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मन, कर्म व वचन से किसी को दुख न पहुंचे, ऐसे प्रयास होने चाहिए : संत गोरधनदास

भास्कर संवाददाता |मेड़ता रोड कस्बे में स्थित प्रीतमदास जी के रामद्वारा में चल रही कथा के दौरान रविवार को संत...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 13, 2018, 05:50 AM IST

भास्कर संवाददाता |मेड़ता रोड

कस्बे में स्थित प्रीतमदास जी के रामद्वारा में चल रही कथा के दौरान रविवार को संत गोरधनदास रामस्नेही ने प्रवचन देते हुए कहा कि मनुष्य को सत्संग नियमित रूप से करनी चाहिए।

सत्संग से स्वयं का मन शुद्ध होता है तो आस-पास का वातावरण भी शुद्ध हो जाता है। सत्संग किसी भी समय की जा सकती है। अच्छे गृहस्थी को परिवार में सामंजस्य से रहना चाहिए व परिजनों का ख्याल रखते हुए एक दूसरे का ध्यान रखना चाहिए, मन, कर्म व वचन से किसी को भी तकलीफ ना हो ऐसा प्रयास करना चाहिए। सदा सत्य बोले, मीठा बोले। इस दाैरान महाराज ने कहा कि हमारे द्वारा बोले गए शब्द ही हमारे व्यवहार को प्रभावित करते है। शास्त्रों में बताया गया है हमारी मीठी वाणी मधुर रिशते बना देती है। वहीं कड़वे शब्द युद्ध भी करा देते है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन में प्रभु नाम के सुमिरन से ही जीवन का कल्याण संभव होगा। कथा में जुगलकिशोर जोशी, नरेन्द्र, लालदास वैष्णव, कमल शर्मा, राधेश्याम जांगला सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित हुए।

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