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चारभुजा-मीरा मंदिर में एकादशी पर जागरण, कलाकारों ने दी भजनों की प्रस्तुति, फिल्म निर्देशक मुदगल भी पहुंचे

भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी चारभुजानाथ-मीरा मंदिर में एकादशी के मौके पर बुधवार को रातभर जागरण हुआ। जागरण मंडल...

Danik Bhaskar | Aug 10, 2018, 05:55 AM IST
भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी

चारभुजानाथ-मीरा मंदिर में एकादशी के मौके पर बुधवार को रातभर जागरण हुआ। जागरण मंडल के अध्यक्ष सुमतिलाल शर्मा ने गणेश वंदना की। उन्होंने मैं अर्ज करूं कर जोड़ सुनो छोगाला, म्होरे चारभुजा नाथ मेड़ता वाला भजन गया। ऋषिराज शर्मा ने बाला मैं वैरागण होउंगी, अशोक शर्मा ईड़वा ने म्हारा सांवरा म्हे तेरा गुण गाउं भजन गाया। ईड़वा के नाथूराम ने नाथ म्हारो कांई बिगाड़े, पप्पू सातलावास ने सावन आयो आवो नंदलाल, घनश्याम अरनियाला ने नाम बिना भ्रम कर्म कैसे छूटे, प्रकाश व्यास ने तेरी भक्ति में कौन सुख पायो रे और पिन्टू रामावत ने तारा ही तारा, सारा जमाना, श्याम हमको भी तारा, गिरधारी लाल शर्मा ने गोपाल लाल म्हे तो राज रा डेरा निरखण आया, जगदीश गुजराती ने प्रभु मेरे अवगुण चित्त न धरो, टंवर सिंह ने दिन होता नहीं एक समाना और रजनीश शर्मा ने आजा मनमोहन मीरा मेड़तली बुलावे भजन की प्रस्तुति दी। नंदकिशोर कथाव्यास, नौरतमल आसीवाल, रामेश्वर इंद्राणिया, श्याम सिखवाल, रमेश डांगावास, सियाराम, घेवरराम, सेवाराम, राधेश्याम गहलोत, मंगेश सेन, जुगल वैष्णव और उदयराज आदि ने भी भजन गाए।

सत्संग से तय होती है जीवन की दिशाएं: संत गोरधनदास

मेड़ता रोड| कस्बे में स्थित प्रीतमदास के रामद्वारा में चल रही कथा के दौरान गुरूवार को संत गोरधनदास रामस्नेही ने प्रवचन देते हुए कहा कि सत्संग जीवन की दिशा निर्धारित करती है। इसमें दो शक्तियां हमेशा कार्यरत रहती है। बुरी और अच्छी। उन्होंने कहा कि अच्छाई की कई संस्थाएं है। लेकिन बुराई सिखाने की एक भी पाठशाला नहीं है फिर भी बुराई को हम बहुत जल्दी अपना लेते है। और अच्छाई को बार-बार बताने के बाद भी ग्रहण नहीं करते है। इसलिए भक्तों को हमेशा भगवान का स्मरण करते रहना चाहिए। इस मौके पर महंत मोहनराम रामस्नेही, संत दौलतराम, नंदलाल दवेरा, राधेश्याम शर्मा, कमल शर्मा, पुखराज जांगिड़, गोवर्धनराम दवेरा सहित श्रद्धालु मौजूद थे।

फिल्म निर्देशक मुदगल का किया स्वागत

जागरण में कई हिंदी फिल्मों और नाटकों का निर्देशन कर चुके सुरेश मुदगल भी चारभुजा मंदिर पहुंचे। उनका चारभुजा जागरण मंडल की ओर से स्वागत किया गया। इस दौरान बीके सागर भी साथ थे। सागर ने बताया कि वे मीरा बाई के जीवन पर आधारित एक राजस्थानी फिल्म की शूटिंग मेड़ता सहित आस पास के गांवों में शुरू कर रहे हैं। वे खुद फिल्म का निर्देशन करेंगे। इस दौरान रामाकिशन प्रजापत, झूमरलाल पारीक, पं. लक्ष्मीनारायण व्यास, आदित्येंद्र दवे, अशोक राठी, कुंजबिहारी शर्मा, बाबू अरोड़ा और रामकुमार जांगिड़ आदि मौजूद थे।

रेण| कस्बे के लाखा सागर सरोवर पर स्थित राम धाम देवल में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान गुरुवार को सत्संग भवन में दरियाव ट्रस्ट के सचिव व उत्तराधिकारी सज्जन महाराज ने कहा कि साधक (भक्तों) को देशभक्त की तरह साधना में निरंतर लगे रहना चाहिए। साधना काल में साधक के जीवन में स्वयं के पाप कर्म संगठित होकर, एक सेना की तरह आक्रमण करके उससे साधना मार्ग से गिराने का प्रयास करते हैं परंतु राम का प्रेमी शूरवीर भजनानंदी साधक उस कर्म रूपी सेना से संघर्ष करके, अपनी तीव्र साधना शक्ति से उसे परास्त कर देता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर स्मरण, समाज सेवा, देश सेवा जैसे शुभ कार्यों में विघ्न आना स्वाभाविक है परंतु साधक को विघ्नों को देखकर निराश नहीं होना चाहिए। इस दौरान धन एवं बल समर्थ होकर असहाय, दीन-दुखियों पर अत्याचार करना वीरता नहीं है बल्कि निर्बलों की सहायता करना तथा अपने दुष्कर्मों एवं अविवेक पर विजय प्राप्त करने वाला ही सच्चा शूरवीर होता है।