Hindi News »Rajasthan »Merta» पंपिंग स्टेशन में 1100 एमएम का लगाया हैडर, इसी वर्ष 100 गांव-ढाणियों में मीठा पानी देने का लक्ष्य

पंपिंग स्टेशन में 1100 एमएम का लगाया हैडर, इसी वर्ष 100 गांव-ढाणियों में मीठा पानी देने का लक्ष्य

भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी विगत दो सालों से सूने पड़े नहरी परियोजना के तहत मेड़ता शहर में बने पंपिंग स्टेशन में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 13, 2018, 06:00 AM IST

पंपिंग स्टेशन में 1100 एमएम का लगाया हैडर, इसी वर्ष 100 गांव-ढाणियों में मीठा पानी देने का लक्ष्य
भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी

विगत दो सालों से सूने पड़े नहरी परियोजना के तहत मेड़ता शहर में बने पंपिंग स्टेशन में इन दिनों रौनक लौट आई है। हैदराबाद की मैसर्स रामकी एण्ड संस तथा जोधपुर की मैसर्स पप्पूराम डारा एण्ड कंपनी के ज्वाइंट वेंचर में 163 करोड़ रुपए की नहरी परियोजना के काम ने गति पकड़ ली है। इसके लिए पंपिंग स्टेशन में 1100 एमएम का हैडर लगाकर 26 पंप सेट लगाने के लिए फाउण्डेशन तैयार हो गए हैं। यहां 26 पंप सेटों के जरिये नहरी पानी को मेड़ता व डेगाना विधानसभा के 6 गांवों में बने पंप हाउस पर सप्लाई किया जाएगा। ठेकेदारी फर्म के कार्मिक निर्माण कार्य को पूरा करने में जुटे हुए हैं। आगामी 2-3 माह में रियांबड़ी, भंवाल, पादूकलां, डोडियाना, थांवला तथा इंदावड़ गांव में निर्माणधीन पंप हाउस में नहरी मीठे पानी की सप्लाई होगी। जानकारों की मानें तो आगामी 2 माह में इंदावड़ तथा भंवाल में बन रहे पंप हाउस से जुड़े 50 गांव-ढाणियों में मीठे पानी की सप्लाई शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में करीब 176 गांवों में नहरी पानी पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। चूंकि नहरी परियोजना का काम लगातार दो साल बंद रहा इस कारण यह परियोजना लेटलतीफी की शिकार हो गई। मगर सरकार ने चुनाव नजदीक आते देख परियोजना के अधूरे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने पर पूरा फोकस कर दिया है। हालांकि इस परियोजना के विभिन्न कार्यों की रि-टेंडरिंग के तहत जारी किए गए वर्क ऑर्डर में सरकार ने मई 2020 तक 176 गांवों में अंतिम छोर तक नहरी पानी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं

इसलिए लेटलतीफी का शिकार हुई थी ये नहरी परियोजना

गौरतलब है कि मेड़ता व डेगाना विधानसभा के 176 गांवों में नहरी पानी पहुंचाने के लिए प्रथम चरण में वर्ष 2012 में मंजूरी की गई थी। तब मुंबई की मैसर्स केएसएस पेट्रोन इंडिया नामक ठेकेदारी फर्म ने काम शुरू किया। सुस्त कार्यशैली से नाराज होकर जब सरकार ने ठेकेदारी फर्म पर पेनल्टी ठोकी तो नाराज फर्म ने परियोजना को अधूरी छोड़ काम रोक दिया। ऐसे में 176 करोड़ में से मात्र 67 करोड़ रुपए के काम ही हुए। यानि 60 प्रतिशत नहरी परियोजना का काम अधूरा रह गया। इसके बाद सरकार ने नए सिरे से नवंबर 2016 में निविदाएं आमंत्रित की। निविदाएं मिलने के बाद सरकार व परियोजना के अभियंता निविदाओं पर कोई निर्णय लेते इससे पहले ही मामला विवादों में आ गया था। इसी दौरान मामला कोर्ट तक भी पहुंच गया था।

मेड़ता सिटी. सीडब्ल्यूआर के पास निर्माणाधीन उच्च जलाशय।

33 केवी का जीएसएस भी बनाया जाएगा

पंप हाउसों के पास ही 33केवी के जीएसएस का भी निर्माण होगा। हाउसों में 700 केवी के दो-दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। बिजली आपूर्ति के अभाव में अक्सर जलापूर्ति बाधित होती है इसलिए पहले से ही पंप हाउस में नहरी परियोजना के तहत खुद के जीएसएस का निर्माण कर ट्रांसफॉर्मर लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

हमने बंद पड़े कार्यों को नए सिरे से शुरू करवा दिया है

मेड़ता व डेगाना विधानसभा क्षेत्र के 176 गांवों में नहरी पानी पहुंचाने के लिए कार्यों को गति प्रदान कर दी है। बंद पड़े कार्यों को नए सिरे से शुरू करवाया है। शहर के पंपिंग हाउस में भी पाइप लगाने व पंप सेट के लिए फाउण्डेशन का काम लगभग पूर्ण हो गया है। इसी साल 100 गांव- ढाणियों तक मीठा पानी पहुंचाना प्राथमिकता है। मनोहर सोनगरा, एक्सईएन, नहरी परियोजना, मेड़ता

ये निर्माण कार्य 2015 में होने थे पूरे, अब हुए शुरू

मेड़ता सिटी, इंदावड़, डोडियाना, थांवला, भंवाल, पादूकलां और रियांबड़ी मिलाकर 7 पंप हाउस बनने थे मगर 2 साल काम बंद रहने से यहां आधा अधूरा निर्माण ही था। अब अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए नई फर्म ने कार्य को गति प्रदान कर दी है तथा सभी जगह तेज गति से निर्माण कार्य चल रहे हैं।

छह गांवों में भूतल स्वच्छ जलाशय बनने प्रस्तावित थे। ये कार्य 2015 में पूर्ण किए जाने थे। काम बंद होने से निर्माण अटके पड़े थे। अब इंदावड़, भंवाल, डोडियाना, रियांबड़ी, थांवला में 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

मेड़ता क्षेत्र के 40 गांवों में टंकियों का निर्माण शुरू होकर अटका पड़ा है।

जबकि 16 गांवों में निर्माण शुरू ही नहीं हो पाया था मगर अब 2 माह में सभी गांवों में निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। दीपावली से पहले सभी टंकियों का निर्माण पूरा हो जाएगा। कार्य पूरे होने से लोगों को राहत मिलेगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Merta

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×