथ रुद्र का पाठ किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने 1008 घड़ों से भगवान जोगेश्वर महादेव का सहस्त्र घट रुद्राभिषेक किया। इससे पहले मुख्य यजमान ट्रस्टी एडवोकेट मधुसूदन जोशी व सविता जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना कर महादेव का दुग्धाभिषेक व जलाभिषेक किया। अभिषेक के बाद भगवान जोगेश्वर महादेव का शृंगार कर महाआरती उतारी। अंत में महाप्रसादी का आयोजन हुआ। इस दौरान बीके व्यास सागर, सुरेश व्यास, नरेश व्यास, नवनीत सोनी, भैरूकिशन जोशी, हुक्माराम भाटी, ज्योतिप्रकाश सोनी, विकास बोहरा, गोपाल व्यास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

    पुष्करणा समाज के जोगेश्वर महादेव ट्रस्ट की ओर से किया गया आयोजन

    मेड़ता सिटी. जोगेश्वर महादेव मंदिर में सहस्त्र घट जलाभिषेक करते श्रद्धालु।

    सदगुरु के बिना जीवन का कल्याण असंभव

    मेड़ता सिटी (आंचलिक) | संत पांचाराम महाराज ने कहा कि परमात्मा का गुणगान करने वाला उपकार मानने वाला कल्याण का अधिकारी होता है। महाराज शनिवार को दरियावजी खेजड़ा प्रांगण में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन कर रहे थे। आंतरिक अज्ञान रूपी अंधेरा सदगुरु के ज्ञान से मिटता है। भक्ति का ज्ञान सदगुरु देते है। भगवान के वास्तविक स्वरूप का अभ्यास गुरु करवाते है। गुरु के बिना वास्तविक कल्याण असंभव है। संत जीवन मुक्त होते है। गुरु की कृपा से ही जीव का कल्याण होता है। गुरु शिष्य का योग आलौकिक होता है। इस मौके पर अनेक श्रद्धालु मौजूद थे।

    आकेली ए में चातुर्मास कार्यक्रम में सत्संग आयोजित

    कात्यासनी | गांव आकेली ए में स्थित ब्रह्मराम जी की बगेची में चातुर्मास के तहत सत्संग किया जा रहा है। शनिवार को संत भागीरथ राम शास्त्री ने कहा कि मनुष्य को प्रणाम जरूर करना चाहिए। माता, पिता, गुरु, अतिथि व बुजुर्गों को प्रणाम करने से आयु, यश, बल में हमेशा वृद्धि होती है। उन्होंने प्रणाम का महत्व बताते हुए कहा कि मनुष्य जितना झुक कर चलेगा उतना ही वह आगे बढ़ेगा। प्रणाम करने से ही मनुष्य का आध्यात्मिक विकास होगा व जीवन भी उन्नत होगा। मेहनत के साथ साथ यदि बड़े बुजुर्गों व माता-पिता का आशीर्वाद मिलता है तो सभी संकट दूर हो जाते हैं और मनुष्य की हर मनोकामना पूरी हो जाती है। संत भागीरथ राम ने माता-पिता के भक्त श्रवण कुमार का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह श्रवणकुमार ने माता-पिता की सेवा की और उसका नाम इतिहास में अमर हो गया। उन्होंने कहा कि बहुओं को अपनी सास के पैर छूने चाहिए। सासु मां के आशीर्वाद से बहुओं की उन्नति होगी और घर में कभी कभार होने वाला मनमुटाव भी खत्म हो जाएगा। कार्यक्रम में संत मुमुक्षराम महाराज ने भजन पेश किया। इस दौरान आकेली सहित कात्यासनी, बड़गांव, खाखड़की, फालकी व गेमलियावास सहित अनेक गांवों के लोग मौजूद थे।

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